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Caste Census : सुप्रीम कोर्ट 18 को सुनेगा याचिकाकर्ता की दलीलें; हाईकोर्ट ने जातीय जन-गणना को दी थी हरी झंडी

Mon, 14 Aug 2023 01:56 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: आदित्य आनंद Updated Mon, 14 Aug 2023 01:56 PM IST
सार

Supreme Court : NGO 'एक सोच एक प्रयास की' ओर से हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट अब 18 अगस्त को सुनवाई करेगा। NGO के अलावा हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ एक और याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर है।

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After Patna High court verdict, hearing in Supreme Court today on CM Nitish Kumar Bihar caste census
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

जाति आधारित गणना पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की तारीख मिल गई है। अब 18 अगस्त को सुनवाई होगी। इससे पहले 7 अगस्त को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी। कोर्ट ने प्रथम दृष्ट्या पटना हाईकोर्ट के फैसला पर रोक लगाने से मना कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जाति आधारित गणना का काम 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है। अगर यह 90 प्रतिशत भी हो जाएगा तो क्या फर्क पड़ेगा। इस मामले में सोमवार फिर से सुनवाई तय थी। अब 18 अगस्त की तारीख मिली है।

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याचिकाकर्ता की दलील- जारी अधिसूचना संविधान के प्रावधानों के खिलाफ
शीर्ष अदालत की वेबसाइट पर अपलोड की गई वाद सूची के अनुसार, गैर सरकारी संगठन (NGO) "एक सोच एक प्रयास की" ओर से हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर कोर्ट सुनवाई करेगी। NGO के अलावा हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ एक और याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई है। बिहार के नालंदा निवासी अखिलेश कुमार की ओर से दायर याचिका में दलील दी गई है कि जातिगत जनगणना कराने के लिए राज्य सरकार की तरफ से जारी अधिसूचना संविधान के प्रावधानों के खिलाफ है। संविधान के प्रावधानों के मुताबिक, केवल केंद्र सरकार को ही जनगणना कराने का अधिकार है।
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एक जुलाई को पटना हाईकोर्ट ने बिहार सरकार को दी थी हरी झंडी
दरअसल, पटना हाईकोर्ट ने पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट की दी तारीख के अंदर बिहार में जातीय जनगणना को लेकर उठ रहे सवालों पर सुनवाई की थी। चीफ जस्टिस के विनोद चंद्रन और जस्टिस पार्थ सार्थी की खंडपीठ ने लगातार पांच दिनों तक (3 जुलाई से लेकर 7 जुलाई तक) याचिकाकर्ता और बिहार सरकार की दलीलें सुनीं थी। कोर्ट ने जाति आधारित जनगणना बताने वालों की भी पूरी दलील सुन ली और फिर सरकार के उस दावे का पक्ष भी सुना, जिसके अनुसार यह जाति आधारित सर्वे है। इसके बाद एक अगस्त को पटना हाईकोर्ट ने सीएम नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी। पटना हाईकोर्ट ने इसे सर्वे की तरह कराने की मंजूरी दे थी। इसके बाद बिहार सरकार ने बचे हुए इलाकों में गणना का कार्य फिर से शुरू करवा दिया। करीब 90 फीसदी से अधिक काम पूरा हो चुका है। 

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जन-गणना को लेकर पहली प्राथमिकी




 
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