Bihar Politics: अग्निपथ के बाद अब बिहार सरकार के लोगो पर जदयू-भाजपा में रार, जानें दोनों पार्टियों के नेताओं ने क्या कहा?
बिहार में अब अग्रिपथ के बाद एक नए मामले को लेकर भाजपा-जदयू आमने-सामने हैं। भाजपा ने बिहार सरकार के लोगो को बदलने के लिए विधान सभा में मुद्दा उठाया है। भाजपा विधायक ने कहा कि लोकसभा के सेंट्रल हाल में लगाया गया लोगो ही बिहार का असली प्रतीक चिन्ह है।
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बिहार में अभी भाजपा-जदयू के बीच अग्रिपथ का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि एक नए मामले पर विवाद शुरू हो गया है। अब भाजपा ने बिहार सरकार के प्रतीक चिन्ह (लोगो) को बदलने की मांग की है। भाजपा के विधायकों ने विधान सभा में भी इस मामले को उठाया है। भाजपा प्रदेश महासचिव और विधायक संजीव चौरसिया ने बिहार सरकार के लोगो के स्थान पर लोकसभा के सेंट्रल हाल में लगाए गए लोगो का उपयोग करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पहले जो बिहार का लोगो था उसके प्रतीक चिन्ह में बौद्ध वृक्ष, पाटलिपुत्र की दीवार और स्वास्तिक प्रदर्शित किया गया है जो कि ज्यादा उपयुक्त है और वही बिहार का असली प्रतीक चिन्ह है।
विधान सभा में भी गूंजा मुद्दा
भाजपा विधायक संजीव चौरसिया ने साफ कहा कि लोकसभा के सेंट्रल हाल में जो लोगो इस्तेमाल हो रहा है, वही बिहार के लिए ज्यादा उपयुक्त है। राज्य सरकार इसी लोगो का इस्तेमाल करे। इसको लेकर विधान सभा में भी एक गैर-सरकारी संकल्प भी दिया गया है। चौरसिया ने कहा कि जो लोगो अब बिहार सरकार प्रयोग में ला रही है वो उपयुक्त नहीं है। उसके स्थान पर पहले वाले लोगो को ही उपयोग में लाना चाहिए क्योंकि वो ज्यादा उपयुक्त है। जो लोगो पहले से चल रहा था उसे हाल के दिनों में बदल गया है। पुराने लोगो को अपनाने के लिए सरकार के सामने मैंने ये मांग रखी है।
जदयू विधायक ने कहा- जो है सही है
संजीव चौरसिया के इस बयान के बाद बिहार में दोनों पार्टियों के नेताओं के बीच बयानबाजी शुरू हो गई। जदयू के विधायक खालिद अनवर ने जवाब में कहा कि बिहार में कुछ भी नहीं बदलेगा, जिस लोगो का इस्तेमाल किया जा रहा है उसी का इस्तेमाल होता रहेगा। क्योंकि मुख्यमंत्री नतीश कुमार बनाने में विश्वास रखते हैं बदलने में नहीं। बिहार में न तारीख, न ही किसी शहर का नाम और वर्षों पुराना बिहार का लोगो भी नहीं बदलेगा। ये बेवजह की मांग है। जो लोगो है वो सही है।