Bihar News: 33 पंचायतों के 30 हजार परिवार बाढ़ से हुए प्रभावित, इस दिन से मिलेगी सात हजार रुपए सहायता राशि
डीएम ने बताया कि फिलहाल जिले में कुल 34 सामुदायिक रसोई केन्द्र संचालित हैं। जहां अब तक 860118 लोगों को भोजन कराया गया है। निर्मली एवं मरौना में सामुदायिक रसोई केन्द्र बंद कर दिया गया है।
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बीते दिनों नेपाल प्रभाग में हुई भारी बारिश के बाद कोसी नदी उफान पर थी। जिला प्रशासन के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार जिले के 5 प्रखंडों के 31 पंचायत इस दौरान बाढ़ से प्रभावित हुए। हालांकि, अब जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावितों का नया आंकड़ा जारी किया है। जिलाधिकारी कौशल कुमार ने सोमवार को कार्यालय वेश्म में प्रेसवार्ता कर बताया कि आंशिक रुप से प्रभावित दो अन्य पंचायतों को भी बाढ़ प्रभावित पंचायतों की सूची में जोड़ा गया है। जिसके बाद 33 पंचायत के कुल 264 वार्ड के 25592 परिवार की सूची बन कर तैयार है। बुधवार से इन पीड़ितों के खाते में राशि का भुगतान शुरू हो जाएगा। सीएम नीतीश कुमार भुगतान की शुरुआत कर सकते हैं।
डीएम ने बताया कि पुरानी सूची में 24534 परिवार थे। पीड़ित परिवारों का आंकड़ा बढ़ कर 30 हजार तक हो सकता है। पीड़ित परिवारों को आपदा प्रबंधन विभाग के प्रावधान के अनुसार 7 हजार रुपए की दर से सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से मुहैया कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि सदर प्रखंड के 8 पंचायत के 76, किशनपुर के 9 पंचायतों के 89, सरायगढ़-भपटियाही के 6 पंचायत के 52, निर्मली के 4 पंचायत के 21 एवं मरौना प्रखंड के 6 पंचायतों के 26 वार्ड बाढ़ से प्रभावित हुए। इन इलाकों में जिला प्रशासन की ओर से फिलहाल 241 नाव का परिचालन किया जा रहा है, जिसे आगे की परिस्थितियोें के अनुसार घटाया जाएगा।
34 सामुदायिक रसोई केंद्र का हो रहा संचालन
डीएम ने बताया कि फिलहाल जिले में कुल 34 सामुदायिक रसोई केन्द्र संचालित हैं। जहां अब तक 860118 लोगों को भोजन कराया गया है। निर्मली एवं मरौना में सामुदायिक रसोई केन्द्र बंद कर दिया गया है। वहीं किशनपुर में 28, सदर में 4 एवं सरायगढ़-भपटियाही में 2 रसोई केन्द्र संचालित हैं। प्रशासन की ओर से बाढ़ पीड़ितों के बीच 48263 सूखा राशन पैकेट और करीब 47 हजार पॉलिथीन सीट का वितरण किया गया है। सदर प्रखंड में 75.12 एवं किशनपुर में 71.09 क्विंटल पशुचारा का वितरण किया गया है।
तटबंध के बाहर भी सीपेज की वजह से हुई फसल क्षति
डीएम ने बताया कि कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद तटबंध के बाहरी इलाकों में भी सीपेज की समस्या उत्पन्न हुई। जिस वजह से फसलों का काफी नुकसान हुआ है। लिहाजा, बाढ़ से हुई फसल क्षति के सर्वे में इन इलाकों को भी शामिल किया गया है। अब तक प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार सदर प्रखंड के 10 पंचायत में 6404, किशनपुर के 9 पंचायत में 4728, सरायगढ़-भपटियाही के 9 पंचायत में 4122, मरौना के 5 पंचायत में 2576 और निर्मली में नगर पंचायत सहित कुल 8 पंचायत में 4643 हेक्टेयर में लगी फसल प्रभावित हुई। इसमें सदर प्रखंड में 4255, किशनपुर में 3317, सरायगढ़-भपटियाही में 1980, मरौना में 1694 और निर्मली में 2976 हेक्टेयर में लगी फसल 33 फीसदी से अधिक बर्बाद हुई। डीएम ने बताया कि अगले एक-दो दिनों में फसल क्षति के लिए कृषि विभाग का पोर्टल खुल जाएगा। जिसके बाद पीड़ित किसान आवेदन कर सकते हैं। विभागीय निर्देशानुसार किसानों को 17 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से फसल क्षति का मुआवजा डीबीटी के माध्यम से दिया जाएगा। एक किसान को अधिकतम 2 हेक्टेयर का मुआवजा मिलेगा। फसल क्षति मुआवजा भुगतान में 24 करोड़ रुपए से अधिक खर्च का अनुमान है।