Bihar : रेलकर्मियों ने क्यों की पटरी की पूजा; कोलकाता राजधानी एक्सप्रेस हादसे को किस तरह याद किया
Train Accident : इस हादसे में 130 लोगों की मौत हुई थी। प्रत्यक्षदर्शियों बताते हैं कि हमलोगों ने यह घटना अपनी आंखों से देखी थी। चारों तरफ मातम ही मातम छाया हुआ था। भगवान से प्रार्थना है कि ऐसी दुर्घटना फिर कभी नहीं हो।
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पूर्व मध्य रेल के पंडित दीनदयाल उपाध्याय मंडल अंतर्गत डिहरी-गया रेलखंड पर औरंगाबाद के रफीगंज रेलवे स्टेशन के पास धावा नदी पुल पर रेल कर्मचारियों एवं स्थानीय समाजसेवियों ने राजधानी दुर्घटना में मारे गए लोगों के आत्मा की शांति के लिए मौन रखा। कैंडल जला कर श्रद्धांजलि दी। साथ ही इस घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए रेल कर्मचारियों ने रेल पटरी पर नारियल फोड़कर पूजा की।
अब हर साल होती है रेल पटरी की पूजा
पीडब्ल्यूआई इंचार्ज आरडी चौधरी एवं आरबी सिंह ने बताया कि 9 सितंबर 2002 को अप न्यू दिल्ली हावड़ा कोलकात्ता राजधानी एक्सप्रेस इसी जगह पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी जिसमें सैकड़ों लोगों की जान चली गई थी। इस घटना की पूनरावृत्ति नहीं हो और मृतकों को आत्मा की शांति मिले इसके लिए रेल पटरी की पहले पूजा की जाती है और फिर इस हादसे के शिकार हुए सभी मृतकों को श्रद्धांजलि दी जाती है। इस क्रम में इस बार भी यहां पूजा की गयी है।
प्रत्यक्षदर्शी ने कहा- बहुत भयानक था वह मंजर
दुर्घटना में मारे गए लोगों के आत्मा की शांति के लिए श्रधांजली देते हुए भाजपा नगर अध्यक्ष संतोष कुमार साव, सपा जिलाध्यक्ष डॉ. तुलसी यादव, समाजसेवी डीके यादव ने कहा कि यह बेहद ही खौफनाक मंजर था। हम लोगों ने यह घटना अपनी आंखों से देखा था। चारों तरफ मातम ही मातम पसरा था। भगवान से प्रार्थना है कि ऐसी भयानक दुर्घटना फिर कभी नहीं हो।
इस हादसे में 130 लोगों की हुई थी मौत
सबसे खौफनाक रेल हादसों में एक था यह हादसा-यह हादसा लगभग 21 साल पहले वर्ष 9 सितंबर 2002 को राजधानी पटना से लगभग 150 किमी दूर रफीगंज में धावी नदी पर हुआ था। इस घटना में ट्रेन एक पुल के ऊपर से गुजरते हुए बेपटरी होकर धावा नदी पर बने पुल से कई बोगियां नीचे गिर गई थीं। इस घटना में130 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। आंकड़ों के हिसाब से यह दुर्घटना भारत की सबसे खौफनाक रेलवे आपदाओं में एक था।
पूजा के दौरान ये रहे मौजूद
इस मौके पर रेलवे कर्मचारी एके सिंह, आरबी सिंह, ए कुमार, एस यादव, दीपेन्द्र कुमार, निरज कुमार, अनिल कुमार, धर्मेन्द्र कुमार, रामराज मांझी, संजू कुमार, बालमुकुंद, भुवनेश्वर, प्रेमचन्द, पिंटू, मनोज, अभिमन्यू, रात्रि प्रहरी रवि कुमार, चंदन कुमार, स्थानीय, सिद्धी यादव,पूर्व नगर पंचायत उपाध्यक्ष हरेंद्र कुमार, डीके सूरज, भाजपा के महामंत्री बालगोविंद साव, सुनील दीप, मनोज मधुकर, उमेश प्रसाद, पूर्व मुखिया प्रदीप चौहान, मंदीप, अजय कुमार, रंजीत कुमार, इरफान आलम, सूरज, मनीष, हिमांशु, शंभू यादव एवं गोविंद कुमार आदि मौजूद रहे।