फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Bihar: Children whose name on flood

बिहार बाढ़ः राहत शिविर में जन्मी ‘बाढ़’, नाव पर ‘राजा’

Wed, 31 Aug 2016 06:11 PM IST
रवि प्रकाश/भागलपुर से बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
रवि प्रकाश/भागलपुर से बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए Updated Wed, 31 Aug 2016 06:11 PM IST
विज्ञापन
Bihar: Children whose name on flood
- फोटो : bbc

भागलपुर हवाई अड्डा स्थित बाढ़ राहत शिविर के एक तंबू में थोड़ी हलचल है। औरतें सोहर (जन्म पर गाया जाने वाला भोजपुरी गीत) गा रही हैं। पतली-सी एक महिला की नाक पर भी सिंदूर लगा है। इस महिला ने बेटी को जन्म दिया है और उसकी बेटी का छठिहार (जन्म के छठे दिन का पारंपरिक उत्सव) है। वह अपनी बेटी का नाम 'बाढ़' रखने पर विचार कर रही है।

विज्ञापन


इस महिला का नाम कंचन देवी। पति का नाम है रामदेव मंडल, ये लोग भागलपुर ज़िले के प्रखंड नाथनगर के गांव विशनपुर के निवासी है, लेकिन अस्थायी पता है बाढ़ राहत शिविर। इसी शिविर के एक छोटे-से तंबू में वो अपनी बेटी को गोद में लिए बैठी हैं।
विज्ञापन


उनकी सास आशा देवी ने बीबीसी को बताया कि जब 15 दिन पहले उनके गांव में बाढ़ आई तो कंचन का नौंवा महीना चल रहा था। घरवाले नाव से कंचन को पहले नाथनगर फिर भागलपुर ले आए। यहां आने के कुछ ही दिन बाद कंचन ने बेटी को जन्म दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


गोराडीह प्रखंड के जलसी गांव की रेणु देवी को बेटा हुआ है। उनके पति सुनील ने बताया कि प्रसव पीड़ा से तड़प रही अपनी पत्नी को लेकर वे भागलपुर आ रहे थे। रास्ते में ही रेणु को प्रसव पीड़ा हुई, कुछ ही देर में उन्होंने बच्चे को जन्म दे दिया।

Bihar: Children whose name on flood

उनके साथ चल रही आशा कार्यकर्ता रामरति कुमारी ने बीबीसी को बताया कि जन्म के तुरंत बाद नाव पर लादकर रेणु को गोराडीह लाया गया। फिर वहां से एंबुलेंस से भागलपुर। रेणु ने अपने बेटे का नाम राजा रखा है, वे सदर अस्पताल में भर्ती हैं। सरकार ने उन्हें 10 हजार रुपए का चेक दिया है।

शाहकुंड प्रखंड के मुंजत गांव की ज्ञानती देवी को नाव पर ही प्रसव पीड़ा होने लगी, गंगा की लहरों पर तैरती नाव पर ही साड़ियों से परदा किया गया। ज्ञानती की सास उन्हें लेकर पचरुखी स्थित राहत शिविर जा रही थीं, ताकि सुरक्षित प्रसव हो सके। इस बीच नाव पर ही किलकारियों की आवाज गूंजने लगी। फिर स्टील की थाली को पीटकर बच्चे के जन्म की मुनादी की गई, अभी वे अस्पताल में भर्ती हैं।

दरअसल, बाढ़ के कारण हर तरफ फैले मातम के बीच गूंजती किलकारी खुशी के अवसर उपलब्ध करा रही हैं। गंगा की लहरों ने अपनी सरहद का विस्तार कर लिया है, वरना इन नन्ही जानों को भी अस्पताल नसीब हुआ होता।

बिहार सरकार बाढ़ पीड़ित इलाकों में बच्चे के जन्म पर सहायता दे रही है, बेटियों के जन्म पर 15 और बेटे के जन्म पर 10 हजार रुपए की सहायता राशि दी जा रही है, राहत शिविरों में सेनेटरी नैपकिन भी बांटने का निर्देश दिया गया है। खबरों के मुताबिक़ बिहार में 16 बच्चों का जन्म नाव या फिर राहत शिविरों में हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed