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बिहार: भाजपा के फटकार के बाद मुकेश सहनी का यू-टर्न, 18 को करेंगे विधान परिषद का नामांकन
Mon, 18 Jan 2021 12:01 AM IST
Kuldeep Singh
पीटीआई, पटना
पीटीआई, पटना
Published by: Kuldeep Singh
Updated Mon, 18 Jan 2021 12:01 AM IST
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मुकेश साहनी
- फोटो : ANI
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बिहार में एनडीए के घटक दलों में विधान परिषद की सीट को लेकर सियासी दांव-पेंच चरम पर है। बिहार भाजपा के सामने उस समय बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई थी। जब विधान परिषद की दो सीटों पर उपचुनाव के लिए भाजपा के फैसले पर वीआईपी पार्टी ने असहमति जता दी थी। भाजपा ने इन दो सीटों में से एक पर अपने वरिष्ठ नेता शाहनवाज हुसैन को अपना उम्मीदवार बनाया है।
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दूसरी सीट पर वीआईपी के नेता मुकेश सहनी को उम्मीदवार बनाने का निर्णय लिया था। अब मुकेश सहनी ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह के भरोसे के लिए धन्यवाद उन्होंने फोन पर मुझे विधान परिषद के उपचुनाव निर्वाचन के लिए एनडीए प्रत्याशी बनाए जाने की सूचना दी है।
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विकासशील इंसान पार्टी के अध्यक्ष मुकेश सहनी को भाजपा अपने कोटे से विधान पार्षद के सदस्य के रूप में चाहती है, लेकिन सहनी छोटे कार्यकाल को लेकर विधान पार्षद बनने से कतरा रहे थे। वे अठारह महीनों की बजाय 71 महीनों के कोटे से विधान पार्षद बनाना चाहते हैं।
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इसके पहले सहनी के पार्टी प्रवक्ता राजीव मिश्रा ने पार्टी की तरफ से संदेश दिया। सहनी भाजपा की पेशकश को ठुकरा रहे थे। जिसके बाद एनडीए में असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई थी।
मुकेश सहनी अगर भाजपा के प्रस्ताव से असहमति जताते तो उनका मंत्री पद भी मुश्किल में पड़ सकता है। पिछले दो महीने से वह मंत्री हैं और किसी सदन के सदस्य नहीं हैं। नियमानुसार छह महीने के भीतर किसी ना किसी सदन का सदस्य बनना जरूरी होगा ।
गौरतलब है कि बिहार विधानसभा के चुनाव में मुकेश सहनी को हार का सामना करना पड़ा था। बावजूद इसके नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में उन्हें जगह दी गई। परिषद चुनाव की एक सीट के लिए बीजेपी ने अपने राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन को उम्मीदवार बनाया है। इसके साथ ही हुसैन की चुनावी राजनीति में वापसी हो गई है।
बिहार विधान परिषद चुनाव के नामांकन के लिए कहलगांव से पटना के लिए प्रस्थान करने से पहले जानमोहम्मदपुर गांव में रविवार को कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुसैन ने कहा, शनिवार को केंद्रीय नेतृत्व का फोन आया था जिस पर हमने कहा कि अगर पार्टी भागलपुर का जिलाध्यक्ष भी बना देती तो उसे सहर्ष स्वीकार करता और कार्यकर्ता के तौर पर काम करता।
सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा कि गत दिनों गृह मंत्री अमित शाह से बातचीत के दौरान भी उन्होंने कहा था कि अगर दस साल भी कोई काम नहीं देंगे तो भी वह पार्टी के लिए काम करते रहेंगे।
उन्होंने कहा, जो सम्मान जीतकर भी नहीं मिल पाता है उससे कहीं अधिक भागलपुर की जनता ने सम्मान दिया। मोहब्बत पर कमल खिलाने का काम मैंने भागलपुर में किया। भाजपा सूत्रों के मुताबिक हुसैन को पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी द्वारा खाली की गई सीट से मैदान में उतारा गया है। बिहार विधान परिषद की इस सीट का कार्यकाल 2024 में समाप्त हो रहा है।