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Bihar Textile and Leather Policy: बिहार सरकार ने औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति को दी मंजूरी, निवेश को आकर्षित करने में मिलेगी मदद

Fri, 27 May 2022 02:12 AM IST
देव कश्यप पीटीआई, पटना।
पीटीआई, पटना। Published by: देव कश्यप Updated Fri, 27 May 2022 02:12 AM IST
सार

सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ ने कहा कि कृषि के बाद वस्त्र एवं चर्म क्षेत्र और इनकी अनुषंगी उत्पादन इकाइयां अधिकतम रोजगार के अवसर उपलब्ध कराती है। वस्त्र एवं चर्म क्षेत्र से संबंधित उद्योग श्रम उन्मुख उद्योग है और इनमें राज्य के आर्थिक विकास की व्यापक संभावनाएं हैं।

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Bihar government approves of new textile and leather policy
बिहार के उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन। - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)

विस्तार

बिहार सरकार ने राज्य में अधिक-से-अधिक निवेशकों को आकर्षित करने के लिए बहुप्रतीक्षित बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति (वस्त्र एवं चर्म नीति) 2022 को गुरुवार को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ ने संवाददाताओं को बताया कि मंत्रिपरिषद ने बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति (वस्त्र एवं चर्म नीति) 2022 को स्वीकृति प्रदान कर दी है।

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उन्होंने कहा कि कृषि के बाद वस्त्र एवं चर्म क्षेत्र और इनकी अनुषंगी उत्पादन इकाइयां अधिकतम रोजगार के अवसर उपलब्ध कराती है। वस्त्र एवं चर्म क्षेत्र से संबंधित उद्योग श्रम उन्मुख उद्योग है तथा इनमें राज्य के आर्थिक विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। सिद्धार्थ ने कहा कि बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति (वस्त्र एवं चर्म नीति) का उद्देश्य वस्त्र, पोशाक, रेशम विद्युत चरखा, चमड़ा, सभी तरह के जूते तथा सम्बद्ध उद्योगों के समग्र विकास को बढ़ावा देना तथा निवेश सुविधा को प्रोत्साहित करना है।
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उन्होंने कहा कि बिहार जल्द ही कपड़ा और चमड़ा उद्योग का हब बनेगा और राज्य के लोगों के लिए रोजगार भी पैदा करेगा। इस नीति के तहत बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2016 के अन्तर्गत मिलने वाले लाभों के अतिरिक्त औद्योगिक इकाइयों को बिजली शुल्क, रोजगार अनुदान, पूंजीगत अनुदान, मालभाड़ा अनुदान और पेटेंट सब्सिडी समेत अन्य लाभ का भी प्रावधान किया गया है।
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उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इस नीति अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के इच्छुक निवेशकों को आवश्यक सहायता/सुविधा प्रदान की जाएगी जिससे निवेश के नए अवसर सृजित होंगे। इससे सामाजिक विकास तथा रोजगार के नए अवसरों के सृजन के साथ ही स्वदेशी एवं विदेशी निवेश को आकर्षित करने में मदद मिलेगी ।


सिद्धार्थ ने कहा कि इस नीति के अन्तर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए इकाइयों को 30 जून 2023 तक ऑनलाइन आवेदन करना होगा। सिद्धार्थ ने कहा कि गुरुवार को मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 18 एजेंडों पर निर्णय लिया गया।

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