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नयनी की जिद और जुनून ने दिलाया दिल्ली को पहला 'डॉग कैफे'

Fri, 06 May 2016 03:42 PM IST
पूजा त्रिपाठी/अमर उजाला, नई दिल्ली
पूजा त्रिपाठी/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 06 May 2016 03:42 PM IST
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Nyani's insistence and passion made the first 'Dog Cafe'
डॉग कैफे - फोटो : अमर उजाला

इंसान और जानवरों के बीच रिश्तों की गर्मी और उसकी खूबसूरती को अगर आप अपनी आंखों से देखना और महसूस करना चाहते हैं तो इससे बेहतर जगह दिल्ली में मिलना शायद मुश्किल है।

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दिल्ली में डॉग के लिए बने पहले कैफे 'पपीचीनो'की नींव इसी रिश्ते पर टिकी है। आम लड़कियों की तरह नयनी के मां-बाप ने भी उसकी शादी के लिए सपने देखे और उसके बचपन से ही इसके लिए तैयारियां शुरु कर दीं लेकिन, नयनी का सपना कुछ और ही था।
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नयनी को बोबो से इतना प्यार था कि उसने अपनी शादी के लिए जमा सभी गहनों को मां-बाप से मांगा और अपने सपनों पर दांव लगा दिया। पपीचीनो की ओपनिंग के दिन ही जिस तरह से लोगों की रिस्पॉन्स मिला उसे देखते ही नयनी के ‌बिजनेसमैन पिता समझ गए कि उनकी बेटी ने कुछ खास कर दिया है।

एक हफ्ते के अंदर ही नयनी का पपीचीनो हिट हो गया। पहले संडे को तो यहां बीस से भी ज्यादा पेट डॉग और उनके चाहने वाले कैफे में ऐसे घुल मिल गए जैसे सब एक दूसरे को बहुत अरसे से जानते हों।

दो बहनों ने की नई शुरुआत और राजधानी को मिला पहला डॉग कैफे

Nyani's insistence and passion made the first 'Dog Cafe'
डॉग कैफे - फोटो : अमर उजाला

दिल्ली के शाहपुर जाट इलाके में स्थित पपीचीनो कैफे का आइडिया भले ही नयनी का है लेकिन, बचपन में कुत्तों से डरने वाली उनकी छोटी बहन मल्लिका ने इसे सजाने-संवारने में अपनी फैशन की समझ का बखूबी इस्तेमाल किया है।

कैफे के फर्नीचर से लेकर इंटीरीयर तक सभी मल्लिका की डिजायनिंग स्किल की देन हैं जबकि उनकी बड़ी बहन नयनी ने पोस्ट ग्रैजुएशन ‌करने के बाद डॉग से अपने प्यार को ही कैरियर के रूप में तब्दील करने का फैसला किया। बुटिक्स के हब के तौर पर पहचान रखने वाला शाहपुर जाट का ये इलाका अब दिल्ली के पहले डॉग कैफे 'पपीचीनो' के लिए भी जाना जाने लगा है।

पुराने खेल गांव से होते हुए जैसे ही आप शाहपुर जाट की इस संकरी गली में घुसते हैं तो दूर से ही पपचीनो का गुलाबी रंग की आकर्षक होर्डिंग आपको इसका पता बता देती है। तीसरी मंजिल पर बने इस कैफे का दरवाजा खुलते ही आपको कुत्तों की जोरदार गुर्राहट सुनाई पड़ेगी लेकिन, कुछ ही देर में ये गुर्राहट प्यार में बदल जाएगी क्योंकि आपके स्वागत के‌ लिए यहां मौजूद बोबो और सिंबा आपको अपना बना लेंगे।

मल्लिका बताती हैं कि कहीं भी बाहर जाते वक्त हमेशा हमें अपने डॉग्स को घर पर छोड़ना पड़ता था। घर में अकेले रहने पर डॉग्स कभी-कभी झुंझला भी जाते थे और मैट्स वगैरह फाड़ देते थे।


दिल्ली के पहले डॉग कैफे में कुत्तों के लिए खास व्यंजनों का इंतजाम

Nyani's insistence and passion made the first 'Dog Cafe'
डॉग कैफे - फोटो : अमर उजाला

डॉग्स की ये बेचैनी देखकर ही उनकी बड़ी बहन नयनी को यह खयाल आया कि क्यों न एक ऐसी जगह हो जहां डॉग्स को अकेलापन महसूस न हो। मल्लिका ने बताया कि डॉग्स भी बिल्कुल बच्चों जैसे होते हैं जिन्हें हमेशा देखभाल और ध्यान की जरूरत होती है।

अगर उन्हें अकेला छोड़ दें तो वो बेहद अकेला महसूस करते हैं इसलिए हम पपीचीनो में आने वाले हर डॉग की देखभाल बिल्कुल बच्चे जैसी ही करते हैं। कैफे में डॉग्स की देखभाल के लिए ट्रेनर का भी इंतजाम है।

दिल्ली का ये पहला डॉग कैफे सिर्फ उन लोगों के लिए ही नहीं है जिनके पास डॉग हों, बल्कि जिनके पास डॉग नहीं है वो भी यहां आकर बोबो और सिंबा के साथ खेल सकते हैं। ऐसे कई लोग हैं जो इस कैफे के चक्कर लगाते रहते हैं।

आसपास के इलाकों में काम करने वाले लोग ऑफिस जाते वक्त, ऑफिस ब्रेक के दौरान और ऑफिस से छुट्टी के बाद भी यहां आ जाते हैं और कुतों के साथ खेल कर अपनी थकान मिटाते हैं। दो भागों में बंटे इस कैफे के एक हिस्से में आप कुतों के साथ या अकेले बैठकर अपना पसंदीदा डिश ऑर्डर कर सकते हैं। कैफे के दूसरा हिस्‍सा सिर्फ डॉग्स के लिए है। यहां डॉग्स के लिए भी स्पेशल मेन्यू का इंतजाम है जिसमें कुत्तों के टेस्ट के साथ उनकी पाचन क्षमता का ध्यान रखते हुए डिश तैयार की जाती है।


जानिए नयनी और मल्लिका का फ्यूचर प्लान

Nyani's insistence and passion made the first 'Dog Cafe'
डॉग कैफे - फोटो : अमर उजाला

डॉग्स के लिए बनने वाले खाने में ग्लूटेन फ्री आटे या मक्की के आटे का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें चीनी, नमक या मसाले नहीं होते। पपीचीनो में डॉग्स को परोसे जाने वाले कुछ डिश में टूथसम पैनकेक, फ्रोजन ट्रीट, स्ट्रॉबेरी रिसॉटो विद मिंट कर्ड खास हैं।

खास बात ये है कि ये सभी व्यंजन पेट्स मालिकों के ऑर्डर पर कैफे के ही किचन में ताजा तैयार किया जाता है। आप अपना बर्थडे अपने पेट्स के साथ और पेट्स का बर्थडे उसके दोस्तों के साथ भी यहां मना सकते हैं। आपको बस एक दिन पहले बताना होगा और यहां आपकी मनचाही पार्टी आयोजित हो जाएगी।

नयनी बताती हैं कि यहां कई बर्थडे पार्टियां आयोजित हो चुकी हैं जिसमें डॉग्स और उनके मालिक दोनों ही शामिल होते हैं। इस कैफे में डॉग्स की जरूरतों से जुड़े सामान भी खरीद सकते हैं। चाहे वो डॉग्स के खिलौने हों, खाने का सामान हो, एक्सेसरीज हों या प्रसाधन के सामान।

पपचीनो में जल्द ही कुत्तों की डे-बोर्डिंग की भी सुविधा होगी। यहां दिन भर के लिए कुतों को छोड़ा जा सकेगा जिससे कि घर के अकेलेपन सेअपने पेट्स को निजात दिलाई जा सके। नयनी अपने कैफे में फोटो बूथ भी शुरु करने की योजना बना रही हैं। इस बूथ में कुतों के लिए आकर्षक ड्रेस और प्रॉप्स का इंतजाम होगा‌ जिनके साथ पेट्स की आकर्षक तस्वीरें ली जा सकेंगी।



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