बिहार चुनाव: राजग में नहीं बन पा रही सीटों पर बात, जोर आजमाइश जारी
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बिहार विधानसभा चुनाव में राजद-जदयू-कांग्रेस महागठबंधन के बीच सीटों का बंटवारा तय होने के बाद एनडीए के सहयोगी दलों ने भाजपा पर अधिक से अधिक सीटें हासिल करने का दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया है।
सबसे अधिक दबाव रालोसपा प्रमुख और केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा का है। कुशवाहा चाहते हैं कि न केवल उनकी पार्टी को 67 सीटें मिले, बल्कि भाजपा पहले की तरह महज 102 सीटों पर ही चुनाव लड़े।
एनडीए में शामिल लोजपा और 'हम' ने भी भाजपा नेतृत्व के समक्ष 50-50 सीटों पर दावा किया है। भाजपा नेतृत्व की मुश्किल यह है कि लोजपा हम में शामिल उन करीब आधा दर्जन विधायकों को किसी भी कीमत पर टिकट से वंचित करना चाहती है, जिन्होंने पार्टी से बगावत कर पहले जदयू और बाद में हम का दामन थामा था।
टकराव की स्थिति से पार पाना होगा
भाजपा नेतृत्व को अब महागठबंधन से मुकाबला करने से पहले न केवल सहयोगी दलों के साथ सीटों का संतोषजनक बंटवारा करना होगा, बल्कि सहयोगी दलों के बीच टकराव की स्थिति से भी पार पाना होगा।
उल्लेखनीय है कि भाजपा राज्य की 243 सीटों में से सहयोगियों को 70-75 सीटें ही देना चाहती हैं। बीते दिनों पार्टी ने एक लोकसभा सदस्य पर 6 सीटों का फार्मूला तैयार किया था।
इस फार्मूले पर तीन सांसदों वाली रालोसपा ने अपनी सहमति नही दी थी। सीटों के बंटवारे के सवाल पर लोजपा के साथ भाजपा नेतृत्व तो सहज है, मगर रालोसपा उसकी परेशानी बढ़ा रहा है।
कुशवाहा का साथ जरुरी
भाजपा के सूत्र मानते हैं कि रालोसपा को
20-25 सीटों से अधिक सीटें देना घाटे का सौदा साबित होगा। बावजूद इसके
पिछड़ी जातियों को अपने पक्ष में गोलबंद करने के लिए पार्टी के लिए कुशवाहा
का साथ बेहद जरूरी है।
कुशवाहा भाजपा की इस दुखती रग को पहचान रहे हैं।
यही कारण है कि वह कभी खुद को पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार
घोषित करवा रहे हैं तो कभी खुद को 67 सीटें देने के साथ भाजपा को 102
सीटों पर ही चुनाव लड़ने की सलाह दे रहे हैं।
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के
मुताबिक सीटों के बंटवारे के मामले में लोजपा और हम पार्टी के लिए समस्या
नहीं हैं। अगर जीतन राम मांझी की पार्टी को कुछ ज्यादा सीटें भी देनी पड़ी
तो मुश्किल नहीं आएगी, क्योंकि भाजपा मांझी की पार्टी से अपने कुछ
उम्मीदवारों को खपा सकती है।
पासवान और शाह ने की मुलाकात
मगर मुश्किल रालोसपा को समझाने में आ रही है।
उक्त नेता के मुताबिक पार्टी की योजना इस महीने के अंत तक सीट बंटवारे का
फार्मूला तय करने की है।
इस क्रम में पार्टी नेतृत्व ने सहयोगी दलों के
नेताओं के साथ मुलाकात का सिलसिला शुरू किया है। शुक्रवार को इसी क्रम में
लोजपा सांसद चिराग पासवान ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की थी।
पार्टी नेतृत्व जल्द ही मांझी और कुशवाहा के साथ सीट बंटवारे के फार्मूले
पर बातचीत करेगा।