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मनी गुलाटीः बोलने-सुनने में अक्षम, पर पाकिस्तान में लहराएगा परचम
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Tue, 22 Mar 2016 12:06 PM IST
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बोलने-सुनने में अक्षम रोहतक प्लेयरा मनी गुलाटी
- फोटो : अमर उजाला
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सुनने और बोलने की क्षमता नहीं होने के बाद भी क्रिकेट के जुनून ने रोहतक के मनी गुलाटी को भारतीय टीम में शामिल करा दिया। मनी ने टीम में रहते हुए उम्दा प्रदर्शन किया और अब वह अपने प्रदर्शन के सहारे ही पाकिस्तान में एशिया कप खेलने जाने वाली भारतीय मूक बधिर क्रिकेट टीम में चुना गया है। वह दुबई में हुए मूक बधिर वर्ल्ड कप में भी भारतीय टीम का हिस्सा रहा है।
रोहतक में रूपनगर के रहने वाले अशोक गुलाटी के बेटे मनी गुलाटी में भले ही सुनने और बोलने की क्षमता नहीं हो, लेकिन उसने छह साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया। वह महाराजा अग्रसेन क्रिकेट एकेडमी में प्रेक्टिस करने जाने लगा। क्रिकेट के लिए उसका जुनून ऐसा है कि वह कई-कई घंटे अकेला भी गेंद को रस्सी में बांधकर प्रेक्टिस करता रहता है। उसके प्रदर्शन को देखते हुए पहले जिले और उसके बाद प्रदेश की टीम में चयन हुआ।
उसने वर्ष 2015 में गुड़गांव में हुई टी-20 चैंपियनशिप में 22 गेंदों पर ही 66 रन बना डाले। चैंपियनशिप में उसके प्रदर्शन को देखते हुए भारतीय मूक बधिर टीम में चयन किया गया। मनी ने 7-17 मार्च तक दुबई में हुए वर्ल्ड कप में भी भारतीय टीम की तरफ से खेलकर अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन भारतीय टीम केवल एक ही मैच जीत सकी और वर्ल्ड कप से बाहर होना पड़ा।
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लेकिन अब मनी गुलाटी को फिर से भारतीय टीम के लिए खेलने का मौका दिया गया है। उसका पाकिस्तान में अप्रैल में होने वाले एशिया कप खेलने जाने वाली भारतीय मूक बधिर टीम में चयन हुआ है। मनी की इस उपलब्धि से परिवार के लोग काफी उत्साहित हैं। वहीं, पिता अशोक गुलाटी का कहना है कि उनका बेटा मनी भारत को विदेशों में जिताने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है।
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रोहतक में रूपनगर के रहने वाले अशोक गुलाटी के बेटे मनी गुलाटी में भले ही सुनने और बोलने की क्षमता नहीं हो, लेकिन उसने छह साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया। वह महाराजा अग्रसेन क्रिकेट एकेडमी में प्रेक्टिस करने जाने लगा। क्रिकेट के लिए उसका जुनून ऐसा है कि वह कई-कई घंटे अकेला भी गेंद को रस्सी में बांधकर प्रेक्टिस करता रहता है। उसके प्रदर्शन को देखते हुए पहले जिले और उसके बाद प्रदेश की टीम में चयन हुआ।
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उसने वर्ष 2015 में गुड़गांव में हुई टी-20 चैंपियनशिप में 22 गेंदों पर ही 66 रन बना डाले। चैंपियनशिप में उसके प्रदर्शन को देखते हुए भारतीय मूक बधिर टीम में चयन किया गया। मनी ने 7-17 मार्च तक दुबई में हुए वर्ल्ड कप में भी भारतीय टीम की तरफ से खेलकर अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन भारतीय टीम केवल एक ही मैच जीत सकी और वर्ल्ड कप से बाहर होना पड़ा।
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लेकिन अब मनी गुलाटी को फिर से भारतीय टीम के लिए खेलने का मौका दिया गया है। उसका पाकिस्तान में अप्रैल में होने वाले एशिया कप खेलने जाने वाली भारतीय मूक बधिर टीम में चयन हुआ है। मनी की इस उपलब्धि से परिवार के लोग काफी उत्साहित हैं। वहीं, पिता अशोक गुलाटी का कहना है कि उनका बेटा मनी भारत को विदेशों में जिताने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है।