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आंखें बंद कर पैरों से किताबें पढ़ लेती है ये बेटी
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर
Updated Mon, 28 Mar 2016 11:38 AM IST
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नौ वर्षीय बच्ची पैरों से अक्षरों को महसूस कर एकदम सटीक अनुमान लगाती है।
- फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल के हमीरपुर में ग्राम पंचायत लंबलू की सेजल शर्मा आंखें बद कर पैरों से किताबें पढ़ लेती हैं। नौ वर्षीय बच्ची पैरों से अक्षरों को महसूस कर एकदम सटीक अनुमान लगाती है। सेजल के इन कारनामों से हर कोई स्तब्ध है। नाक से सूंघकर किसी भी चीज का पता लगाने में भी इसे महारत हासिल है। आंखें बंद कर और नाक से सूंघकर यह बच्ची किसी भी चीज का सही पता लगा सकती है।
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भारती ग्लोबल फाउंडेशन मैहरे ने दो दिवसीय मिड ब्रेन एक्टीवेशन शिविर लगाया। राजकीय प्राथमिक पाठशाला लंबलू में चौथी कक्षा की छात्रा सेजल ने भी प्रशिक्षण शिविर में भाग लिया। सेजल के पिता नवनीत शर्मा ने बताया कि भारतीय ग्लोबल फाउंडेशन ने सेजल की मिड ब्रेन एक्टिवेट कर उनकी दिव्य दृष्टि जागृत कर दी है। संस्था राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना योगदान दे रही है।
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सेजल राजकीय प्राथमिक पाठशाला लंबलू में चौथी की छात्रा है। वह आंखें बंद कर पैरों से समाचार पत्र और किताबें पढ़ लेती है। मोबाइल, कंप्यूटर के सारे फंक्शन ऑपरेट कर लेती है। साइकलिंग करना, कैरम बोर्ड खेलना, दो तीन मंजिलों तक चढ़ना, पेंटिंग, रसोईघर में रखी चीज को भी आंखें बद कर उठा लेती है। वह अपने कार्य आंखें बद कर, सूंघकर, छूकर और हवा में महसूस कर पूरा कर लेती है। फाउंडेशन के सचिव एबी भारती ने बताया कि उनके एक्सपर्ट्स ने इसमें शोध कर कई तकनीकें और पद्धतियां इसमें जोड़ी हैं।
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शिविर में दर्जनों बच्चों ने लिया भाग
मैहरे में हुए दो दिवसीय मिड ब्रेन एक्टीवेशन शिविर में जिला हमीरपुर सहित लुधियाना और चंडीगढ़ के करीब एक दर्जन बच्चों ने भाग लिया। शिविर में बच्चों को आंखें बंद कर पैरों से किताबें पढ़ना, नाक से सूंघकर कमरे में रखी किसी भी चीज का पता लगाना, आंखों पर पट्टी बांध दो से तीन मंजिलों तक चढ़ना और उतरना, साइकलिंग करना, कैरम बोर्ड खेलना आदि बताया गया।