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Bihar: स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही, समस्तीपुर में लावारिस हालत में मिलीं लाखों की दवाईयां
Thu, 02 Nov 2023 12:17 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: नितिन गौतम
Updated Thu, 02 Nov 2023 12:17 PM IST
सार
प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अरविंद कुमार ने कहा कि दवा फेंके जाने की जानकारी मिली है। मौके पर जाकर मामले की जांच करेंगे। दवा के बैच नंबर से यह पता चल सकेगा कि दवा किस पीएचसी के लिए जिला स्टोर से आपूर्ति की गई है।
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लावारिस मिलीं लाखों की दवाईयां
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
बिहार में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आयी है। दरअसल समस्तीपुर जिले के हसनपुर प्रखंड में भाड़ी मात्रा में सरकारी अस्पतालों में सप्लाई की जाने वाली दवाएं लावारिस हालत में पड़ी मिली हैं। बरामद दवाओं में आयरन और फोलिक एडिस के अलावा अन्य दवाएं भी शामिल हैं। कुछ दवाएं एक्सपायर हैं जबकि आयरन व फोलिक एडिस दवा की एक्सपाइरी दिसंबर 2024 है। गुरुवार सुबह खेत जा रहे किसानों की नजर दवा पर पड़ी तो मामले की जानकारी हसनपुर पीएचसी को दी गई है। उधर, प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अरविंद कुमार ने कहा कि दवा फेंके जाने की जानकारी मिली है। मौके पर जाकर मामले की जांच करेंगे। दवा के बैच नंबर से यह पता चल सकेगा कि दवा किस पीएचसी के लिए जिला स्टोर से आपूर्ति की गई है।
सुबह खेत जा रहे किसानों की पड़ी नजर
सुबह खेत जा रहे सुरहा गांव के मुकेश कुमार यादव ने बताया कि वह खेत जा रहे थे तो देखा कि सड़क किनारे गढ्ढे में भारी मात्रा में दवाईयां फेंकी हुई हैं। जिसमें कई एक्सपायर हैं और कई दवाओं की एक्सपाइरी 2024 है। दवा एक पिकअप से कम नहीं होंगी। उन्होंने कहा कि हॉस्पिटल को सुबह बताया गया लेकिन अबतक कोई नहीं आया है। गांव के ही कर्नल कुमार बताते हैं कि सभी दवा के रेपर पर बिहार सरकार लिखा हुआ है। एक तो हॉस्पिटल में लोगों को दवा दी नहीं जाती ऊपर से इतनी संख्या में दवा फेंक दी गई है।
गर्भवती महिलाओं को खून की कमी को दूर करने के लिए दी जाती दवा
प्रखंड चिकित्सा पदाधिकार डॉ अरविंद कुमार ने कहा कि आयरन व फोलिक एडिस की दवा गर्भवती महिलाओं को खून की कमी को दूर करने के लिए दी जाती है। खास कर यह दवा आशा को उपलब्ध कराई जाती है ताकि वह गांव में जाकर गर्भवती महिला को दवा उपलब्ध करा सके। पूरे मामले की जांच की जाएगी। दोषी पर कार्रवाई होगी।
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सुबह खेत जा रहे किसानों की पड़ी नजर
सुबह खेत जा रहे सुरहा गांव के मुकेश कुमार यादव ने बताया कि वह खेत जा रहे थे तो देखा कि सड़क किनारे गढ्ढे में भारी मात्रा में दवाईयां फेंकी हुई हैं। जिसमें कई एक्सपायर हैं और कई दवाओं की एक्सपाइरी 2024 है। दवा एक पिकअप से कम नहीं होंगी। उन्होंने कहा कि हॉस्पिटल को सुबह बताया गया लेकिन अबतक कोई नहीं आया है। गांव के ही कर्नल कुमार बताते हैं कि सभी दवा के रेपर पर बिहार सरकार लिखा हुआ है। एक तो हॉस्पिटल में लोगों को दवा दी नहीं जाती ऊपर से इतनी संख्या में दवा फेंक दी गई है।
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गर्भवती महिलाओं को खून की कमी को दूर करने के लिए दी जाती दवा
प्रखंड चिकित्सा पदाधिकार डॉ अरविंद कुमार ने कहा कि आयरन व फोलिक एडिस की दवा गर्भवती महिलाओं को खून की कमी को दूर करने के लिए दी जाती है। खास कर यह दवा आशा को उपलब्ध कराई जाती है ताकि वह गांव में जाकर गर्भवती महिला को दवा उपलब्ध करा सके। पूरे मामले की जांच की जाएगी। दोषी पर कार्रवाई होगी।
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