क्या सवर्ण जाति देख कर वोट नहीं देते?

Amit Tiwariअमित तिवारी Updated Wed, 14 Oct 2015 03:01 PM IST
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Bihar election: General neglet voting after seeing candidate of other castes?

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बिहार चुनावों पर बीबीसी की विशेष सिरीज 'बूझिए ना बिहार को' में हम आपको अगले कुछ दिनों तक राज्य से जुड़े मिथकों और तथ्यों के बारे में बताते रहेंगे। इस कड़ी में जानिए, क्या बिहार में होने
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वाले चुनावों में सवर्ण लोग जाति के आधार पर वोट नहीं देते हैं? क्या वे मुद्दों के आधार पर ही तय करते हैं किसे वोट दिया जाए?
पहली कड़ी: क्या लालू केवल यादवों के नेता हैं?
आमतौर पर यह माना जाता है कि बिहार का अन्य पिछड़ा वर्ग या ओबीसी (जिसमें यादव, कुर्मी और कोइरी प्रमुख हैं) और दलित मतदाता जाति के आधार पर वोट देते हैं। समझा जाता है कि सवर्ण मतदाता सिर्फ मुद्दों के आधार पर वोट देता है। इसका मतलब यह हुआ कि सिर्फ दलित और अन्य पिछड़ा वर्ग के मतदाता ही जाति के आधार पर वोट देते हैं।

दूसरी कड़ी: क्या बिहार में कांग्रेस उजड़ चुकी है?
ऐसा इसलिए माना जाता है कि अन्य पिछड़ा वर्ग और दलितों में ज्यादातर अशिक्षित हैं। यह भी माना जाता है कि ऐसे लोग राजनीति को नहीं समझते। उन्हें जाति के नाम पर मतदान करने के लिए आसानी से तैयार किया जा सकता है।
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