फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Bihar Caste Census Based On Bihar Survey Castes Code Bhramin Yadav Rajput Kurmi Bania News in Hindi

Bihar Caste Census 1 : श्रीवास्तव, लाला या लाल बताई जाति तो कायस्थ नहीं बचेंगे, कहलाएंगे...

Wed, 05 Apr 2023 06:28 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: आदित्य आनंद Updated Wed, 05 Apr 2023 06:28 PM IST
सार

Caste Code in Bihar : 15 अप्रैल से जनगणना कर्मी आएंगे तो बिहार की अगड़ी जाति में शुमार कायस्थ जाति के लोगों को संभलकर जानकारी देनी होगी। थोड़ी-सी लापरवाही की कि जाति से बाहर हो जाएंगे। क्यों-कैसे...पढ़िए-

विज्ञापन
Bihar Caste Census Based On Bihar Survey Castes Code Bhramin Yadav Rajput Kurmi Bania News in Hindi
कायस्थ जाति के साथ मजाक कर रही सरकार। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केंद्र सरकार नहीं मानी तो बिहार सरकार ने अपने पैसे से जाति जनगणना कराने का न केवल फैसला लिया, बल्कि इसका पहला चरण पूरा करा लिया। अब अगला चरण 15 अप्रैल से शुरू हो रहा है। पहले चरण में मकान गिने गए थे। असली जातिगत जनगणना अब शुरू होने वाली है। इसके लिए जनगणना कर्मियों को जाति का कोड बांटकर दिया गया है। 15 अप्रैल से जनगणना कर्मी आएंगे तो बिहार की अगड़ी जाति में शुमार कायस्थ जाति के लोगों को संभलकर जानकारी देनी होगी। थोड़ी-सी लापरवाही की कि जाति से बाहर हो जाएंगे। क्यों-कैसे...पढ़िए-

विज्ञापन


उपजाति और टाइटल का फेर फंसा
संकट जनगणना कर्मियों को जातियों का कोड विवरण जारी किए जाने के बाद सामने आया है। हुआ यह है कि जारी कोड में एक तो कायस्थ जाति के लिए जारी किया गया है, लेकिन दूसरी जगह एक कोड के तहत हिंदू धर्म के दर्जी के उपनाम के रूप में श्रीवास्तव/ लाला/ लाल/ दर्जी प्रकाशित कर जनगणना कर्मियों को दिया गया है। जनगणना कर्मी भी संशय में हैं कि अगर क्षेत्र में आंकड़ा संग्रह के दौरान लोगों ने आपत्ति की तो क्या होगा?

विज्ञापन

Bihar Caste Census Based On Bihar Survey Castes Code Bhramin Yadav Rajput Kurmi Bania News in Hindi
दूसरी जाति बताना सरकार का घोर अपराध है - फोटो : अमर उजाला

उपजाति और टाइटल को जाति बताने पर सवाल
बिहार में कायस्थ जाति फॉरवर्ड में तो है ही, शहरी लोकसभा-विधानसभा सीटों पर इनका प्रभाव भी दिखता है। चाणक्या इंस्टीट्यूट ऑफ पॉलिटिकल राइट्स एंड रिसर्च के निदेशक सुनील कुमार सिन्हा कहते हैं कि "कलम-दावात की पूजा करने वाले कायस्थ जाति का बिहार के निर्माण में बड़ा योगदान रहा है। कायस्थों में 12 उप-जातियां हैं। 'श्रीवास्तव' कायस्थों की एक उप-जाति है। उत्तर प्रदेश और इससे सटे बिहार में इस उप-जाति के कायस्थ सबसे ज्यादा संख्या में हैं। इसके अलावा कायस्थों को 'लाला' भी कहा जाता है। लाला का अर्थ हिसाब-किताब संभालने वाले के रूप में लगाया जाता है। कहीं-कहीं कायस्थों के लिए यह प्रमुख टाइटल भी है। इसी तरह 'लाल' भी टाइटल है।"


 

Bihar Caste Census Based On Bihar Survey Castes Code Bhramin Yadav Rajput Kurmi Bania News in Hindi
खुली साजिश है यह, सरकार ही खेल कर रही है - फोटो : अमर उजाला

सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रही सरकार
जातिगत जनगणना के लिए 214 जातियों का कोड जारी किया गया है। इन जातियों का कोड जारी किए जाने के बाद से सोशल मीडिया पर यह चर्चा का विषय है। जातियों के लिए कोड निर्धारित किए जाने में ऐसी ही गड़बड़ी को लेकर लोग सरकार को ट्रोल भी कर रहे हैं। सोशल मीडिया यूजर्स तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं कि सरकार हिंदू रीत-रिवाज और परंपरा से उलट नई-नई भ्रांतियां फैला रही है। लोग इसे साजिश बताकर पोस्ट भी शेयर कर रहे हैं।

विज्ञापन

Bihar Caste Census Based On Bihar Survey Castes Code Bhramin Yadav Rajput Kurmi Bania News in Hindi
कायस्थ जाति के साथ मजाक कर रही सरकार - फोटो : अमर उजाला

जाति जनगणना पर सवाल उठाता रहा है यह वर्ग
बिहार में जातिगत जनगणना की बात जब से उठी, तभी से इस जाति के लोग विराेध कर रहे हैं। पढ़ने-लिखने की उम्र में इसे जातिगत दलदल में धकेलने की बात कहकर विरोध जताया जाता रहा। अब सरकार की ओर विकल्पहीन होने के बाद जब जाति जनगणना शुरू हो रही है तो मशहूर साहित्यकार शिवदयाल कहते हैं कि "आजादी के 75 साल बाद बिहार को करीब 90 साल पीछे धकेलने की कोशिश होनी ही नहीं चाहिए थी। नीति-निर्धारक ही ऐसा कर रहे हैं तो जनता मानने के लिए मजबूर है। और, जब ऐसा कर रहे हों तो आननफानन में कुछ भी नहीं कर देना चाहिए। जातिवार गिनना है तो उपनामों का इस तरह  उपयोग कर भ्रांति नहीं फैलानी चाहिए।"

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed