संजय राउत के आरोप पर बोले बिहार डीजीपी, कितनी भी गाली दो, सुशांत को न्याय चाहिए
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में आरोप-प्रत्यारोप का दौर अभी भी जारी है। शिवसेना नेता संजय राउत के बयान पर बिहार के डीजीपी ने कहा है कि कितनी भी गाली दो लेकिन सुशांत को न्याय चाहिए। बता दें कि राउत ने इस मामले में कई सवाल उठाते हुए बिहार पुलिस और केंद्र सरकार पर महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ साजिश करने का आरोप लगाया था। उन्होंने बिहार के डीजीपी पर बी आरोप लगाया था कि वह भाजपा कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे हैं।
बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने राउत के इस आरोप का जवाब एक ट्वीट में दिया। पांडेय ने लिखा, 'जीवनभर निष्पक्ष रहकर निष्ठापूर्वक आम जनता की सेवा की है। मुझ पर तथ्यहीन अनर्गल आरोप लगाए जा रहे हैं, जिसका जवाब देना उचित नहीं है। मुझे जितनी भी गाली दो लेकिन सुशांत को न्याय चाहिए।' अपने इस ट्वीट में उन्होंने एक शेर भी लिखा... हिफाजत हर किसी की मालिक बहुत खूबी से करता है, हवा भी चलती रहती है दीया भी जलता रहता है।
जीवन भर निष्पक्ष रहकर निष्ठा पूर्वक आम जनता की सेवा की है.मुझ पर बहुत तथ्यहीन अनर्गल आरोप लगाए जा रहे ,जिसका जवाब देना उचित नहीं.
विज्ञापन विज्ञापन
हिफ़ाज़त हर किसी की मालिक बहुत खूबी से करता है !
हवा भी चलती रहती है,दीया भी जलता रहता है!!
मुझे जितनी भी गाली दो लेकिन सुशांत को न्याय चाहिए! — IPS Gupteshwar Pandey (@ips_gupteshwar) August 9, 2020
बता दें कि राउत ने दावा किया है कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में 'दबाव की तरकीब' का इस्तेमाल किया जा रहा है। साथ ही, महाराष्ट्र के खिलाफ साजिश के तहत इस मुद्दे का राजनीतिकरण किया जा रहा है। उन्होंने शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में अपने साप्ताहिक स्तंभ 'रोखठोक' में कहा कि अभिनेता की दुर्भाग्यपूर्ण आत्महत्या को राजनीतिक दृष्टिकोण से देखना गलत है। सुशांत का शव 14 जून को बांद्रा स्थित उनके अपार्टमेंट में फंदे से लटका हुआ मिला था।
राउत ने कहा, यदि कोई व्यक्ति राजनीतिकरण और दबाव की तरकीब का इस्तेमाल करना चाहता है, तो हमारे देश में कुछ भी हो सकता है। ऐसा प्रतीत होता है कि सुशांत प्रकरण की पटकथा पहले से लिखी गई थी। परदे के पीछे जो कुछ हुआ है, वह महाराष्ट्र के खिलाफ साजिश है। उन्होंने कहा कि जब एक घटना को राजनीतिक रंग देने का निर्णय कर लिया गया, तो कोई भी यह नहीं कह सकता कि यह किस हद तक जाएगा और राजपूत की दुर्भाग्यपूर्ण आत्महत्या मामले में यही हो रहा है।
शिवसेना नेता ने दावा किया कि एक चैनल को बिहार के पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय का महाराष्ट्र के खिलाफ साक्षात्कार दिया जाना पुलिस अनुशासन का उल्लंघन है। उन्होंने दावा किया 'पांडेय बिहार के बक्सर से 2009 का विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन जब वहां से भाजपा उम्मीदवार ने उनके खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरने की धमकी दी तो उनकी योजना नाकाम हो गई थी। कहा जा रहा है कि पांडेय अब शाहपुर सीट से बिहार चुनाव लड़ सकते हैं।'
बता दें कि इस मामले की जांच अब सीबीआई के हाथ में है। सीबीआई ने पटना पुलिस की प्राथमिकी के आधार पर हाल ही में इस मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है। बिहार सरकार ने मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। इस प्राथमिकी में सुशांत की महिला मित्र एवं अदाकारा रिया चक्रवर्ती पर कथित आपराधिक साजिश रचने और अभिनेता को आत्महत्या के लिये उकसाने का आरोप लगाया गया है।