बिहार: गुस्साई भीड़ ने पीटकर मार डाले 3 बदमाश
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बिहार में कानून व्यवस्था की स्थिति इस कदर लचर होती दिख रही है कि लोग फिर जंगलराज की बात करने लगे हैं। तीन दिन पूर्व दो छात्रों की मौत के बाद जहां भीड़ ने स्कूल के डायरेक्टर को बिना वजह पीट पीटकर मार डाला था वहीं बुधवार रात तीन बदमाशों को भी पीट पीटकर मौत के घाट उतार दिया। हैरत की बात सभी मामलों में पुलिस मूक दर्शक बनी रहती है, जैसे उसकी मूक सहमति इनके लिए हो।
बुधवार रात बिहार के सीतामढ़ी में बाइक सवार चार बदमाशों ने एक व्यापारी से लूटपाट की। इसका व्यापारी के बेटे अवधेश ने विरोध किया तो बदमाशों ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद बदमाश फरार होने लगे।
इसी बीच फायरिंग और शोरशराबे की आवाज सुनकर भीड़ घटनास्थल की ओर दौड़ पड़ी। उनकी निगाह भागते बदमाशों पर पड़ी तो लोगों ने उन्हें दबोच लिया। तीन बदमाश भीड़ के हत्थे चढ़ गए जबकि एक भागने में सपल रहा।
भीड़ में इस कदर गुस्सा था कि तीनों बदमाशों को इतनी बुरी तरह पीटा गया कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन किसी के खिलाफ कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं दिखाई।
स्कूल के डायरेक्टर की कर दी थी पीट पीटकर हत्या
इससे तीन दिन पूर्व भी बिहार के नालंदा में दो छात्रों की मौत के बाद परिजन और गांव वालों ने उस स्कूल पर हमला बोल दिया था जिसमें दोनों छात्र पढ़ते थे। परिजनों ने स्कूल डायरेक्टर पर बच्चों की हत्या का आरोप लगाया था।
जिसके बाद गुस्साए लोगों ने बड़ी बेरहमी से स्कूल डायरेक्टर देवेन्द्र प्रसाद सिन्हा को पीट पीटकर मौत के घाट उतार दिया। आरोप है कि इस दौरान उनकी एक आंख भी निकाल ली गई। भीड़ ने स्कूल में तोड़फोड़ करते हुए वहां खड़े वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया था।
आरोप है कि भीड़ की यह तालिबानी कार्रवाई पुलिस की आंखों के सामने हुई लेकिन उसने भीड़ को रोकने की कोई कोशिश नहीं की। मामले में पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों बच्चों की मौत डूबने के कारण होने की पुष्टि हुई थी।