परंपरा और पहचान की सियासत के बीच सीधा मुकाबला: बक्सर-भोजपुर की 11 सीटों पर ‘हमर बोली बनाम रोजगार’ का चुनावी रण
बिहार चुनाव 2025 में बक्सर और भोजपुर की 11 सीटों पर एनडीए और महागठबंधन के बीच सियासी जंग तेज हो गई है। भाजपा-जदयू ने ‘हमर बोली-हमर अभिमान’ का नारा बुलंद किया, जबकि विपक्ष रोजगार और शिक्षा को बड़ा मुद्दा बना रहा।
बिहार चुनाव 2025 में बक्सर और भोजपुर की 11 सीटों पर एनडीए और महागठबंधन के बीच सियासी जंग तेज हो गई है। भाजपा-जदयू ने ‘हमर बोली-हमर अभिमान’ का नारा बुलंद किया, जबकि विपक्ष रोजगार और शिक्षा को बड़ा मुद्दा बना रहा।
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बिहार विधानसभा चुनाव का प्रचार अब पर्व का रूप ले चुका है। बक्सर और भोजपुर के रण में 6 नवंबर को होने वाले चुनाव में इस बार एनडीए और महागठबंधन के बीच बराबरी का मुकाबला माना जा रहा है। यहां अस्मिता और विकास के बीच चुनावी जंग साफ दिखाई दे रही है। यह वही भूमि है, जिसने इतिहास में अंग्रेजी राज को टक्कर दी और जहां आज भी भोजपुरी भाषा, आस्था व पहचान सियासत की धुरी बनी हुई है। भाजपा-जदयू ने हमर बोली-हमर अभिमान, का नारा दिया है, जबकि राजद और माले ने रोजगार, शिक्षा और स्थानीय उद्योगों पर जोर दिया है।
बक्सर का रामरेखा घाट, अहिल्या स्थान और भोजपुर का छठ पर्व यहां की आस्था की पहचान हैं। भोजपुरी गायक और लोक कलाकार प्रचार अभियानों में रंग भर रहे हैं। गांव-गांव में गीत गूंज रहे हैं। हालांकि, युवाओं की सोच अब सिर्फ परंपरा तक सीमित नहीं है। वे रोजगार, शिक्षा और सुरक्षा को बड़ा चुनावी मुद्दा मान रहे हैं। महिलाओं के बीच भी महंगाई और स्वास्थ्य सेवाएं प्रमुख सवाल हैं। एनडीए और महागठबंधन दोनों ने इस क्षेत्र की 11 सीटों पर अपना पूरा जोर लगा दिया है। जहां भोजपुर में महागठबंधन को 2020 में बढ़त मिली थी। यहां महागठबंधन ने 5 और एनडीए ने 2 सीटों पर जीती हासिल की थी। वहीं बक्सर में एनडीए के खाते में चारों सीटें गई थी।
भोजपुर : जनाधार और जातीय समीकरण की लड़ाई
भोजपुर की सातों सीटों पर कड़ा मुकाबला है। आरा और तरारी में माले पुराने जनाधार को साधने में जुटी है, जबकि भाजपा ने नए चेहरों के सहारे दलित-पिछड़ा समीकरण साधने की रणनीति अपनाई है। संदेश में जदयू के राधाचरण साह और राजद के दीपू सिंह में, बड़हरा में भाजपा के राघवेंद्र प्रताप सिंह और राजद के अशोक कुमार सिंह, तो आरा में भाजपा के संजय सिंह टाइगर व माले के कयूमुद्दीन अंसारी में टक्कर है। सुरक्षित सीट अगिआंव में भाजपा के महेश पासवान, माले के शिवप्रकाश रंजन, तरारी में भाजपा के विशाल प्रशांत व माले के मदन सिंह, जगदीशपुर में जदयू के भगवान सिंह और राजद के किशोर कुणाल, शाहपुर में भाजपा के राकेश ओझा व राजद के राहुल तिवारी के बीच लड़ाई है।
बक्सर : एनडीए के लिए साख की परीक्षा
बक्सर की 4 सीटों में डुमरांव, बक्सर, ब्रह्मपुर और राजपुर (अजा) पर इस बार एनडीए की मजबूत पकड़ को चुनौती देने के लिए कांग्रेस और माले मैदान में हैं। बक्सर में पूर्व आईपीएस अफसर आनंद मिश्र भाजपा तो कांग्रेस पुराने चेहरे संजय तिवारी के साथ मैदान में है। डुमरांव में जदयू के राहुल सिंह व माले के डॉ. अजीत कुमार सिंह, ब्रह्मपुर में लोजपा(आर) के हुलास पांडे और राजद के शंभूनाथ यादव, सुरक्षित सीट राजपुर में भाजपा के संतोष कुमार निराला और कांग्रेस के विश्वनाथ राम के बीच मुकाबला है।