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बिहार में बाढ़ नहीं बांधों के खराब प्रबंधन ने बिगाड़े हालात

Wed, 24 Aug 2016 02:01 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 24 Aug 2016 02:01 PM IST
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Bihar: Mismanagement is responsible for flood in state

बिहार में बाढ़ के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त हो गया है राज्य के बीस से ज्यादा जिले इसकी चपेट में हैं और लाखों की आबादी घरबार छोड़ने को मजबूर है। पहली नजर में यह कुदरत का कहर ही नजर आता है जिससे बिहार जूझ रहा है।

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लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिहार में अभी तक सामान्य से कम बारिश हुई है? हर बार बिहार में बाढ़ का कारण बनने वाला नेपाल से छोड़ा जाने वाला नदियों का पानी भी इस बार नहीं छोड़ा गया? तो फिर क्या वजह है बाढ़ की। 
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इसकी असली वजह है बांधों का खराब प्रबंधन। बारिश आने से पहले सालभर सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी रही और बांधों की गाद साफ करने के संबंध में कोई नीति या व्यवस्‍था नहीं बनाई गई नतीजतन थोड़ी सी बारिश में ही बांध ओवरफ्लो हो गए। 

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फरक्का बांध पर सिल्ट जमा होने से बिगड़े हालात

Bihar: Mismanagement is responsible for flood in state

इसके अलावा बांधों से पानी छोड़ने में भी कोई व्यवस्‍था नहीं बनाई गई। बांधों के भरते ही एक साथ पानी छोड़ दिया गया जिससे बिना वजह राज्य में बाढ़ के हालात पैदा हो गए। 

हालांकि समस्या की गंभीरता का अंदाजा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी है इसलिए उन्होंने मंगलवार को प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान भी इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने बांधों की गाद साफ करने के लिए भी एक नीती बनाने की मांग की साथ ही नमामि गंगा परियोजना में भी इस पर ध्यान देने की अपील की। 

बांधों की अव्यवस्‍था का ही आलम रहा कि इसकी वजह से पडोसी मध्यप्रदेश और पश्चिम बंगाल राज्य में भी कई इलाकों में बाढ़ के हालात पैदा हो गए। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार मध्यप्रदेश के बनसागर बांध में पिछले एक महीने से लगातार पानी भर रहा था लेकिन बांध के गेट नहीं खोले गए। 

प्रदेश सरकार की व्यवस्‍था पर उठे सवाल

Bihar: Mismanagement is responsible for flood in state

इसमें से 19 अगस्त को पानी तब छोड़ा गया जब बांध पानी से 95.22 फीसदी तक भर गया। इसके बाद 18 में से 16 गेट एकदम खोल दिए गए जिससे गंगा यूपी बिहार के कई क्षेत्रों में ओवरफ्लो हो गई। 

पर्यावरण विशेषज्ञ हिंमाशु ठक्कर ने बताया कि बनसागर बांध से एकसाथ पानी न छोड़ जाता तो बिहार और यूपी में बाढ़ के हालात न बनते। अब जरूरत है कि बांधों में सिल्ट प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय नीति बनाई जाए। बिहार के फरक्का बांध पर भी सिल्ट के कारण ऐसे हालात हैं। 

ठक्कर बताते हैं कि फिलहाल बिहार में बाढ़ की मुख्य वजह फरक्का बांध का कुप्रबंधन है। फरक्का बांध में अत्यधिक मात्रा में गाद जमा होने के कारण गंगा में बाढ़ की स्थिति बन गई। अब हमें बांधों की जरूरत पर भी एक बार दोबारा गौर करने की जरूरत है।

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