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बिहार कैबिनेट के फैसले: सम्राट चौधरी सरकार ने 43 प्रस्तावों पर लगाई मुहर; विधान परिषद् चुनाव में अटकी थी बैठक
Wed, 28 Oct 2026 06:18 PM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आदित्य आनंद
Updated Wed, 28 Oct 2026 06:18 PM IST
सार
Bihar Cabinet Decision : बिहार विधान परिषद् चुनाव के नाम पर अचानक रुकी कैबिनेट बैठक आखिरकार परिणाम के बाद हुई। बैठक में एकमुश्त 43 प्रस्तावों पर सम्राट चौधरी कैबिनेट ने मुहर लगाई।
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सीएम सम्राट चौधरी मंत्रिपरिषद् के अहम फैसले आए सामने।
- फोटो : amar ujala digital
विस्तार
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार शाम को हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में 43 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। बैठक में बिजली वितरण व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण, बायो-फ्यूल और कंप्रेस्ड बायो-गैस उत्पादन को बढ़ावा देने, बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नीति-2026 और औद्योगिक विकास से जुड़े अहम फैसले लिए गए। इसके अलावा सड़क और रेलवे परियोजनाओं, पुलिस व्यवस्था, न्यायिक ढांचे, तकनीकी शिक्षा, हवाई सेवा और बाढ़ सुरक्षा से संबंधित प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
बिजली व्यवस्था मजबूत करने के लिए 11,096.55 करोड़ की योजना
कैबिनेट ने राज्य की बिजली वितरण कंपनियों के अधीन एलटी प्रणाली को मजबूत करने, एलटी केबल लगाने और ओवरलोडेड ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाने के लिए अधिकतम तीन वर्षों में 11,096.55 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना को मंजूरी दी। इसमें नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को 6,066 करोड़ रुपये और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को 5,030.55 करोड़ रुपये की राशि विभिन्न वित्तीय संस्थानों और बैंकों से जुटाने की अनुमति दी गई है। इसके लिए राज्य सरकार की गारंटी पर ऋण लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। दरभंगा और खगौल में दो 200 एमवीए पावर ट्रांसफॉर्मर लगाने के लिए 33.44 करोड़ रुपये की नई योजना को भी स्वीकृति मिली है।
बायो-फ्यूल, सीबीजी और उद्योगों को बढ़ावा
कैबिनेट ने बिहार बायो-फ्यूल एवं कंप्रेस्ड बायो-गैस (सीबीजी) उत्पादन प्रोत्साहन नीति-2026 को मंजूरी दी। सूक्ष्म एवं लघु उद्यम सुविधा परिषद नियमावली-2026 और बिहार एमएसएमई नीति-2026 को भी कार्योत्तर स्वीकृति दी गई। मुख्यमंत्री सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्लस्टर विकास योजना-2026 को भी मंजूरी मिली। गोपालगंज के बैकुंठपुर स्थित राजापट्टी में वेस्टवेल बायोरिफाइनरीज और किशनगंज के ठाकुरगंज में एक औद्योगिक इकाई से जुड़े वित्तीय प्रोत्साहन प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। नवादा जिले के वारिसलीगंज में नई चीनी मिल और गन्ने के उप-उत्पादों पर आधारित अन्य इकाइयों की स्थापना एवं संचालन के लिए भी वित्तीय सहायता देने का फैसला लिया गया। इसके तहत बैंक मूल्यांकन रिपोर्ट के आधार पर स्वीकृत परियोजना लागत का 40 प्रतिशत वित्तीय सहयोग देने का प्रस्ताव है। मुजफ्फरपुर के मोतीपुर स्थित बिहार राज्य चीनी निगम की बंद इकाई की 151.58 एकड़ जमीन उद्योग विभाग को अन्य उद्योगों की स्थापना के लिए हस्तांतरित करने की मंजूरी दी गई।
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बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नीति-2026 मंजूर
राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नीति-2026 को मंजूरी दी गई। इसके अलावा राज्य सरकार की सेवाओं और उनसे जुड़ी जानकारियों को व्हाट्सऐप के माध्यम से आम नागरिकों तक पहुंचाने के लिए भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के चयन तथा योजना के क्रियान्वयन के लिए 2.34 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
पटना में अंडरग्राउंड रोड कॉरिडोर की स्टडी
पटना में अंडरग्राउंड रोड कॉरिडोर के विकास की संभावनाओं का आकलन करने के लिए फिजिबिलिटी स्टडी पर 18.21 करोड़ रुपये खर्च करने की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। इसके अलावा तीन प्रमुख सड़क परियोजनाओं के लिए ट्रांजेक्शन एडवाइजर की परामर्श सेवाओं पर 37.10 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दी गई। इनमें बक्सर-आरा-मनेर पथ (विश्वामित्र पथ), बिदुपुर-दिघवारा-उत्तरी गंगा पथ (गंगा अम्बिका पथ) और दरिहारा (कोन्हुआ)-डुमरिया घाट, गोपालगंज पथ (नारायणी पथ) शामिल हैं।
विश्वामित्र पथ के विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर), भूमि अधिग्रहण और जरूरी वैधानिक एवं पर्यावरणीय मंजूरियों के लिए 2.60 करोड़ रुपये तथा नारायणी पथ के लिए 2.10 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। भागलपुर में दीनदयाल उपाध्याय चौक से भवनपुरा पथ के 0 से 8.350 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 68.6879 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। बांका जिले में बदुआ नदी के किनारे तेलडीहा दुर्गा मंदिर के पास चेक डैम सहित पाथवे निर्माण के लिए 37.09 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं व्यय स्वीकृति दी गई।
सुपौल-अररिया रेललाइन के लिए जमीन हस्तांतरण
सुपौल-अररिया नई रेललाइन परियोजना के निर्माण के लिए सुपौल जिले के पिपरा, त्रिवेणीगंज और पिपरा अंचल से संबंधित जमीन रेलवे मंत्रालय, भारत सरकार को हस्तांतरित करने की मंजूरी दी गई। पिपरा अंचल की 3.12725 एकड़ जमीन के लिए 66.97 लाख रुपये और त्रिवेणीगंज एवं पिपरा की कुल 21.48068 एकड़ जमीन के लिए 4.22 करोड़ रुपये से अधिक के भुगतान के आधार पर हस्तांतरण का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया।
तकनीकी संस्थानों के 49 हजार विद्यार्थियों को हॉस्टल सहायता
राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों और सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों के विद्यार्थियों के लिए निजी भवनों में छात्रावास की व्यवस्था करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके तहत प्रति विद्यार्थी प्रति बेड 1,000 रुपये प्रतिमाह की दर से सहायता दी जाएगी। वर्तमान में नामांकित 49 हजार विद्यार्थियों के लिए संभावित मासिक व्यय 4.90 करोड़ रुपये और वार्षिक व्यय 58.80 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है।
पुलिस और आर्थिक अपराध इकाई में पदों का सृजन
बढ़ती आबादी और अपराध को देखते हुए मोतिहारी, पूर्णिया और सारण जिलों में नगर पुलिस अधीक्षक (स्टाफ ऑफिसर कोटि) के तीन पदों सहित कुल 12 पदों के सृजन को मंजूरी दी गई। आर्थिक अपराध इकाई, बिहार के विस्तार और क्षमता बढ़ाने के लिए क्षेत्रीय आर्थिक अपराध इकाइयों में 143 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई। भागलपुर में विधि-व्यवस्था से संबंधित पुलिस पदों के पुनर्गठन का प्रस्ताव भी मंजूर हुआ। राज्य के फॉरेंसिक कार्यालयों को गृह विभाग के प्रत्यक्ष नियंत्रण में रखने और उनके लिए निदेशालय की संरचना तैयार करने से संबंधित प्रस्ताव को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली।
बिहार राज्य खेल-2026 के लिए 12 करोड़
बिहार राज्य खेल-2026 के आयोजन के लिए बिहार ओलंपिक संघ को 12 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने की मंजूरी दी गई। यह राशि आयोजन पर होने वाले खर्च के लिए स्वीकृत की गई है।
हवाई सेवा और उड़ान प्रशिक्षण को बढ़ावा
सहरसा हवाई पट्टी की 1,000 वर्ग मीटर जमीन जीआरडी एयर अकादमी प्राइवेट लिमिटेड को उड़ान प्रशिक्षण संस्थान और संबंधित गतिविधियों की स्थापना के लिए 30 वर्षों की लीज पर आवंटित करने की मंजूरी दी गई। उड़ान योजना के तहत भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को मई 2026 से सितंबर 2028 तक अंतर-व्यवहार्यता निधि के रूप में प्रतिमाह 1.5 करोड़ रुपये की दर से कुल 43.50 करोड़ रुपये देने की प्रशासनिक स्वीकृति भी दी गई।
बाढ़ सुरक्षा और नदी अध्ययन पर खर्च
कोसी, गंडक और सोन नदियों की प्रमुख सहायक नदियों के फ्लड प्लेन जोन निर्धारण अध्ययन के लिए राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान, रुड़की के साथ समझौता ज्ञापन के माध्यम से 1.9942 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दी गई। राष्ट्रीय बांध सुरक्षा अधिनियम-2021 के तहत बिहार के 24 बांधों की वास्तविक स्थिति और सुरक्षा के आकलन के लिए गाद अध्ययन, संशोधित डिजाइन के आधार पर बाढ़ आकलन, आपातकालीन कार्ययोजना और संचालन एवं रखरखाव मैनुअल तैयार करने पर 8.3932 करोड़ रुपये खर्च करने की स्वीकृति दी गई।
न्यायालयों और प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव
मधुबनी न्यायमंडल में एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए विशेष न्यायालय गठित करने और एक जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश का पद सृजित करने की मंजूरी दी गई। पटना न्यायमंडल में एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के वाणिज्यिक मामलों के निपटारे के लिए दो अतिरिक्त वाणिज्यिक न्यायालय गठित किए जाएंगे। इसके लिए जिला न्यायाधीश स्तर के दो पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई। बिहार सूचना आयोग में राज्य सूचना आयुक्त का एक अतिरिक्त पद अगले आदेश तक सृजित करने, बिहार सचिवालय सेवा (संशोधन) नियमावली-2026 को मंजूरी देने और बिहार प्रशासनिक सेवा के विभिन्न ग्रेड के पदों के पुनर्गठन से जुड़े प्रस्ताव भी स्वीकृत किए गए। इसके अलावा रोहतास जिले में एसआईबी कार्यालय-सह-आवासीय परिसर के निर्माण के लिए 28 डिसमिल जमीन गृह मंत्रालय, भारत सरकार को हस्तांतरित करने, पटना हाईकोर्ट स्थित राजकीय औषधालय के संविदा चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. उमेश प्रधान का कार्यकाल दो वर्ष बढ़ाने और क्षेत्रीय कार्यालयों के पुनर्गठन से संबंधित प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
अन्य अहम फैसले
कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में बीज गुणवत्ता नियंत्रण, बीज अवसंरचना के निर्माण एवं आधुनिकीकरण तथा राष्ट्रीय बीज भंडारण से संबंधित कार्यों के लिए 11.82588 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी। सोनपुर आयोजना क्षेत्र के विस्तार और ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री एवं हस्तांतरण पर लगाए गए प्रतिबंध हटाने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। पशु आहार के लिए छोआ तथा बायोडीजल एवं फॉर्मल्डिहाइड निर्माण के लिए मेथनॉल के राज्य के बाहर से आयात को मंजूरी दी गई। बिहार से बाहर औद्योगिक उपयोग के लिए आपूर्ति किए जाने वाले इथेनॉल में भारतीय मानक आईएस 4117:2008 के अनुरूप 12 विकारकों के मिश्रण से संबंधित प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली।
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बिजली व्यवस्था मजबूत करने के लिए 11,096.55 करोड़ की योजना
कैबिनेट ने राज्य की बिजली वितरण कंपनियों के अधीन एलटी प्रणाली को मजबूत करने, एलटी केबल लगाने और ओवरलोडेड ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाने के लिए अधिकतम तीन वर्षों में 11,096.55 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना को मंजूरी दी। इसमें नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को 6,066 करोड़ रुपये और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को 5,030.55 करोड़ रुपये की राशि विभिन्न वित्तीय संस्थानों और बैंकों से जुटाने की अनुमति दी गई है। इसके लिए राज्य सरकार की गारंटी पर ऋण लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। दरभंगा और खगौल में दो 200 एमवीए पावर ट्रांसफॉर्मर लगाने के लिए 33.44 करोड़ रुपये की नई योजना को भी स्वीकृति मिली है।
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बायो-फ्यूल, सीबीजी और उद्योगों को बढ़ावा
कैबिनेट ने बिहार बायो-फ्यूल एवं कंप्रेस्ड बायो-गैस (सीबीजी) उत्पादन प्रोत्साहन नीति-2026 को मंजूरी दी। सूक्ष्म एवं लघु उद्यम सुविधा परिषद नियमावली-2026 और बिहार एमएसएमई नीति-2026 को भी कार्योत्तर स्वीकृति दी गई। मुख्यमंत्री सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्लस्टर विकास योजना-2026 को भी मंजूरी मिली। गोपालगंज के बैकुंठपुर स्थित राजापट्टी में वेस्टवेल बायोरिफाइनरीज और किशनगंज के ठाकुरगंज में एक औद्योगिक इकाई से जुड़े वित्तीय प्रोत्साहन प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। नवादा जिले के वारिसलीगंज में नई चीनी मिल और गन्ने के उप-उत्पादों पर आधारित अन्य इकाइयों की स्थापना एवं संचालन के लिए भी वित्तीय सहायता देने का फैसला लिया गया। इसके तहत बैंक मूल्यांकन रिपोर्ट के आधार पर स्वीकृत परियोजना लागत का 40 प्रतिशत वित्तीय सहयोग देने का प्रस्ताव है। मुजफ्फरपुर के मोतीपुर स्थित बिहार राज्य चीनी निगम की बंद इकाई की 151.58 एकड़ जमीन उद्योग विभाग को अन्य उद्योगों की स्थापना के लिए हस्तांतरित करने की मंजूरी दी गई।
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बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नीति-2026 मंजूर
राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नीति-2026 को मंजूरी दी गई। इसके अलावा राज्य सरकार की सेवाओं और उनसे जुड़ी जानकारियों को व्हाट्सऐप के माध्यम से आम नागरिकों तक पहुंचाने के लिए भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के चयन तथा योजना के क्रियान्वयन के लिए 2.34 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
पटना में अंडरग्राउंड रोड कॉरिडोर की स्टडी
पटना में अंडरग्राउंड रोड कॉरिडोर के विकास की संभावनाओं का आकलन करने के लिए फिजिबिलिटी स्टडी पर 18.21 करोड़ रुपये खर्च करने की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। इसके अलावा तीन प्रमुख सड़क परियोजनाओं के लिए ट्रांजेक्शन एडवाइजर की परामर्श सेवाओं पर 37.10 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दी गई। इनमें बक्सर-आरा-मनेर पथ (विश्वामित्र पथ), बिदुपुर-दिघवारा-उत्तरी गंगा पथ (गंगा अम्बिका पथ) और दरिहारा (कोन्हुआ)-डुमरिया घाट, गोपालगंज पथ (नारायणी पथ) शामिल हैं।
विश्वामित्र पथ के विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर), भूमि अधिग्रहण और जरूरी वैधानिक एवं पर्यावरणीय मंजूरियों के लिए 2.60 करोड़ रुपये तथा नारायणी पथ के लिए 2.10 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। भागलपुर में दीनदयाल उपाध्याय चौक से भवनपुरा पथ के 0 से 8.350 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 68.6879 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। बांका जिले में बदुआ नदी के किनारे तेलडीहा दुर्गा मंदिर के पास चेक डैम सहित पाथवे निर्माण के लिए 37.09 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं व्यय स्वीकृति दी गई।
सुपौल-अररिया रेललाइन के लिए जमीन हस्तांतरण
सुपौल-अररिया नई रेललाइन परियोजना के निर्माण के लिए सुपौल जिले के पिपरा, त्रिवेणीगंज और पिपरा अंचल से संबंधित जमीन रेलवे मंत्रालय, भारत सरकार को हस्तांतरित करने की मंजूरी दी गई। पिपरा अंचल की 3.12725 एकड़ जमीन के लिए 66.97 लाख रुपये और त्रिवेणीगंज एवं पिपरा की कुल 21.48068 एकड़ जमीन के लिए 4.22 करोड़ रुपये से अधिक के भुगतान के आधार पर हस्तांतरण का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया।
तकनीकी संस्थानों के 49 हजार विद्यार्थियों को हॉस्टल सहायता
राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों और सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों के विद्यार्थियों के लिए निजी भवनों में छात्रावास की व्यवस्था करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके तहत प्रति विद्यार्थी प्रति बेड 1,000 रुपये प्रतिमाह की दर से सहायता दी जाएगी। वर्तमान में नामांकित 49 हजार विद्यार्थियों के लिए संभावित मासिक व्यय 4.90 करोड़ रुपये और वार्षिक व्यय 58.80 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है।
पुलिस और आर्थिक अपराध इकाई में पदों का सृजन
बढ़ती आबादी और अपराध को देखते हुए मोतिहारी, पूर्णिया और सारण जिलों में नगर पुलिस अधीक्षक (स्टाफ ऑफिसर कोटि) के तीन पदों सहित कुल 12 पदों के सृजन को मंजूरी दी गई। आर्थिक अपराध इकाई, बिहार के विस्तार और क्षमता बढ़ाने के लिए क्षेत्रीय आर्थिक अपराध इकाइयों में 143 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई। भागलपुर में विधि-व्यवस्था से संबंधित पुलिस पदों के पुनर्गठन का प्रस्ताव भी मंजूर हुआ। राज्य के फॉरेंसिक कार्यालयों को गृह विभाग के प्रत्यक्ष नियंत्रण में रखने और उनके लिए निदेशालय की संरचना तैयार करने से संबंधित प्रस्ताव को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली।
बिहार राज्य खेल-2026 के लिए 12 करोड़
बिहार राज्य खेल-2026 के आयोजन के लिए बिहार ओलंपिक संघ को 12 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने की मंजूरी दी गई। यह राशि आयोजन पर होने वाले खर्च के लिए स्वीकृत की गई है।
हवाई सेवा और उड़ान प्रशिक्षण को बढ़ावा
सहरसा हवाई पट्टी की 1,000 वर्ग मीटर जमीन जीआरडी एयर अकादमी प्राइवेट लिमिटेड को उड़ान प्रशिक्षण संस्थान और संबंधित गतिविधियों की स्थापना के लिए 30 वर्षों की लीज पर आवंटित करने की मंजूरी दी गई। उड़ान योजना के तहत भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को मई 2026 से सितंबर 2028 तक अंतर-व्यवहार्यता निधि के रूप में प्रतिमाह 1.5 करोड़ रुपये की दर से कुल 43.50 करोड़ रुपये देने की प्रशासनिक स्वीकृति भी दी गई।
बाढ़ सुरक्षा और नदी अध्ययन पर खर्च
कोसी, गंडक और सोन नदियों की प्रमुख सहायक नदियों के फ्लड प्लेन जोन निर्धारण अध्ययन के लिए राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान, रुड़की के साथ समझौता ज्ञापन के माध्यम से 1.9942 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दी गई। राष्ट्रीय बांध सुरक्षा अधिनियम-2021 के तहत बिहार के 24 बांधों की वास्तविक स्थिति और सुरक्षा के आकलन के लिए गाद अध्ययन, संशोधित डिजाइन के आधार पर बाढ़ आकलन, आपातकालीन कार्ययोजना और संचालन एवं रखरखाव मैनुअल तैयार करने पर 8.3932 करोड़ रुपये खर्च करने की स्वीकृति दी गई।
न्यायालयों और प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव
मधुबनी न्यायमंडल में एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए विशेष न्यायालय गठित करने और एक जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश का पद सृजित करने की मंजूरी दी गई। पटना न्यायमंडल में एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के वाणिज्यिक मामलों के निपटारे के लिए दो अतिरिक्त वाणिज्यिक न्यायालय गठित किए जाएंगे। इसके लिए जिला न्यायाधीश स्तर के दो पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई। बिहार सूचना आयोग में राज्य सूचना आयुक्त का एक अतिरिक्त पद अगले आदेश तक सृजित करने, बिहार सचिवालय सेवा (संशोधन) नियमावली-2026 को मंजूरी देने और बिहार प्रशासनिक सेवा के विभिन्न ग्रेड के पदों के पुनर्गठन से जुड़े प्रस्ताव भी स्वीकृत किए गए। इसके अलावा रोहतास जिले में एसआईबी कार्यालय-सह-आवासीय परिसर के निर्माण के लिए 28 डिसमिल जमीन गृह मंत्रालय, भारत सरकार को हस्तांतरित करने, पटना हाईकोर्ट स्थित राजकीय औषधालय के संविदा चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. उमेश प्रधान का कार्यकाल दो वर्ष बढ़ाने और क्षेत्रीय कार्यालयों के पुनर्गठन से संबंधित प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
अन्य अहम फैसले
कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में बीज गुणवत्ता नियंत्रण, बीज अवसंरचना के निर्माण एवं आधुनिकीकरण तथा राष्ट्रीय बीज भंडारण से संबंधित कार्यों के लिए 11.82588 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी। सोनपुर आयोजना क्षेत्र के विस्तार और ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री एवं हस्तांतरण पर लगाए गए प्रतिबंध हटाने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। पशु आहार के लिए छोआ तथा बायोडीजल एवं फॉर्मल्डिहाइड निर्माण के लिए मेथनॉल के राज्य के बाहर से आयात को मंजूरी दी गई। बिहार से बाहर औद्योगिक उपयोग के लिए आपूर्ति किए जाने वाले इथेनॉल में भारतीय मानक आईएस 4117:2008 के अनुरूप 12 विकारकों के मिश्रण से संबंधित प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली।