बिहारः 50 लाख की रंगदारी के लिए तीन दिन से अपहृत छात्र की हत्या
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बिहार में अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं यही कारण है कि राज्य में रंगदारी का धंधा एक बार फिर जोर पकड़ता दिख रहा है। प्रदेश के जहानाबाद में 50 लाख की रंगदारी के लिए अपहृत किए गए छात्र का शव तीन दिन बाद लावारिस पड़ा मिला।
उसका सिर बुरी तरह कुचला हुआ था और हाथ पैर पीछे बंधे हुए थे। उसके शरीर को जलाने का प्रयास भी किया गया था, जिससे शव की पहचान नहीं हो सके। मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
एनडीटीवी की खबर के अनुसार नालंदा जिले में चावल की मिल चलाने वाले व्यापारी के 15 वर्षीय बेटे का तीन दिन पहले उस समय अपहरण कर लिया गया था जब वह क्रिकेट खेलने के लिए घर से बाहर गया था। सुबह छह बजे घर से निकलते ही बदमाशों ने उसका अपहरण कर लिया, बाद में उसके पिता के फोन पर फिरौती की रकम के लिए फोन आ गया।
पिता से फोन पर मांगी गई थी रंगदारी
मृतक के पिता निरंजन प्रसाद ने बताया कि दूसरी तरफ से फोन करने वाले व्यक्ति ने बताया मुझे बेटे को छुड़ाने के लिए पैसे देने होंगे, मैंने कहा मैं पैसे दे दूंगा लेकिन पहले मुझे अपने बेटे से बात करनी है। लेकिन इस पर फोन स्विच ऑफ हो गया और उसके बाद कोई संपर्क नहीं हो सका।
पुलिस ने बताया कि कथित अपहरणकर्ता लड़के को जानते थे और उसे पहचानने के डर से ही उसकी हत्या कर दी। मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
अपहरण में तीन लोग शामिल थे उनमें से दो गिरफ्तार कर लिए गए हैं, एक अभी फरार है। पटना के डीआईजी शालीन ने बताया कि लड़के की हत्या अपहरण करने के पहले दिन ही कर दी गई थी। बदकिस्मती से हम उसे बचा नहीं सके।