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मां के संघर्ष ने दी दूसरों की जिंदगी रोशन करने की प्रेरणा

Sat, 28 May 2016 01:08 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ Updated Sat, 28 May 2016 01:08 PM IST
सार

  • बीकेटी के गांव शिवपुरी में शुरू हुई अनोखी पाठशाला
  • आठवीं पास विवाहिता भी निभा रही टीचर की भूमिका
  • शिक्षित होकर गांव से जुआं व शराब बंद कराएंगी महिलाएं

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boy teaches to illiterate women in village shivpuri bkt lucknow
कुलदीप - फोटो : amar ujala

विस्तार

कच्ची उमर में पिता का साया सिर से उठ गया। निरक्षर मां ने किसी तरह मेहनत-मजदूरी कर उसे बीए तक पहुंचाया। मां के संघर्ष और गांव में अशिक्षा के कारण महिलाओं पर होते अत्याचारों को देख उसने ठान लिया कि अब अपने शैक्षिक ज्ञान से उनकी जिंदगी भी रोशन करेगा।

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ताकि महिलाएं भी अपने अधिकारों को जान सकें और अपने साथ हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाएं। हफ्ते भर पहले शुरू हुई उसकी इस मुहिम में साथ दे रही है उसी के गांव की एक महिला। 
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वैसे तो यह महिला सिर्फ आठवीं तक पढ़ी है, लेकिन दूसरों में शिक्षा की अलख जगाने का जज्बा किसी से कम नहीं। दोनों की लगन से हफ्ते भर में ही आसपास की 50 से 60 निरक्षर महिलाएं पढ़ने के लिए उनके पास आने लगी हैं। 
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महिलाओं का कहना है कि शिक्षा प्राप्त करने के बाद वे क्षेत्र में जुएं और शराब बंदी को लेकर अभियान चलाएंगी। यह कहानी है बीकेटी के गांव शिवपुरी में रहने वाले कुलदीप कृष्ण की। कुलदीप के पिता रमेश कुमार की कई साल पहले मौत हो चुकी है।

मां रामेश्वरी ने किसी तरह कुलदीप को पढ़ाया-लिखाया। कुलदीप इस समय लखनऊ क्रिश्चियन कॉलेज में बीए तृतीय वर्ष का छात्र है। कुलदीप के और दो भाई भी हैं।

चंदा जुटा कर महिलाओं के लिए जुटा रहा है शिक्षण सामग्री

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कुलदीप - फोटो : amar ujala

मां की लगन व गांव में जुएं और शराब को लेकर हो रहे अपराधों व महिला उत्पीड़न को लेकर कुलदीप के मन में गांव की महिलाओं को शिक्षित करने की ललक जगी। 

इसके बाद गांव के सामुदायिक केंद्र में शुरू हो गई ‘कुलदीप सर’ की पाठशाला। रोजाना दोपहर 12 से 3 बजे चलने वाली पाठशाला से गांव निवासी विवाहिता लालता देवी भी टीचर के रूप जुड़ गई हैं।

इस पाठशाला में गांव की भाग्यवती, जयदेवी, शांतिदेवी, राजरानी, गुड़िया, कलावती, मंजू देवी, कैलाशा देवी, फूलमती, शिवराजा देवी, सुमन, रामश्री सहित रोजाना 50 से 60 महिलाएं पढ़ने आ रही हैं।

 यही नहीं कुलदीप गांव के जनप्रतिनिधियों से चंदा जुटा कर महिलाओं के लिए शिक्षण सामग्री जुटा रहा है। पाठशाला में आने वाली महिलाओं भी यहां आकर खुश है।

महिलाओं का कहना है कि वे पढ़-लिख कर अपने बच्चों की बेहतर परवरिश कर पाएंगी। साथ ही गांव में जुएं और शराब बंदी को लेकर मुहिम चलाएंगी।

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