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बर्ड फ्लू से बिहार में अब तक 500 पक्षियों की मौत, जांच के लिए एक भी लैब नहीं
Fri, 04 Jan 2019 05:09 AM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, पटना
अमर उजाला ब्यूरो, पटना
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Fri, 04 Jan 2019 05:09 AM IST
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बिहार के कई जिलों में बर्ड फ्लू का वायरस फैलता जा रहा है। मुंगेर सदर प्रखंड के मुबारकचक में कौवों के बाद मुर्गियों में भी बर्ड फ्लू का वायरस पाया गया है। स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट पर रहने के आदेश देने के साथ ही जिलाधिकारी ने कहा है कि अब शुक्रवार से पक्षियों को मारे जाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
प्रदेश में अब तक 500 से अधिक पक्षियों की मौत हो चुकी है और सरकार ने एक नियंत्रण सेल भी बना दिया है, लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि प्रदेश में ऐसा कोई भी मेडिकल कॉलेज नहीं है जहां एच5एन1 वायरस की जांच होती हो।
बिहार के नौ मेडिकल कॉलेजों में से किसी में भी इसकी जांच नहीं होती है। सबसे बड़े अस्पताल राजधानी पटना के पीएमसीएच में भी ‘रीयल टाइम पीसीआर’ मशीन नहीं है।
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दरभंगा के डीएमसीएच में वर्ष 2013 में जांच के लिए ये मशीन लगाई गई थी, लेकिन ये कई सालों से खराब पड़ी है। कहा तो ये जा रहा है कि इसका कभी उपयोग ही नहीं किया गया। वायरस की जांच के लिए पुणे और भोपाल के लैब में सैंपल भेजे जाते हैं।
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प्रदेश में अब तक 500 से अधिक पक्षियों की मौत हो चुकी है और सरकार ने एक नियंत्रण सेल भी बना दिया है, लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि प्रदेश में ऐसा कोई भी मेडिकल कॉलेज नहीं है जहां एच5एन1 वायरस की जांच होती हो।
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बिहार के नौ मेडिकल कॉलेजों में से किसी में भी इसकी जांच नहीं होती है। सबसे बड़े अस्पताल राजधानी पटना के पीएमसीएच में भी ‘रीयल टाइम पीसीआर’ मशीन नहीं है।
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दरभंगा के डीएमसीएच में वर्ष 2013 में जांच के लिए ये मशीन लगाई गई थी, लेकिन ये कई सालों से खराब पड़ी है। कहा तो ये जा रहा है कि इसका कभी उपयोग ही नहीं किया गया। वायरस की जांच के लिए पुणे और भोपाल के लैब में सैंपल भेजे जाते हैं।