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डॉ. सूर्या ने बताया कैसे मिला सर्विंग डॉक्टर श्रेणी में सातवां रैंक
पंकज तन्हा/अमर उजाला, नाहन (सिरमौर)
Updated Thu, 26 May 2016 11:03 AM IST
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डॉ. सूर्या सैनी ने बताया कि नौकरी के साथ पढ़ाई जारी रखना बेहद मुश्किल कार्य था।
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युवा डॉ. सूर्या सैनी ने पीजीआईएमईआर परीक्षा की सर्विंग डॉक्टर श्रेणी में देश भर में 7वां रैंक पाया है। क्षेत्रीय अस्पताल नाहन में 4 वर्ष तक मेडिकल अफसर पद पर तैनात रहीं डॉ. सूर्या सैनी जल्द पीजीआई में अपनी सेवाएं देंगी। डॉ. सूर्या सैनी की इस उपलब्धि से परिजनों में खुशी का माहौल है। नाहन निवासी डॉ. सूर्या सैनी ने रविवार को पीजीआईएमईआर टेस्ट दिया था।
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इसमें उन्होंने सर्विंग डॉक्टर श्रेणी में देश भर में 7वां रैंक हासिल किया। दिलचस्प है कि दिसंबर 2015 में हुए राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा (नीट) में सर्विंग डॉक्टर की श्रेणी में डॉ. सूर्या ने प्रदेश भर में तीसरा स्थान हासिल किया था। वह 27 मई को आईजीएमसी शिमला में स्किन डिपार्टमेंट में उपस्थिति देने की तैयारी कर रही थीं। इसी बीच, पीजीआईएमईआर परीक्षा में बेहतर रैंक हासिल करने बाद वह अब पीजीआई में होने वाली काउंसिलिंग में भाग लेंगी।
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पहले मां-बाप, फिर सास-ससुर ने दिया साथ
‘अमर उजाला’ से बातचीत में डॉ. सूर्या सैनी ने बताया कि नौकरी के साथ पढ़ाई जारी रखना बेहद मुश्किल कार्य था। शादी हो जाने बाद तो पारिवारिक जिम्मेवारियां ज्यादा बढ़ गईं, लेकिन खुशकिस्मती रही कि शादी के बाद भी घर जैसा ही माहौल मिला। पति के साथ-साथ सास-ससुर ने भी पढ़ाई में पूरा सहयोग दिया। इसके बूते मैं इस सफलता को प्राप्त कर पाई।
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बेटी-बेटे में न किया अंतर
बेटी की इस उपलब्धि पर डॉ. सूर्या के कवि, रंगकर्मी और व्यवसायी पिता रामकुमार सैनी ने बताया कि उन्होंने कभी भी बेटे-बेटी में फर्क नहीं किया। बेटी को घर-बाहर दोनों जगह खुला माहौल दिया। सूर्या मेरा गौरव और अभिमान है। हर पिता को चाहिए कि वे बेटियों को बेटों की तरह आजादी दें। घर में जन्मी बेटी को सम्मान प्रदान करें।