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स्वाति वत्स: आर्मी में पहली लेफ्टिनेंट बनीं सोनीपत की बेटी

Wed, 16 Mar 2016 01:01 PM IST
भूपेंद्र धुरान/अमर उजाला, गोहाना
भूपेंद्र धुरान/अमर उजाला, गोहाना Updated Wed, 16 Mar 2016 01:01 PM IST
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लेफ्टिनेंट स्वाति वत्स - फोटो : अमर उजाला
किसी ने सच ही कहा कि उड़ान पंखों से ही नहीं हौसलों से होती है। आज लड़कियां किसी से कम नहीं हैं। ऐसा ही कर दिखाया गोहाना शहर की स्वाति वत्स ने। देश सेवा के जज्बे से लबरेज स्वाति वत्स आर्मी में लेफ्टिनेंट है। मंगलवार को घर पहुंचने पर परिजनों और गांव वालों ने इस बेटी का जोरदार स्वागत किया।
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स्वाति शर्मा बरोदा रोड स्थित गौतम नगर निवासी एडवोकेट केडी शर्मा की बेटी है। स्वाति के परिवार में उसके पिता केडी शर्मा, माता सरोज बाला, दादी गंगादेवी और उनका भाई सचिन एक साथ रहते हैं। दादा जयनारायण शर्मा हरियाणा पुलिस में डीएसपी के पद पर तैनात थे। जिनका 1995 में बीमारी के चलते स्वर्गवास हो गया था।
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दादी और माता गृहणी हैं, वहीं भाई सचिन सिविल इंजीनियरिंग का कोर्स कर रहा है। स्वाति ने 2005 में शहर के गीता विद्या मंदिर स्कूल से दसवीं परीक्षा उत्तीर्ण की और 75 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। 2007 में 12वीं कक्षा 82 प्रतिशत अंक के साथ पास की।
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इसके बाद खानपुर कलां स्थित भक्त फूल सिंह महिला मेडिकल कॉलेज से 2013 में 72 प्रतिशत अंक के साथ बीएमएस की डिग्री प्राप्त की। देश सेवा के जुनून का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि बीएमएस की डिग्री के बाद भी स्वाति लेफ्टिनेंट बनने को उत्सुक थी और आज बन गई।

बन सकती थी डॉक्टर, देश सेवा के जज्बे ने बनाया लेफ्टिनेंट

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लेफ्टिनेंट स्वाति वत्स - फोटो : अमर उजाला
नवनियुक्त लेफ्टिनेंट स्वाति वत्स ने कहा कि वह बीएमएस कर आराम से डॉक्टर की नौकरी कर सकती थी। लेकिन दादा जयनारायाण शर्मा ने सपना देखा था कि उसकी पोती एक दिन सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करेगी। दादा के सपने व देश सेवा के जज्बे ने उसे सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित किया।

आर्मी में भर्ती होने के लिए उसने दो साल की तैयारी की और बाद में इलाहाबाद, बैंगलोर और चेन्नई में सीडीएस की परीक्षा दी। तीन बार परीक्षा पास न कर पाने के बाद भी उसने हार नहीं मानी और हौसला बुलंद रखते हुए 2014 में चौथी बार सीडीएस परीक्षा देकर तीन लाख से अधिक प्रतिभागियों की श्रेणी में ऑल इंडिया लेवल पर चौथा स्थान हासिल किया।

स्वाति ने बताया कि इस सफलता में परिवार का बहुत सहयोग रहा। इसके अलावा उसके ताऊ का लड़का आकाश शर्मा भी नेवी में फ्लाइंग ऑफिसर हैं। इसके लिए 24 घंटे में 20 घंटे की ट्रेनिंग भी की।

स्वाति के पिता केडी शर्मा शहर के दिग्गज वकीलों में से हैं। उन्होंने अपनी बेटी सेना को समर्पित किया। इसके लिए उन्हें आर्मी की तरफ से गौरव अवार्ड मिला है। सोनीपत जिले से आर्मी में पहली लड़की लेफ्टिनेंट बनने पर पिता केडी शर्मा गदगद हैं। उनका कहना है कि देश के प्रत्येक घर से एक बेटी देश की सेवा करने के लिए आगे आए और सेना में भर्ती होकर अपने माता-पिता और देश का नाम रोशन करें।
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