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Bihar: बिहार के कृषि मंत्री ने अपने ही विभाग की रिपोर्ट पर उठाए सवाल, धान की खेती पर मांगी विस्तृत रिपोर्ट

Sun, 28 Aug 2022 07:07 AM IST
देव कश्यप पीटीआई, पटना।
पीटीआई, पटना। Published by: देव कश्यप Updated Sun, 28 Aug 2022 07:07 AM IST
सार

कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने कहा कि पिछली रिपोर्ट में कहा गया था कि 25 अगस्त तक धान की रोपाई कुल लक्ष्य का 86 फीसदी पूरी हो चुकी है। सिंह ने कहा कि इस समय राज्य में सूखे जैसे हालात है। ऐसी स्थिति में मेरे विभाग के आंकड़े और बरसात की रिपोर्ट आपस में विरोधाभासी हैं।

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Bihar Agriculture minister seeks report on impact of drought-like condition over paddy cultivation
धान की रोपाई करते किसान (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार के कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने राज्य में धान की खेती को प्रभावित करने वाले सूखे जैसे हालात पर अपने विभाग से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। सिंह ने न्यूज एजेंसी पीटीआई के साथ बातचीत में कहा कि बरसात की कमी के कारण कुछ क्षेत्रों में धान के खेतों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं। इसके साथ ही उन्होंने इस बारे में पहले मिली रिपोर्ट में दर्ज आंकड़ों को ‘विरोधाभासी’ बताते हुए खारिज कर दिया है।

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उन्होंने कहा कि पिछली रिपोर्ट में कहा गया था कि 25 अगस्त तक धान की रोपाई कुल लक्ष्य का 86 फीसदी पूरी हो चुकी है। सिंह ने कहा, ‘‘इस समय राज्य में सूखे जैसे हालात है। ऐसी स्थिति में मेरे विभाग के आंकड़े और बरसात की रिपोर्ट आपस में विरोधाभासी हैं।’’

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सिंह ने कहा कि बिहार में धान की खेती बरसात पर निर्भर करती है और इस साल बारिश 41 फीसदी कम होने से रोपाई में भी खासी देरी हुई। उन्होंने कहा, ‘‘आंकड़े जुटाने में कोई अनियमितता पाई जाती है तो मैं संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दूंगा।’’
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मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, बिहार के शेखपुरा, लखीसराय और भागलपुर जिलों में वर्षा की कमी कम-से-कम 60 फीसदी है जबकि राज्य के 31 जिलों में कम-से-कम 20 फीसदी कम बारिश हुई है।मंत्री ने कहा कि "भागलपुर में सबसे अधिक 63 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई है, और मेरे विभाग द्वारा भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि जिले में धान की 42 प्रतिशत रोपाई का काम पूरा हो गया है। यह बहुत आश्चर्यजनक है।"


उन्होंने कहा, "इसी तरह, जमुई में केवल 16 प्रतिशत ही रोपाई का काम किया जा सका है, जहां वर्षा की कमी 44 प्रतिशत दर्ज की गई है। मुझे नहीं पता कि यह कैसे हुआ।" सिंह ने कहा कि कुछ जिलों में किसानों ने भूजल और महंगे डीजल पंपों का उपयोग करके धान की रोपाई की है। उन्होंने कहा, "मैं यह भी जानता हूं कि लंबे समय से सूखे के कारण राज्य के कई जिलों में किसान धान को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।" वहीं, रिपोर्ट तैयार करने वाले अधिकारियों ने मंत्री के बयान पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

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