बिहार बाढ़: तैरने वाला समाज आखिर डूब क्यों रहा है?

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर Updated Tue, 08 Sep 2020 04:18 AM IST
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बिहार में बाढ़
बिहार में बाढ़ - फोटो : BBC

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बिहार में गंडक, बागमती, लखनदेई, कमला और कोसी समेत आधा दर्जन से भी ज्यादा नदियों में आई बाढ़ से तक़रीबन 84 लाख लोग प्रभावित हैं
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राज्य के 16 प्रभावित जिलों के बीसियों गाँव बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं, सैकड़ों बेघर लोग तटबंधों से लेकर सड़कों तक पर रहने को मजूबर हो गए हैं और हजारों एकड़ में फैले उपजाऊ खेत पूरी तरह जलसमाधि ले चुके हैं।
लेकिन बरसात के महीनों में उत्तर बिहार में बाढ़ का आना नई बात नहीं है।
लेकिन सवाल यह उठता है कि यहां हर साल बाढ़ आती क्यों है? और क्या बिहार में बाढ़ से होने वाले जान-माल के नुक़सान को रोकने का कोई दीर्घकालिक हल निकालना सम्भव है?
लेकिन इस सवाल का जवाब, एक दूसरे जरूरी सवाल से जुड़ता है- सदियों से बाढ़ प्रभावित समाज के तौर पर जी रहे उत्तर बिहार के लोगों के लिए यहां की नदियों में आने वाला उफान क्या हमेशा से समस्या रहा है?
क्या बिहार में आज रह रहे भारतीय नागरिकों के पुरखे भी हर साल इसी तरह बाढ़ की त्रासदी से तबाह होते थे?
 
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