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बिहार: 21 साल बाद घर लौटा बिछड़ा बेटा, मां ने देखते ही पहचान लिया; ग्वालियर से फेसबुक के जरिए पहुंचा राम शंकर

Wed, 30 Sep 2026 06:54 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मधुबनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मधुबनी Published by: शबाहत हुसैन Updated Wed, 30 Sep 2026 06:54 PM IST
सार

मधुबनी के महेशपुरा गांव का राम शंकर 2005 में 15 साल की उम्र में परिवार से बिछड़ गया था। ग्वालियर में रहने के दौरान डीएसपी की फेसबुक पोस्ट से परिवार को जानकारी मिली। 21 साल बाद वह घर लौटा तो मां-बेटे का भावुक मिलन हुआ।

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Bihar: Estranged son returns home after 21 years; mother recognizes him instantly.
फेसबुक ने 21 साल बाद मिलाया परिवार से - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मधुबनी जिले के झंझारपुर प्रखंड स्थित महेशपुरा गांव का 21 साल पहले बिछड़ा बेटा आखिरकार अपने घर लौट आया। 15 साल की उम्र में परिवार से बिछड़े राम शंकर कुशवाहा ने 21 साल बाद अपने परिजनों से मुलाकात की। बेटे के घर लौटने से परिवार और गांव में खुशी का माहौल है।

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राम शंकर कुशवाहा वर्ष 2005 में महज 15 साल की उम्र में परिवार से बिछड़ गए थे। उन्हें ट्रेन में सफर करने का काफी शौक था। परिजनों के मुताबिक, उस दौरान गांव में कई जगह भंडारे का आयोजन हुआ था, जहां दूर-दूर से साधु-महात्मा पहुंचे थे। भंडारा समाप्त होने के बाद राम शंकर भी साधु-महात्माओं के साथ चले गए और भटकते हुए घर से दूर निकल गए। इसके बाद वह वापस नहीं लौट सके।

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परिजनों ने उनकी काफी खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। काफी समय बाद परिवार ने भी उनके वापस आने की उम्मीद छोड़ दी। इधर, राम शंकर भटकते हुए ग्वालियर पहुंचे, जहां उन्होंने अलग-अलग जगहों पर कई तरह के काम किए। वर्ष 2018 में उन्हें एक ठिकाना मिला और बाद में वह ग्वालियर स्थित स्वर्ग सदन पहुंच गए, जहां वह रह रहे थे।

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राम शंकर के घर लौटने की कहानी सोशल मीडिया के जरिए पूरी हुई। ग्वालियर के डीएसपी संतोष पटेल उनसे मिले और बातचीत के दौरान उनके नाम, पिता के नाम समेत अन्य जानकारी हासिल की। इसके बाद डीएसपी ने फेसबुक पर उनकी जानकारी और वीडियो साझा किया।

फेसबुक पर वीडियो देखने के बाद महेशपुरा गांव में रहने वाले उनके परिजनों ने राम शंकर को पहचान लिया। उनकी मां ने भी वीडियो देखकर बेटे को पहचान लिया। इसके बाद राम शंकर के चचेरे भाई ललित शास्त्री उन्हें लेने ग्वालियर पहुंचे।

ललित शास्त्री ने बताया कि करीब 21 साल बाद दोनों भाइयों का मिलन हुआ है। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए बेहद खुशी का पल है। उन्होंने डीएसपी संतोष पटेल का आभार जताया, जिनकी पहल और फेसबुक पोस्ट के जरिए परिवार को बिछड़े भाई के बारे में जानकारी मिली।

कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद राम शंकर 7 सितंबर 2026 को झंझारपुर के महेशपुरा स्थित अपने घर पहुंचे। उनके लौटने की खबर मिलते ही परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई। गांव के लोग भी बड़ी संख्या में उनके स्वागत के लिए झंझारपुर-कन्हौली स्थित एनएच-57 पर पहुंचे। ढोल-बाजे और डीजे के साथ उनका स्वागत किया गया।

राम शंकर के स्वागत के लिए आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। लंबे समय बाद परिवार से मिलन का यह भावुक दृश्य देखकर कई लोगों की आंखों में आंसू आ गए। मां और बेटे के मिलन का दृश्य बेहद भावुक करने वाला था।

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