बिहार में संयुक्त रूप से होगा राजग का प्रचार
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हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा की तरह एकला चलो की बजाय बिहार में भाजपा का प्रचार अभियान सामूहिक रहेगा। पार्टी नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एनडीए के सहयोगी लोजपा नेता रामविलास पासवान और रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा का भी गुणगान करेंगे।
बताया जा रहा है कि जदयू-राजद-कांग्रेस गठबंधन को प्रभावी होता देख भाजपा ने प्रचार की अपनी रणनीति बदलने का फैसला किया है। अब बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी का प्रचार अभियान एनडीए के रुप में संयुक्त रूप से होगा। भाजपा के साथ लोजपा और रालोसपा के नेता संयुक्त रूप से जनसभाओं को संबोधित करेंगे।
तो सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी भी राजग नेताओं के साथ प्रचार करते नजर आएंगे। मुख्यमंत्री का चेहरा सामने करने में मात खाने के बाद भाजपा रणनीतिकार जदयू-राजद को प्रचार के मोर्चे पर पिछे छोड़ना चाहते हैं। इसीलिए पार्टी का जोर सामूहिकता पर है।
पीएम मोदी के साथ पासवान और कुशवाहा का भी होगा गुणगान
सूत्रों के अनुसार बिहार विधानसभा चुनाव की रणनीति और प्रचार सामूहिक करने का सुझाव भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के सामने मानव संसाधन राज्यमंत्री एवं रालोसपा नेता उपेंद्र कुशवाहा ने रखा था। जिसे भाजपा ने स्वीकार कर लिया है।
हालांकि इसके लिए तर्क दिया जा रहा है कि भाजपा ने ही नीतीश कुमार की तारीफ कर उन्हें बड़ा चेहरा बनाया। अब कुशवाहा और पासवान भी भाजपा से यही अपेक्षा रखे हुए हैं। ताकि उनके कार्यकर्ताओं और समर्थक वर्ग में संदेश जाए भी राजग सरकार में इन नेताओं की पूछ है।
सूत्रों के अनुसार जदयू-राजद के वोट बैंक पर बढ़त बनाने के लिए भाजपा को भी सामूहिकता का यह फार्मूला रास आ रहा है। इसलिए पार्टी रणनीतिकार राज्य ईकाई के जरिए मुख्यमंत्री पद के लिए सुझाए गए सुशील मोदी के नाम को पीछे रखते हुए सामूहिकता पर जोर देने के पक्ष में हैं।
वहीं अपने गठबंधन को प्रभावी बनाने के लिए भाजपा पूर्व मुख्यमंत्री मांझी को भी राजग कोटे से ही सीटें देगी। पार्टी आलाकमान को उम्मीद है कि चुनाव के करीब आने तक मांझी के दल को अपना चुनाव चिन्ह मिल जाएगा। बताया जा रहा है कि राजग नेताओं के साथ मांझी भी प्रचार में संयुक्त रूप से शामिल होंगे।