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ऑटिज्म से हारने वालों के लिए मिसाल हैं रणवीर, लिम्का बुक में दर्ज है नाम

Sun, 03 Apr 2016 10:45 AM IST
शाहनवाज आलम/अमर उजाला, गुड़गांव
शाहनवाज आलम/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Sun, 03 Apr 2016 10:45 AM IST
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autism affected boy registered in limca book of records
ranveer

ऑटिज्म... सुना-सुना सा लग रहा है न यह शब्द। यह एक बीमारी है। अगर आपने फिल्म ‘माई नेम इज खान देखी है’ तो इस फिल्म में शाहरुख खान को ऑटिज्म होता है। यानी उम्र के हिसाब से दिमाग विकसित नहीं हो पाना।

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इसी बीमारी से सुशांत लोक स्थित स्कॉटिश हाई स्कूल में पढ़ने वाले 15 वर्षीय रणवीर भी पीड़ित हैं लेकिन वह बीमारी को मात देते हुए देश के पहले ऐसे ऑटिज्म पीड़ित गोल्फ खिलाड़ी बन गए हैं जिनका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड-2016 मेें दर्ज हो गया है। रणवीर मिसाल हैं उन सब बच्चों और उनके परिजनों के लिए जो ऐसी बीमारियों के बाद हिम्मत खो देते हैं।
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लगातार तीन वर्ष 2014 से 16 तक एशिया पैसिफिक गोल्फ मास्टर टूर्नामेंट में पदक जीतने व अन्य उपलब्धियों को देखते हुए उनका नाम इस बुक में दर्ज किया गया है।
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ऑटिज्म पीड़ित गोल्फर रणवीर देश के पहले विशेष खिलाड़ी हैं, जिन्होंने स्पेशल ओलंपिक 2015 में गोल्ड मेडल जीता था। इतनी कम उम्र में सैनी ने अपनी काबिलियत के दम पर विश्व और गोल्फ की दुनिया में न केवल भारत का नाम रोशन किया है, बल्कि एक मिसाल भी कायम की है।

लिम्का बुक के पेज नंबर 315 के मुताबिक रणवीर ने अमेरिका के लॉस एंजिलिस में हुए स्पेशल ओलंपिक के दूसरे संस्करण में दो गोल्ड मेडल के साथ वर्ल्ड समर गेम्स में भी गोल्ड मेडल जीता है।

बुक ने मार्च में सैनी को पर्सन ऑफ द ईयर की सूची में भी शामिल किया है। पिता कार्तिकेय सैनी कहते हैं रणवीर को कभी भी ये महसूस नहीं होने दिया जाता है कि वह किसी से कम है।

हर रविवार को उसका पूरा परिवार उसके साथ गोल्फ खेलता है। रणवीर के पिता की मानें तो ऑटिज्म कोई बीमारी नहीं है। अगर परिवार साथ दे तो ये बच्चे सामान्य बच्चों से भी आगे जा सकते हैं। रणवीर नौ साल का था तभी से गोल्फ खेल रहा है। ऑटिज्म कभी भी उसके खेल के आड़े नहीं आया।


रणवीर की मां बख्तावर का कहना है कि दो साल से कम उम्र ही वह ऑटिज्म का शिकार हो गया था। रणवीर को खाना बनाना, पियानो बजाना और नंबर कैलकुलेट करना पसंद है, लेकिन उनको पहचान गोल्फ ने दिलाई और उपलब्धियां रिकॉर्ड बन चुकी हैं। रणवीर किसी पर निर्भर न रहे इसलिए उसे कुकिंग और सेल्फ केयर सिखाया गया है।
 
उपलब्धियों पर एक नजर

  • 2016: लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम हुआ दर्ज
  • 2015: वर्ल्ड स्पेशल ओलंपिक में जीता गोल्ड
  • 2015: मकाऊ एशिया पैसेफिक स्पेशल ओलंपिक में जीता ब्रांज मेडल
  • 2014: मकाऊ में हुए स्पेशल ओलंपिक-एशिया पैसेफिक गोल्फ मास्टर में 01 गोल्ड मेडल
  • 2013: मकाऊ में हुए एशिया पैसेफिक गोल्फ मास्टर में 02 गोल्ड मेडल
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