NH31 पर 200 धमाके: बम की तरह फटे सौ सिलिंडर, नारायणपुर पेट्रोल पंप बचा, ड्राइवर भी राख
हल्की धुंध के बीच आग की तेज लपटें कई किलोमीटर तक दिखाई देने लगीं और लपटों के साथ तेज धमाके भी होते रहे। रसोई गैंस सिलिंडर लदे ट्रक में आग लगने के बाद एक-एक कर उसमें लदे सभी 100 सिलिंडर के फटने से लोग सहम गए।
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नेशनल हाईवे 31 पर खगड़िया जिले की सीमा से सटे नारायणपुर में बुधवार की देर रात एक लगातार 200 धमाकों से दो किलोमीटर का इलाका दहल गया। हल्की धुंध के बीच आग की तेज लपटें कई किलोमीटर तक दिखाई देने लगीं और लपटों के साथ तेज धमाके भी होते रहे। रसोई गैंस सिलिंडर लदे ट्रक में आग लगने के बाद एक-एक कर उसमें लदे करीब 250 में से 200 सिलिंडर के फटने से लोग सहम गए। हादसा भागलपुर जिले के भवानीपुर थाना क्षेत्र के नारायणपुर में पेट्रोल पंप से 100 मीटर दूर हुआ। आग की लपटें पेट्रोल पंप तक नहीं पहुंची, हालांकि सिलिंडर के टुकड़े काफी समय तक गिरते रहे। ट्रक ड्राइवर इस घटना में जलकर राख हो गया।
ट्रक भागलपुर से सिलिंडर लेकर एनएच 31 होते हुए खगड़िया की ओर जा रहा था। इसमें भारत गैस का सिलिंडर लोड था। रात करीब 1 बजे चलते ट्रक के इंजन में आग लग गई। ड्राइवर ने संभालने की कोशिश की, मगर खुद नहीं कूदा। आग इतनी तेज थी कि तुरंत पीछे लदे सिलिंडर में लग गई और देखते ही देखते धमाकों के साथ तेज आग धधकती गई। करीब 3 बजे तक दो से ढाई किलोमीटर दूर तक धमाके सुनाई पड़े, जबकि करीब एक किलोमीटर तक आग की लपटें दिख रही थीं। 500 मीटर दूर तक सिलिंडर के टुकड़े उड़ते रहे। बहुत सारे टुकड़े पेट्रोल पंप तक भी पहुंचे, हालांकि आग नहीं पहुंची। आग की लपटों में एनएच किनारे बना स्थानीय सुभाष यादव का तबेला राख हो गया। एक बछड़े की भी जलकर मौत हो गई। घटना के बाद कई घंटे तक एनएच पर आवाजाही बाधित रही। पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर का खगड़िया, बेगूसराय, पटना आदि से सीधा संपर्क इस हादसे के कारण घंटों बाधित रहा।
हादसे के बाद खगड़िया और भागलपुर जिले से दमकल की गाड़ियां पहुंचीं, मगर अंतिम रूप से जल रहे ट्रक की राख पर ही पानी गया। इनके पहुंचने से पहले ही सबकुछ खाक हो चुका था। ट्रक के टुकड़े भी बहुत कम ही बचे थे। मुंगेर के शंकरपुर निवासी ड्राइवर मंटू को ट्रक में जलते दूर से लोगों ने देखा था। आग शांत होने के बाद देखा गया कि ड्राइवर राख हो चुका है। घटना की जानकारी पर मुंगेर से पहुंचे परिजनों ने दो घंटे मेहनत के बाद ड्राइवर की छह अस्थियां जमा कीं। ड्राइवर के परिजन रोते हुए अस्थियां ढूंढ़ते रहे।