बिहार सरकार ने वायु प्रदूषण पर लिए बड़े फैसले, वाहनों के साथ किसानों पर भी होगी सख्ती
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बिहार में वायु प्रदूषण की भयावह स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने सोमवार को एक बैठक में बड़े फैसले लिए हैं। इस बैठक में बिहार में 15 साल पुराने सभी सरकारी व व्यावसायिक वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दी गई है।
15 वर्ष से अधिक पुराने निजी वाहन को फिर से प्रदूषण से संबंधित फिटनेस प्रमाण पत्र लेना होगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को पर्यावरण संबंधी भीषण समस्या पर उच्चस्तरीय बैठक में ये निर्णय लिए गए।
राज्य के मुख्य सचिव दीपक कुमार ने मुख्यमंत्री की बैठक में लिए गए निर्णयों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बड़ी संख्या में किरासन मिश्रित डीजल से वाहन चल रहे हैं। पटना में प्रदूषण की ये भी बड़ी वजह है।
Bihar Chief Secy: Commercial vehicles more than 15-yrs-old will be banned in Patna&adjacent regions.Transport dept is starting a special drive tomorrow, camps will be set up where pvt vehicles more than 15-yrs-old,can undergo pollution tests.They'll be allowed only after it(4.11) https://t.co/SyCiZxBOYx
— ANI (@ANI) November 4, 2019
बैठक में पुआल जलाने से होने वाले प्रदूषण को रोकने का भी निर्णय लिया गया
बैठक में पुआल जलाने से होने वाले प्रदूषण को रोकने का भी निर्णय लिया गया। किसानों को पुआल जलाने पर कृषि से संबंधित सब्सिडी नहीं दी जाएगी। फसल अवशेष को जलाने से रोकने के लिए उसे जल-जीवन-हरियाली अभियान से जोडऩा होगा।
बता दें कि बिहार के प्रमुख शहरों में वायु प्रदूषण की भयावह स्थिति हो गई है। देश में सर्वाधिक वायु प्रदूषण वाले 10 शहरों में बिहार की राजधानी पटना भी है। मुजफ्फरपुर और गया की भी स्थिति इस मामले में बदतर है।