रिटायरमेंट के बाद सोचा-चलो कुछ करते हैं और बन गए जनसेवा की मिसाल
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रिटायरमेंट के बाद कुछ करने की सोची और आज सबके लिए मिसाल बन गए हैं हमीरपुर के जीसी शर्मा। छोटी सी शुरुआत ने आज बड़ा कारवां खड़ा कर दिया है। एनवाईके के जिला को-ऑर्डिनटर के पद से रिटायर जीसी शर्मा ने जनसेवा का बीड़ा उठाया है।
साल 1999 में उन्होंने दोस्तों के साथ मिलकर अस्पताल में मरीजों को एक कप चाय पिलाने की शुरुआत की। धीरे-धीरे कारवां बढ़ता गया और आज 5000 सदस्य इस संस्था के साथ जुड़ गए हैं। बड़ी बात यह है कि जनसेवा का यह कारवां मदद के पैसों से आगे बढ़ाया जा रहा है।
अब चाय, नाश्ते के साथ मरीजों को दो वक्त की रोटी भी मुहैया करवाई जा रही है। गर्भवती महिलाओं को दूध के साथ पौष्टिक आहार भी दिया जा रहा है। भोजन और निशुल्क शिक्षा के अलावा जरूरतमंद लोगों को दवाइयां और ऑपरेशन का सामान भी उपलब्ध करवाया जा रहा है।
गरीब परिवारों के बच्चों को भी पढ़ा रहे हैं शर्मा
निर्धन परिवारों को दवाइयां और अधिकतर दस हजार रुपये की वित्तीय सहायता की जाती है। वर्तमान में चंदे के रूप में सीनियर सिटीजन काउंसिल के पास करीब पौने दो करोड़ का बैंक में फिक्सड डिपोजिट है। जनसेवा के क्षेत्र में विस्तार के साथ ही काउंसिल ने धर्मार्थ रोगी सेवा संस्थान और बाल सेवा संस्थान एवं युवा सेवा संस्थान नाम से भी अलग-अलग इकाइयां गठित की हैं।
बाल सेवा संस्था ने वर्ष 2002-05 में निर्धन परिवारों के बच्चों को शिक्षा मुहैया करवाने का बीड़ा उठाया। संस्थान ने हमीरपुर में चार मंजिला भवन का निर्माण किया हुआ है। यहां निर्धन परिवारों के बच्चों के ठहरने की व्यवस्था है। वर्तमान में करीब 25 लड़के और लड़कियों को भी शिक्षा मुहैया करवाई जा रही है। संस्था 15 से 20 बच्चों को विभिन्न औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में व्यावसायिक शिक्षा प्रदान करवा कर रही है।
यह हैं काउंसिल के संस्थापक सदस्य
वर्ष 1999 में विभिन्न सरकारी विभागों से सेवानिवृत्त होने के बाद 25 लोगों ने सेवा भाव से प्रेरित होकर सीनियर सिटीजन काउंसिल की स्थापना की। इस संस्था के फाउंडर चेयरमैन जीसी शर्मा, शक्ति चंद ठाकुर कार्यकारी अध्यक्ष, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोहर लाल शर्मा और बीसी दूबे, महासचिव भगवान दास, जबकि जेके सोंधी सम्मानित सदस्य के अलावा 25 कार्यकारिणी सदस्य हैं।