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Bihar: 16 साल बाद कोर्ट ने दिलवाया मुआवजा, सड़क हादसे में हुई थी पति की मौत; बीमा कंपनी कर रही थी आनाकानी
Fri, 30 Aug 2024 04:50 PM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
Published by: आदित्य आनंद
Updated Fri, 30 Aug 2024 04:50 PM IST
सार
राष्ट्रीय लोक अदालत वादों के सुलह के आधार पर निस्तारण कराने का एक सशक्त माध्यम है, जहां संबंधित को त्वरित न्याय मिलता है। कहा कि लोक अदालत में बीमा कंपनी या पक्षकार से समझौते के बाद प्राप्त चेक को पीड़ित को तत्काल प्रदान किया जाता है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : ANI
विस्तार
16 साल पहले पति की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। मामले में मुआवजा को लेकर हादसे के बाद से कोर्ट में मुआवजा को लेकर मुकदमा चल रहा था। बीमा कंपनी अधिक मुआवजा नहीं देना चाह रही थी। थक हारकर पीड़िता ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से राष्ट्रीय लोक अदालत की शरण ली। इसके बाद 13 जुलाई को औरंगाबाद में लगे राष्ट्रीय लोग अदालत में बीमा कंपनी और मृतक की पत्नी के बाद समझौता हुआ। समझौते के बाद बीमा कंपनी ने डीएलएसए को मुआवजा की राशि का चेक प्रदान किया।
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मुआवजा का चेक दिया किया
शुक्रवार को औरंगाबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष अशोक राज ने शहर के क्लब रोड निवासी मृतक रत्नेश कुमार की पत्नी अंजू कुंवर को 11.4 लाख रुपये की मुआवजा राशि का चेक प्रदान किया। औरंगाबाद नगर थाना कांड संख्या-15/08 के मृतक शहर के क्लब रोड निवासी रत्नेश कुमार की पत्नी अंजू कुंवर को 11.4 लाख रुपये के मुआवजा का चेक दिया गया। चेक प्रदान करते समय जिला जज ने पीड़िता को कहा कि राशि को परिवार के कल्याण में लगाए। इसका ज्यादा से ज्यादा सदुपयोग करें ताकि परिवार का भविष्य संवारने में किसी प्रकार की कोई परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत वादों के सुलह के आधार पर निस्तारण कराने का एक सशक्त माध्यम है, जहां संबंधित को त्वरित न्याय मिलता है। कहा कि लोक अदालत में बीमा कंपनी या पक्षकार से समझौते के बाद प्राप्त चेक को पीड़ित को तत्काल प्रदान किया जाता है।
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पत्नी को बीमा कंपनी की ओर से दिया गया
इधर, प्राधिकार के सचिव सुकुल राम ने बताया कि 14 जनवरी 2008 को राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-19 जीटी रोड पर औरंगाबाद नगर थाना क्षेत्र में महाराणा प्रताप चौक के पास ट्रक संख्या आरजे 21जीए 1990 के धक्के से शहर के क्लब रोड निवासी रत्नेश कुमार की मौत हो गई थी। हादसे के बाद औरंगाबाद नगर थाना में मामले को लेकर प्राथमिकी संख्या-15/2008 दर्ज किया गया था। इसी मामले को लेकर कोर्ट में मोटर दुर्घटना वाद संख्या-20/2008 चल रहा था। इसी मामले का 13 जुलाई को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में बीमा कंपनी के साथ समझौते के आधार पर निस्तारण कराया गया था। मामले के निस्तारण के बाद आज प्राधिकार के अध्यक्ष सह जिला जज ने शनिवार को मृतक की पत्नी को बीमा कंपनी की ओर से दिया गया 11.4 लाख की मुआवजा राशि का चेक प्रदान किया।
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