कोसी की चाल से सहमा उत्तर बिहार
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उत्तर बिहार के सात जिलों के लोगों पर एक बड़ा खतरा मंडरा रहा है। कोसी एक बार फिर इन्हें तबाह कर सकती है। बताया जा रहा है कि नेपाल में काठमांडू से करीब 200 किमी उत्तर सुनकोसी नदी में भूस्खलन की वजह से जल का बहाव बाधित हो गया है।
वहां अस्थायी बांध जैसा बन गया है, जिसमें करीब 12 मीटर पानी जमा हो चुका है। वैसे नेपाल की सेना उस अस्थायी बांध को नियंत्रित विस्फोट के जरिये तोड़ने की कोशिश कर रही है। नेपाली सेना के तीन कंट्रोल विस्फोट से पानी का रिसना शुरू हो गया है और अब तक नदी के जलस्तर में एक मीटर की गिरावट आई है।
इधर भारत में इस आशंका से सरकार के हाथ पांव फूल रहे हैं कि अगर यह अस्थायी बांध टूटा तो पानी को भारतीय क्षेत्र में पहुंचने में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा। इसको देखते हुए भीमनगर बैराज के सारे गेट खोल दिये गये हैं। साथ ही राज्य सरकार ने मधेपुरा, सुपौल, अररिया, मधुबनी, खगरिया, सहरसा और पूर्णिया जिले में अलर्ट जारी कर दिया है।
आनन-फानन में तटबंध के बीच बसे गांवों को खाली कराया जा रहा हैं। उधर एनडीआरएफ की टीम सुपौल और मधेपुरा पहुंच गयी है। वहीं बिहार सरकार के अनुरोध पर केंद्र ने सेना को अलर्ट कर दिया है। केंद्र की ओर से एनडीआरएफ की सात टीम बिहार भेजी गयी है। साथ ही दरभंगा और पूर्णिया एयरबेस को भी अलर्ट पर रख गया दिया है।
डूब सकते हैं 380 गांव
कोसी का पानी किस दिशा में और किस धारा में आयेगा, यह भी कहना मुश्किल है। आखिरकार लगभग पांच लाख क्यूसेक पानी को कोसी तटबंध के बीच से ही गुजरना है, यहां 380 गांव बसे हैं। जानकारों का कहना है कि अगर पानी धीरे-धीरे नीचे आया तो जिन इलाकों में कोसी की मुख्यधारा नहीं बहती है, उधर खतरा कम है, मगर तटबंध के बीच रहने वालों के लिए हर हाल में प्रलय है।
नेपाल में भारी वर्षा
नेपाल के धनकुट्टा, धरान, ओखलडुंगा और तपेलजंग में पिछले दो दिनों से जमकर बारिश हो रही है। कोसी में शुक्रवार की रात लगभग डेढ़ लाख क्यूसेक पानी का स्राव हो रहा था। लेकिन बहाव रुकने के बाद नदी का जलस्तर में करीब 10 मीटर की बढ़ोतरी हो गई है और लगभग पांच किमी का इलाका झील में बदल चुका है। कई रिहाइशी इलाके डूब चुके हैं।
नेपाल में बारिश से भूस्खलन, आठ मरे
काठमांडू। नेपाल के पूर्वोत्तर में में भारी बारिश के कारण शनिवार को हुए भूस्खलन में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई जबकि 40 अन्य घायल हो गए। मृतकों की तादाद बढ़ने की आशंका है क्योंकि भूस्खलन के कारण कई लोगों के लापता होने की खबर है। अधिकारियों ने बताया कि काठमांडू के पूर्वोत्तर में स्थित सिंधुपाल चौक जिले में जूरे के करीब भूस्खलन से मिट्टी का ढेर लग गया है। इस भूस्खलन में दर्जनों घर ढह गए।