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बिहार: शराबबंदी को सफल बनाएंगे ड्रोन्स और कुत्ते? जानें क्या है सीएम नीतीश कुमार की तरकीब
Mon, 07 Feb 2022 10:32 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Mon, 07 Feb 2022 10:32 PM IST
सार
सूत्रों के मुताबिक, नीतीश ने कहा है कि उल्लंघनकर्ताओं पर सख्ती बरतने के लिए पुलिस को डॉग स्कवाड और मोटरबोट्स का इस्तेमाल शुरू करना चाहिए।
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बिहार सीएम नीतीश कुमार ने शराबबंदी को सख्ती से लागू करने के लिए निकाली नई तरकीब।
- फोटो : Social Media
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विस्तार
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पिछले काफी समय से शराबबंदी के अपने फैसले को बरकरार रखने के मुद्दे पर घिरे हैं। दरअसल, हाल ही में बिहार के कई शहरों में अवैध शराब पीकर लोगों की मौत होने की बातें सामने आई हैं। इसे लेकर विपक्ष लगातार नीतीश पर हमलावर है। इस बीच अब नीतीश सरकार ने शराबबंदी को सफल बनाने के लिए जो योजना बनाई है, उसमें ड्रोन्स और कुत्तों को शामिल किया गया है।
नीतीश कुमार ने आबकारी विभाग के अधिकारियों से कहा है कि वे शराबबंदी के नियमों को तोड़ने वालों को पकड़ने के लिए ड्रोन्स और ट्रेन्ड कुत्तों के इस्तेमाल की संभावनाओं को खोजें। सूत्रों के मुताबिक, नीतीश ने कहा है कि उल्लंघनकर्ताओं पर सख्ती बरतने के लिए पुलिस को डॉग स्कवाड और मोटरबोट्स का इस्तेमाल शुरू करना चाहिए।
गौरतलब है कि बिहार में शराब की बिक्री और खपत पर अप्रैल 2016 से ही प्रतिबंध लागू है। बिहार में यह प्रतिबंध नीतीश कुमार ने 2016 के चुनाव जीतने के बाद लगाए थे। तब नीतीश का कहना था कि राज्य की महिलाओं ने उनसे शराब की दुकानों को लेकर शिकायत की थी और उनका यह फैसला इन महिलाओं की मांग के मद्देनजर था।
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हालांकि, बीते कुछ साल में इन प्रतिबंधों की वजह से शराब के अवैध कारोबार को बढ़ावा मिला है। इसके अलावा नकली शराब पीने से लोगों की मौत होने के भी कई मामले सामने आए हैं। दिसंबर 2021 के बाद से अब तक राज्य में नकली शराब पीने से 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इसके लिए राज्य सरकार को जनता की नाराजगी का भी सामना करना पड़ा था।
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नीतीश कुमार ने आबकारी विभाग के अधिकारियों से कहा है कि वे शराबबंदी के नियमों को तोड़ने वालों को पकड़ने के लिए ड्रोन्स और ट्रेन्ड कुत्तों के इस्तेमाल की संभावनाओं को खोजें। सूत्रों के मुताबिक, नीतीश ने कहा है कि उल्लंघनकर्ताओं पर सख्ती बरतने के लिए पुलिस को डॉग स्कवाड और मोटरबोट्स का इस्तेमाल शुरू करना चाहिए।
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गौरतलब है कि बिहार में शराब की बिक्री और खपत पर अप्रैल 2016 से ही प्रतिबंध लागू है। बिहार में यह प्रतिबंध नीतीश कुमार ने 2016 के चुनाव जीतने के बाद लगाए थे। तब नीतीश का कहना था कि राज्य की महिलाओं ने उनसे शराब की दुकानों को लेकर शिकायत की थी और उनका यह फैसला इन महिलाओं की मांग के मद्देनजर था।
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हालांकि, बीते कुछ साल में इन प्रतिबंधों की वजह से शराब के अवैध कारोबार को बढ़ावा मिला है। इसके अलावा नकली शराब पीने से लोगों की मौत होने के भी कई मामले सामने आए हैं। दिसंबर 2021 के बाद से अब तक राज्य में नकली शराब पीने से 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इसके लिए राज्य सरकार को जनता की नाराजगी का भी सामना करना पड़ा था।