आठ बार विधानसभा चुनाव हारने वाले को भाजपा ने बनाया राज्यसभा उम्मीदवार
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बिहार से भाजपा के टिकट पर राज्यसभा के लिए नामांकन करने वाले गोपाल नारायण सिंह अभी उच्च सदन के लिए चुने नहीं गए हैं लेकिन अभी से उनके नाम पर विवाद शुरू हो गया है। सुशील मोदी को दरकिनार कर राज्यसभा भेजे जा रहे सिंह के नामांकन ने विरोधी दलों को भी निशाना साधने का मौका दे दिया है। गोपाल नारायण सिंह के खिलाफ अवैध खनन और वन अधिनियम से जुड़े दर्जनभर से ज्यादा मामले दर्ज हैं। जबकि सत्तारूढ़ जेडीयू ने आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ 28 संगीन मामले लंबित हैं।
सिंह के खिलाफ वन और खनन कानून से जुड़े कई मामले चल रहे हैं जिनमें से अधिकतर रोहताश जिले में हैं। हालांकि अभी उन्हें किसी मामले में अपराधी नहीं ठहराया गया है लेकिन पत्थर खनन के कई बड़े मामलों में उनका नाम आ चुका है। रोहताश के जमुहार जिले के रहने वाले गोपाल नारायण सिंह राजपूत नेता हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में पीजी करने वाले सिंह का चुनावी रिकार्ड भी खास अच्छा नहीं रहा है।
इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि चार दशक पहले उन्होंने नोखा विधानसभा सीट जीती थी इसके बाद से वह औरंगाबाद जिले की नबीनगर सीट से आठ बार हार चुके हैं। हालांकि दस साल पहले वह भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। पिछले आठ सालों से वह सार्वजनिक राजनीतिक से दूर ही रहे हैं। हालांकि इस दौरान उनका संघ से जुड़ाव बदस्तूर बना रहा।
अवैध खनन के मामलों में भी जुड़ा है गोपाल नारायण का नाम
मंगलवार को राज्यसभा में नामांकन के बाद उन्होंने पार्टी का धन्यवाद देते हुए कहा कि मुझे इतना बड़ा सम्मान देने के लिए मैं पार्टी का आभारी हूं। वहीं इस दौरान उनके साथ रहे सुशील मोदी ने कहा कि मैं पार्टी के बिहार के लिए और काम करने के निर्णय का स्वागत करता हूं
बीते विधानसभा चुनावों के दौरान 42 करोड़ रुपये की संपति की घोषणा करने वाले गोपाल नारायण सिंह के खिलाफ रोहताश पुलिस द्वारा 1998 में वन अधिनियम के तहत दर्ज किया गया था। हालांकि कोर्ट ने अभी तक इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया है। साल 2014 में भी उनके खिलाफ वन अधिनियम के दो मुकदमे दर्ज किए गए।
इसके अलावा अतिक्रमण, किराया विवाद सहित उन पर 11 अन्य मुकदमे दर्ज हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडे सफाई देते हैं कि अभी तक उनके खिलाफ कोई भी आरोप सिद्ध नहीं हुआ है। वहीं जेडीयू ने सिंह के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उनके खिलाफ चल रहे मुकदमों की लिस्ट जारी की है। जिसमें आरोप लगाया गया है कि सिंह के खिलाफ 28 मामले लंबित हैं। जिनमें से कई संगीन धाराओं में दर्ज हैं।
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ कई संगीन मामलों सहित अवैध खनन के मामले चल रहे हैं। ऐसे में उन्हें कैसे राज्यसभा भेजा जा सकता है। हम स्वागत करते अगर भाजपा की ओर से सुशील मोदी या कोई उनके स्तर का ही नेता राज्यसभा के लिए भेजा जाता।