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मुजफ्फरपुर दौरे के बाद नीतीश ने दिए निर्देश, एसकेएमसीएच को बनाया जाएगा 2,500 बेड का अस्पताल
Tue, 18 Jun 2019 08:29 PM IST
अमर शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: अमर शर्मा
Updated Tue, 18 Jun 2019 08:29 PM IST
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एसकेएमसीएच का दौरा करने पहुंचे नीतीश कुमार
- फोटो : ANI
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बिहार के मुजफ्फरपुर में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) का कहर जारी है। यह दिमागी बुखार हर रोज बच्चों की लील रहा है। पिछले 17 दिनों में 128 बच्चों की मौत (समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार 108 बच्चों) होने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नींद टूटी है। अब तक सचिवों के जरिये ही इस आपदा की खबर रखनेवाले नीतीश आज मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसकेएमसीएच) का दौरा करने पहुंचे। नीतीश को देखते ही लोगों का गुस्सा फूट प़ड़ा और उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने एसकेएमसीएच अस्पताल के बाहर मुख्यमंत्री के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और 'नीतीश गो बैक' और 'नीतीश मुर्दाबाद' के नारे लगाए।
इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भीषण गर्मी के कारण लू और दिमागी बुखार से बच्चों की मौतों की स्थिति पर उच्चस्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने एसकेएमसीएच को 2,500 बेड के अस्पताल में बदलने के निर्देश दिए। फिलहाल इस अस्पताल में सिर्फ 610 बेड हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि पहले चरण में 1,500 बेड की व्यवस्था तुरंत की जानी चाहिए। इसके अलावा मरीजों के रिश्तेदारों और परिवारवालों के लिए एक धर्मशाला भी बनाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों के पर्यावरण का अध्ययन और एक विश्लेषण किया जाना चाहिए। मुख्य सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि एक टीम पीड़ित बच्चों के परिवार के आर्थिक और सामाजिक स्तर, उस क्षेत्र में गंदगी और कुपोषण की स्थिति, खुले में शौच से मुक्ति और पीने के लिए शुद्ध जल की स्थिति आदि का अध्ययन करेगी। इस अध्ययन का मकसद बीमारी के कारणों का पता लगाना है जिससे भविष्य में बचाव को लेकर एहतियाती कदम उठाये जाएं।
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इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भीषण गर्मी के कारण लू और दिमागी बुखार से बच्चों की मौतों की स्थिति पर उच्चस्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने एसकेएमसीएच को 2,500 बेड के अस्पताल में बदलने के निर्देश दिए। फिलहाल इस अस्पताल में सिर्फ 610 बेड हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि पहले चरण में 1,500 बेड की व्यवस्था तुरंत की जानी चाहिए। इसके अलावा मरीजों के रिश्तेदारों और परिवारवालों के लिए एक धर्मशाला भी बनाई जाएगी।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों के पर्यावरण का अध्ययन और एक विश्लेषण किया जाना चाहिए। मुख्य सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि एक टीम पीड़ित बच्चों के परिवार के आर्थिक और सामाजिक स्तर, उस क्षेत्र में गंदगी और कुपोषण की स्थिति, खुले में शौच से मुक्ति और पीने के लिए शुद्ध जल की स्थिति आदि का अध्ययन करेगी। इस अध्ययन का मकसद बीमारी के कारणों का पता लगाना है जिससे भविष्य में बचाव को लेकर एहतियाती कदम उठाये जाएं।
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Bihar CM Nitish Kumar gave directions to convert Sri Krishna Medical College & Hospital (SKMCH) into a 2500-bed hospital (currently 610 beds), & 1500 beds should be arranged immediately in the 1st phase. A 'dharmshala' will also be built there for relatives & families https://t.co/RxZpL7CD85
— ANI (@ANI) June 18, 2019