देश की अगुवाई करेगी हिमाचल की ये बेटी, मगर नहीं है पंजीकरण फीस
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हुनर भी है और खेलने की ललक भी, लेकिन पैसों की कमी हिमाचल की होनहार बेटी खिला देवी की राह में रोड़ा बन रही है। कुल्लू जिले से संबंध रखने वाली खिला देवी वर्ल्ड यूनिवर्सिटी हैंडबाल चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। चैंपियनशिप स्पेन में होगी।
इसके लिए खिला देवी को दो लाख रुपये जमा करवाने होंगे। इसमें से खिला के अभिभावकों ने लोन लेकर एक लाख रुपये तो चुकता कर दिए हैं, लेकिन अभी भी एक लाख रुपये की दरकार है। भारतीय टीम में खेलने वाली खिला देवी एकमात्र हिमाचली खिलाड़ी हैं।
वर्ल्ड यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप स्पेन के मलागा में 27 जून से तीन जुलाई तक होगी। इसमें भाग लेने के लिए हिमाचल की बेटी को प्रतिभागी एवं पंजीकरण फीस समेत अन्य चीजों के लिए करीब दो लाख देंगे होंगे। इस खर्चे को कौन वहन करेगा? अभी यह स्पष्ट नहीं है।
कुल्लू के बंजार उपमंडल के दुर्गम गांव जैणी की खिला देवी ने मूलभूत सुविधाओं का अभाव होने के बावजूद अपनी प्रतिभा के दम पर हैंडबाल में मुकाम हासिल किया है। खिला के पिता खेमराज किसान हैं, जबकि माता गुमा देवी जेबीटी हैं।
नेशनल, स्टेट लेवल पर झटके कई पदक
खिला पंजाबी यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर रही हैं। 23 से 27 फरवरी 2016 में बनारस में हुई आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में टीम ने गोल्ड मेडल जीता। इस आधार पर ही अब टीम स्पेन में जौहर दिखाएगी। टीम में पंजाब व अन्य राज्यों के खिलाड़ी भी शामिल हैं।
चैंपियनशिप में भाग लेने का खर्चा उठाने संबंधी अभी तक लिखित तौर पर कुछ स्पष्ट नहीं हो पाया है। मंगलवार को खिला जिप अध्यक्ष रोहिणी चौधरी से भी मिलीं और समस्या से अवगत करवाया। खिला देवी ने कहा कि भारत की झोली में गोल्ड मेडल डालना लक्ष्य है।
खिला देवी राष्ट्रीय स्तर पर एक और राज्य स्तर पर पांच गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। नेशनल लेवल पर एक सिल्वर और स्टेट लेवल पर चार मेडल खिला ने अपने नाम किए हैं। तीन कांस्य पद राष्ट्रीय स्तर पर जीते हैं। वह 25 मई से पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला में तीस दिन का खेल प्रशिक्षण लेंगी।