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बचपन में छिना पिता का साया, भाई ने चाय बेचकर पढ़ाया, बना टॉपर
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 22 May 2016 02:58 AM IST
सार
- हालातों से लड़कर अंकित ने दर्ज कराया टॉपर्स ने नाम
- बचपन में ही छिन गया था पिता का साया, बड़े भाई ने पढ़ाया
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अंकित जैन
- फोटो : अमरउजाला
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विस्तार
महज चार महीने की उम्र में ही पिता का साया सिर से उठ गया। बड़े भाई ने घर संभाला और चाय की दुकान चलाकर छोटे भाई अंकित को पढ़ाया। अंकित ने जिले में दूसरा स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया। इससे पहले अंकित ने 10वीं में भी 10 सीजीपीए हासिल किया था।
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खुड़बुड़ा निवासी अमित जैन के छोटे भाई और एसजीआरआर तालाब के छात्र अंकित जैन ने 12वीं में 96 प्रतिशत अंकों के साथ जिले में दूसरा स्थान हासिल किया है। अंकित के पिता नरेंद्र कुमार जैन का उस वक्त निधन हो गया था, जब अंकित महज चार महीने का था।
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बावजूद इसके बड़े भाई अमित जैन ने छोटे भाई को पढ़ाया। अमित बैंड बाजार में चाय की दुकान चलाते हैं। उनकी मां ऊषा जैन गृहिणी हैं। अंकित ने बताया कि वह कामयाब इंजीनियर बनना चाहते हैं।
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रविवार को जेईई एडवांस में बैठेगा अंकित
अंकित ने जेईई मेंस परीक्षा में 150 अंक हासिल किए हैं। अब वह रविवार को जेईई एडवांस परीक्षा में शामिल होंगे। अंकित के मुताबिक घर के आर्थिक हालातों के बावजूद उन्होंने तय कर लिया था कि बड़े भाई की मेहनत को बेकार नहीं जाने देंगे।
अंकित का स्कोर कार्ड
इंगलिश : 96
फिजिक्स में : 98
कैमिस्ट्री : 95
मैथ्स में : 95
कंप्यूटर : 96
फिथ्जकल एजुकेशन : 98
अंकित के टिप्स
-स्कूल में टीचर जो समझाती है, उसे ध्यान से पढ़ो।
-दो से तीन घंटे रोजाना पढ़ने से भी परीक्षा की राह आसान हो जाती है।
-यह जरूरी है कि पढ़ाई को प्लान के हिसाब से लेकर चलें।