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Bihar: शराब तस्करी के मामले में फायरिंग, नीतीश ने अधिकारियों से शराबबंदी को सख्ती से लागू करने के निर्देश
Mon, 07 Nov 2022 10:47 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Mon, 07 Nov 2022 10:47 PM IST
सार
उन्होंने बताया कि रात के करीब 2 बजे सामान के उतारने के दौरान रोकने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। करीब 2 घंटे फायरिंग हुई।
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Bihar
- फोटो : ANI
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विस्तार
बिहार में शराब तस्करी से जुड़ी एक घटना में एक शराब कारोबारी की मौत हो गई। घटना बेतिया की बताई जा रही है। बेतिया SP कुमार आशीष ने बताया कि हमें सूचना मिली थी कि उत्तर प्रदेश से शराब की एक बड़ी खेप आने वाली है। सूचना के बाद पुलिस ने मौके पर जाकर निगरानी शुरू की।
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उन्होंने बताया कि रात के करीब 2 बजे सामान के उतारने के दौरान रोकने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। करीब 2 घंटे फायरिंग हुई। इसमें शराब कारोबारी की मृत्यु हो गई। मृतक का सात मामलो में अपराधिक इतिहास सामने आया है। इस संदर्भ में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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इस बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शराबबंदी को सख्ती से लागू करने का निर्देश देते हुए संबंधित अधिकारियों को शराब की आपूर्ति पर रोक लगाने पर ध्यान देने को कहा है। अपने कार्यालय में शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए कुमार ने उनसे अन्य राज्यों से शराब की तस्करी में शामिल सभी लोगों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने को कहा। बिहार में 5 अप्रैल 2016 से शराब पर प्रतिबंध है।
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बैठक के तुरंत बाद मुख्य सचिव अमीर सुभानी ने कहा कि सीएम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पुलिस, शराबबंदी और आबकारी विभागों के अधिकारियों का ध्यान राज्य भर में सभी शराब आपूर्ति और वितरण श्रृंखलाओं को तोड़ने पर होना चाहिए। जो लोग शामिल हैं बिहार को शराब की आपूर्ति और वितरण में पकड़े जाने पर शराब की उपलब्धता की जांच अपने आप हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि इसलिए अधिकारियों की प्राथमिकता उन रास्तों की पहचान करनी चाहिए जिनके जरिए दूसरे राज्यों से बिहार में शराब की तस्करी की जा रही है और इस अवैध कारोबार में शामिल लोगों को गिरफ्तार किया जाए।
सुभानी ने कहा कि कानून के अनुसार, पहली बार शराब का सेवन करने वाले व्यक्ति पर 2,000 रुपये से 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। अगर पहली बार अपराध करने वाला जुर्माने का भुगतान करने में विफल रहता है, तो उसे 30 दिनों के लिए जेल में डाल दिया जाएगा। दूसरी बार के अपराधियों को कानून के अनुसार कोई राहत नहीं मिलती है और उसे एक साल की सजा भुगतनी होगी। मद्य निषेध के उल्लंघन के आरोप में अक्तूबर में कुल 20,000 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।