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हरियाणा की इस बेटी ने लड़कियों को दिखाई नई राह, लिम्का बुक में नाम दर्ज
शाहनवाज आलम/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Sun, 20 Mar 2016 01:32 PM IST
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सुनील डबास का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज
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किसान की बेटी सुनील डबास का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। पेज नंबर 346 में उन्हें एशिया के अग्रणी कबड्डी कोच के रूप में प्रकाशित किया गया है।
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बुक ऑफ रिकॉर्ड के मुताबिक, यह एक मात्र ऐसी महिला खिलाड़ी है, जिन्हें दो अग्रणी अवार्ड पद्मश्री (2014) और द्रोणाचार्य अवार्ड (2012) मिला है। सुनील डबास हरियाणा की पहली महिला खिलाड़ी है, जिनका नाम इस किताब में दर्ज हुआ है।
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लिंगानुपात के मामले में पिछड़ा जिला झज्जर से ताल्लुक रखने वाली सुनील डबास रेलवे रोड स्थित द्रोणाचार्य राजकीय कॉलेज में बतौर फिजिकल एजुकेशन शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं।
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बकौल सुनील, दो दिन पहले इस बात की जानकारी लिम्का के ऑफिशियल की तरफ से उन्हें दी गई और रिकॉर्ड बुक बतौर गिफ्ट भेजा गया है। पहले तो यकीन ही नहीं हुआ। जब किताब हाथ में आया तब यकीन हुआ।
झज्जर के मोहम्मदपुर माजड़ा गांव में किसान परिवार परिवार में पैदा हुई सुनील भारतीय महिला कबड्डी टीम की कोच भी रह चुकी हैं। इनके यहां तक का सफर किसी दास्तां से कम नहीं है।
ट्रैक शूट पहनने की नहीं थी इजाजत
सुनील डबास
सुनील ने बताया कि कबड्डी का शौक होने की वजह से किसी तरह चुपके से स्कूल के मैदान में जाकर प्रैक्टिस करती थी, लेकिन ट्रैक शूट पहनने की इजाजत नहीं थी। घर से सलवार शूट पहनकर जाती थी, वहां ड्रेस बदल कर प्रैक्टिस करती थी।
प्रैक्टिस खत्म होने से पहले पसीने से लथपथ होकर सलवार शूट पहनती और फिर किसी तरह जल्दी-जल्दी घर पहुंचती थी। घर से बाहर कॉलेज पढ़ने गई, तो अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए ज्यादा से ज्यादा खेल में हिस्सा लेती थी, ताकि जीतने पर कुछ ईनामी रकम मिले और उससे अपनी जरूरतें पूरी कर सकूं। इंटर यूनिवर्सिटी से गोल्ड मेडल जीतना शुरू किया। फिर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जीत का सिलसिला जारी रहा।
प्रैक्टिस खत्म होने से पहले पसीने से लथपथ होकर सलवार शूट पहनती और फिर किसी तरह जल्दी-जल्दी घर पहुंचती थी। घर से बाहर कॉलेज पढ़ने गई, तो अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए ज्यादा से ज्यादा खेल में हिस्सा लेती थी, ताकि जीतने पर कुछ ईनामी रकम मिले और उससे अपनी जरूरतें पूरी कर सकूं। इंटर यूनिवर्सिटी से गोल्ड मेडल जीतना शुरू किया। फिर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जीत का सिलसिला जारी रहा।
यह है इनकी उपलब्धि
सुनील डबास
-2014: पद्मश्री अवार्ड
-2014: स्पोर्ट्र्स वूमेन अचीवर अवार्ड (हरियाणा)
-2012: द्रोणाचार्य अवार्ड
-2013: चौथे एशियन इंडोर एंड मार्शल आर्ट गेम्स, कोरिया में गोल्ड
-2012: प्रथम वूमेन कबड्डी वर्ल्ड कप में गोल्ड
-2010: चीन के 16वें एशियन गेम्स में गोल्ड
-2010: 11वें साउथ एशियन गेम्स में गोल्ड
-2009: तीसरे एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड
-2007: दूसरे एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड
-2006: दसवीं साउथ एशियन गेम्स में गोल्ड
-2014: स्पोर्ट्र्स वूमेन अचीवर अवार्ड (हरियाणा)
-2012: द्रोणाचार्य अवार्ड
-2013: चौथे एशियन इंडोर एंड मार्शल आर्ट गेम्स, कोरिया में गोल्ड
-2012: प्रथम वूमेन कबड्डी वर्ल्ड कप में गोल्ड
-2010: चीन के 16वें एशियन गेम्स में गोल्ड
-2010: 11वें साउथ एशियन गेम्स में गोल्ड
-2009: तीसरे एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड
-2007: दूसरे एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड
-2006: दसवीं साउथ एशियन गेम्स में गोल्ड