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Bihar: विश्व प्रसिद्ध सौर तीर्थ स्थल देव का होगा सर्वांगीण विकास; निगम ने दी 9.53 करोड़ से अधिक की स्वीकृति

Tue, 18 Jul 2023 04:35 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Tue, 18 Jul 2023 04:35 PM IST
सार

निगम सूत्रों ने बताया कि स्वीकृत राशि से बहुउद्देशीय भवन, सूर्यकुंड परिसर में ग्रेनाइट व सैंड स्टोन फ्लोरिंग, छठ घाट का विकास, सूर्यकुंड में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं के सुरक्षार्थ कुंड में ग्रिल डिवाइडेशन, साइनेज, वाटर टैंक के स्थानांतरण, सोलर लाइटिंग, वॉच टॉवर, ड्रिंकिंग वॉटर सोर्स डेवलपमेंट, सिनेटिक गेट निर्माण और अन्य कार्य किए जाएंगे।

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Aurangabad will have all round development of world famous solar pilgrimage site Dev
देव सूर्य मंदिर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार के औरंगाबाद स्थित विश्व प्रसिद्ध सौर तीर्थ स्थल देव पर्यटन के मानचित्र पर सुस्थापित होगा। बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम ने ऐतिहासिक, धार्मिक, आध्यात्मिक, पौराणिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन के दृष्टिक्रोण से महत्वपूर्ण त्रेतायुगीन सूर्य मंदिर और इससे जुड़े अन्य स्थलों के पर्यटकीय विकास की ओर कदम बढ़ाया है।

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9.53 करोड़ की लागत से होगा पर्यटकीय विकास
इसके लिए निगम ने नौ करोड़ 53 लाख 72 हजार रुपये की राशि की स्वीकृति दी है। निगम ने पहली किश्त के रूप में चार करोड़ 78 लाख 80 हजार की राशि जारी भी कर दी है। इस राशि से देव स्थित त्रेतायुगीन सूर्य मंदिर, सूर्यकुंड और अन्य स्थानों पर पर्यटकीय आधारभूत संरचनाओं का विकास किया जाएगा। इससे यहां के परिभ्रमण के प्रति बहुतायत मात्रा में देशी-विदेशी पर्यटक, सैलानी और श्रद्धालु आकर्षित होंगे और पूरे साल उनका आना-जाना हो सकेगा। 
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इन आधारभूत संरचनाओं का होगा निर्माण
निगम सूत्रों ने बताया कि स्वीकृत राशि से बहुउद्देशीय भवन, सूर्यकुंड परिसर में ग्रेनाइट व सैंड स्टोन फ्लोरिंग, छठ घाट का विकास, सूर्यकुंड में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं के सुरक्षार्थ कुंड में ग्रिल डिवाइडेशन, साइनेज, वाटर टैंक के स्थानांतरण, सोलर लाइटिंग, वॉच टॉवर, ड्रिंकिंग वॉटर सोर्स डेवलपमेंट, सिनेटिक गेट निर्माण और अन्य कार्य किए जाएंगे। योजना की कार्यकारी एजेंसी पर्यटन विकास निगम ही होगी। इसके तहत सभी कार्यों को अगले 18 माह में पूर्ण कर लिया जाना है।
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सौर तीर्थ स्थल के उत्तरोत्तर विकास की उम्मीद
इन योजनाओं के धरातल पर उतरने से देव सूर्यनगरी का उत्तरोत्तर विकास होगा। देव की समस्याएं दूर होगी। यहां पर्यटकों के आवागमन से देव के नागरिकों का राजस्व बढ़ेगा और कई सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से स्थानीय लोगों की आमदनी बढ़ेगी। हालांकि पर्यटन विकास निगम की योजना सूर्य मंदिर और उससे जुड़े स्थलों के विकास तक ही सीमित है। वहीं, मंदिर परिसर से इतर भी पर्यटकों की सुविधा के लिए अन्य प्रकार की संरचनाओं के विकास की जरूरत है। इस कार्य के लिए देव नगर पंचायत को आगे आना होगा।

इसके तहत देव मोड़ से देव बाजार तक मुख्य सड़क के दोनों ओर लाइटिंग की व्यवस्था, देव के आसपास पंचायती राज संस्थाओं के क्षेत्राधीन इलाकों में सड़क, प्रकाश, पेयजल व्यवस्था, यात्री शेड (आश्रय) और धर्मशाला आदि संरचनाओं को विकसित करने के लिए नगर पंचायत को ही पहल करनी होगी। ताकि भविष्य में बहुतायत मात्रा में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आवागमन की स्थिति में आसपास के क्षेत्रों में भी पर्यटकों, श्रद्धालुओं और व्रतियों को ठहराकर उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। इससे आसपास के क्षेत्रों में भी उतरोतर विकास होगा और रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

मंदिर में सूर्य देव अपने उदयाचल, मध्यांचल और अस्ताचल रूप में विराजमान हैं


इस कारण खास है देव
देव में त्रेतायुगीन सूर्य मंदिर है। इस मंदिर में भगवान सूर्य अपने तीनों रूपों- उदयाचल, मध्यांचल और अस्ताचल रूप में विराजमान हैं। आम तौर पर सूर्य मंदिर पूर्वाभिमुख हुआ करते हैं लेकिन यहां का मंदिर दुनियां का इकलौता सूर्य मंदिर है जो पश्चिमाभिमुख है। इस कारण यह मंदिर विश्व प्रसिद्ध है। मंदिर का शिल्प ओडिशा के पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर से मिलता जुलता है और इसका स्वरूप अत्यंत विस्मयकारी है।

गांधार शैली में बने इस मंदिर का निर्माण बगैर चूना गारा का प्रयोग किए तराशे गए पत्थरों को एक दूसरे पर सहेज कर किया गया है। इस कारण यह मंदिर अद्भुत है। इसी वजह से कहा जाता है कि देव के सूर्य मंदिर का निर्माण खुद देवशिल्पी भगवान विश्वकर्मा ने अपने हाथों से किया है। यहां साल में दो बार कार्तिक और चैत माह में चार दिवसीय छठ मेला लगता है। इस दौरान लाखों श्रद्धालु यहां छठ व्रत करने आते हैं। यह भी कहा जाता है कि सूर्य देव यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं और उन्हें मनोवांछित फल प्रदान करते हैं।

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