पटना पुलिस पर हमला : पुलिस पर हमले के आरोपी को पकड़ने पहुंची पुलिस टीम पर हमला, पथराव देख लाठीचार्ज
Attack on Patna Police : पुलिस पर हमले के आरोपी को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस टीम पर इस बार उससे भी बड़ा हमला हो गया। बाइपास इलाके में फायरिंग की भी सूचना है, हालांकि पथराव में पुलिसकर्मी, जबकि पुलिस लाठीचार्ज में महिलाएं घायल हैं।
विस्तार
गणतंत्र दिवस पर पुलिस मुख्यालय की तैयारियों के बीच राजधानी पटना में एक हफ्ते के अंदर दूसरी बार पुलिस पर हमले की खबर है। पिछले हफ्ते पुलिस टीम पर हुए हमले के आरोपी को गिरफ्तार करने पटना सिटी से सटे बाइपास थाना इलाके के मथलीतल में पहुंची पुलिस टीम पर मंगलवार रात करीब 9 बजे के आसपास एकजुट होकर हमला कर दिया गया। नामजद अभियुक्त की गिरफ्तारी से रोकने के लिए पुलिस पर फायरिंग की भी सूचना है। दूसरी तरफ पुलिस की ओर से भी लाठीचार्ज के साथ फायरिंग और महिला से बदसलूकी का आरोप है। बाइपास थानाध्यक्ष ने सिर्फ पथराव की घटना को स्वीकार किया। हमले में पुलिसकर्मी के अलावा प्रदर्शन के लिए पहुंची महिला समेत कई लोग घायल हैं। भारी तनाव को देखते हुए मथनीतल और आसपास के इलाकों में सैकड़ों पुलिसकर्मी फ्लैगमार्च कर रहे हैं।
नामजद की गिरफ्तारी पर मां और भाई ने भीड़ जुटा हमला किया
मिली जानकारी के अनुसार अभियुक्त पिंकू कुमार चाय दुकान चलाता है और हमेशा असामाजिक तत्वों से घिरा रहता है। रेल ट्रैक के आसपास आपराधिक गतिविधियों के कारण उसे संदिग्ध माना जा रहा था। चार-पांच दिन पहले जब उससे बाइपास थाने के पुलिस अधिकारी ब्रजनंदन गुप्ता पूछताछ करने गए तो उलझ गया। बाइपास थानाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि "उस दिन उसने पुलिस अधिकारी के साथ हाथापाई की। भीड़ जुटाकर पुलिस को खदेड़ दिया। उस केस की प्राथमिकी में एक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। पिंकू को मंगलवार शाम उसकी चाय दुकान से गिरफ्तार करने पुलिस पहुंची तो बेहोशी का नाटक करने लगा। इसके बाद कुछ लोग आए और उसके भाई ने बाहर आकर माहौल बना दिया, जिसके कारण बाहर भीड़ जुट गई। जब उसे गिरफ्तार किया गया तो पिंकू के भाई और मां ने पुलिस के खिलाफ हमला करा दिया। पुलिस पर जमकर पथराव हुआ।"
आरोपी के साथ मां को भी ले गई पुलिस, गुस्से में हंगामा
मंगलवार रात जब पुलिस पिंकू को गिरफ्तार करने आई तो आरोप है कि उसे पीटा गया। इसी से वह बेसुध हो गया तो उसकी मां भड़क गई। मां ने बेटे पिंकू को गिरफ्तार करने से रोकने की कोशिश में जब हंगामा शुरू किया तो उसे भी पुलिस टीम लेती चली गई। मां-बेटे की गिरफ्तारी की खबर तुरंत ही आग की तरह फैल गई। इसके बाद मथलीतल में तो जैसे आग लग गई। महिलाओं का जत्था भी पुलिस पर पथराव करने लगा। पुलिस ने भी पथराव के जवाब में लाठीचार्ज कर दिया। दोनों तरफ से फायरिंग की जानकारी भी सामने आ रही, हालांकि किसी को गोली नहीं लगने के कारण इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती। पुलिस फायरिंग से इनकार कर रही है।
महिला के कपड़े फाड़ने का आरोप, दो घंटे से आगजनी-प्रदर्शन
पुलिस लाठीचार्ज में घायल महिलाओं ने कहा कि पिंकू निर्दोष है। प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि "पुलिस दुकानदारों से पैसा वसूली करने आती है और नहीं देने के कारण ही पिंकू को इस तरह से जबरन फंसाया गया। उसे फंसाकर गिरफ्तार किया जा रहा था और विराेध करने पर उसकी मां को भी पुलिस उठाकर ले गई। इसी के विरोध में आगजनी करने उतरे लोगों के साथ महिलाओं के साथ भी पुलिसकर्मियों ने बदसलूकी की। महिला के सिर की चोटी पकड़कर खींचा गया। कपड़े फाड़े गए। लाठियां भांजते समय पुलिसकर्मियों ने नहीं देखा कि सामने महिला है, बुजुर्ग है या कोई राहगीर। हरेक को पीट दिया गया।"