Bihar News: ईओयू का बड़ा एक्शन, BBOSE के उप निदेशक अजय कुमार सिंह के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी
बिहार आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे बीबॉस के उप निदेशक और मुजफ्फरपुर के पूर्व जिला शिक्षा पदाधिकारी अजय कुमार सिंह के पैतृक आवास समेत उनके भाई के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बिहार आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार मुक्त विद्यालय शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड (बीबॉस) के उप निदेशक और मुजफ्फरपुर के पूर्व जिला शिक्षा पदाधिकारी अजय कुमार सिंह के पैतृक आवास समेत उनके भाई के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। बताया जा रहा है कि ईओयू की टीम ने कई ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई शुरू की है। छापेमारी के बाद आसपास के इलाके में भी हलचल बढ़ गई और लोगों की भीड़ जुटने लगी।
दस्तावेज और वित्तीय अभिलेख खंगाल रही ईओयू की टीम
छापेमारी के दौरान ईओयू अधिकारियों ने संबंधित परिसरों में मौजूद दस्तावेज, वित्तीय अभिलेख और अन्य महत्वपूर्ण कागजातों की जांच शुरू कर दी। टीम अलग-अलग रिकॉर्ड को खंगालने के साथ ही परिसरों में आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों पर भी नजर रख रही है। अधिकारियों की कार्रवाई जारी रहने के कारण फिलहाल किसी तरह की बरामदगी को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी मौजूद
ईओयू की इस कार्रवाई में स्थानीय प्रशासन का भी सहयोग लिया जा रहा है। टीम के साथ बलिया प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) और साहेबपुरकमाल थाना की पुलिस भी मौजूद है। पुलिस बल ने संबंधित परिसरों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था संभाल रखी है, ताकि कार्रवाई के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
छापेमारी के कारणों पर आधिकारिक जानकारी नहीं
फिलहाल ईओयू की ओर से छापेमारी के कारण और इससे जुड़े मामले को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है। अधिकारियों की ओर से दस्तावेजों और अन्य अभिलेखों की जांच पूरी किए जाने के बाद ही कार्रवाई की वजह और इससे जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आने की संभावना है।
कई बिंदुओं पर जांच जारी
बताया जा रहा है कि ईओयू की टीम कई बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। छापेमारी अभी जारी है, इसलिए फिलहाल अधिकारियों ने किसी प्रकार की बरामदगी, जब्ती या अन्य कार्रवाई की पुष्टि नहीं की है। ईओयू की जांच पूरी होने और आधिकारिक बयान सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कार्रवाई के पीछे क्या वजह है और जांच में क्या तथ्य सामने आए हैं।