जब भी लोग कार खरीदने की बात करते हैं तो सबसे पहले इस बात पर चर्चा होती है कि पेट्रोल की कार लेना बेहतर है या फिर डीजल की कार खरीदना। असल में पेट्रोल के मुकाबले डीजल इंजन वाली कार की कीमत ज्यादा होती है। लेकिन कुछ लोगों को महंगी डीजल कार ज्यादा पसंद आती है। ऐसा क्यों होता है। हम इसकी जानकारी आपको इस खबर में दे रहे हैं।
महंगी होती हैं डीजल कारें
2 of 5
For Reference Only
- फोटो : Mahindra
पेट्रोल के मुकाबले डीजल कारों की कीमत काफी ज्यादा होती है। कई बार तो यह अंतर लाखों रुपये का हो जाता है। कीमत में अंतर होने के बाद भी दोनों तरह के इंजन वाली कारों की लंबाई, चौड़ाई, ऊंचाई, फीचर्स आदि भी एक जैसे होते हैं।
यह भी पढ़ें - Golden Hour Importance: सड़क हादसे के बाद गंभीर रूप से घायलों की गोल्डन ऑवर में करें मदद, बच जाएगी जान
इंजन से आता है फर्क
3 of 5
टाटा सफारी
- फोटो : tata motors
किसी भी कार के लिए इंजन काफी महत्वपूर्ण होता है। इंजन ही किसी भी कार में सबसे महंगा हिस्सा होता है। इसमें कई तरह के पार्ट होते हैं। पेट्रोल के मुकाबले डीजल इंजन ज्यादा भारी और बड़े होते हैं। ऐसे में इनकी क्षमता भी पेट्रोल के मुकाबले ज्यादा होती है। कार का साइज भले ही एक जैसा हो लेकिन इंजन के कारण कार की कीमत पर असर होता है।
यह भी पढ़ें - Car Handbrake: लंबे समय तक खड़ी रखनी हो कार, तो कभी ना लगाएं हैंडब्रेक, नहीं तो होगा बड़ा नुकसान
देते हैं ज्यादा एवरेज
4 of 5
For Reference Only
- फोटो : अमर उजाला
पेट्रोल के मुकाबले डीजल इंजन वाली कारें ज्यादा एवरेज देती हैं। इसका कारण है कि पेट्रोल के मुकाबले डीजल इंजन में ज्यादा ऊर्जा होती है। पेट्रोल के मुकाबले डीजल कम ज्वलनशील होता है, इसकी बर्निंग कैपेसिटी भी ज्यादा होती है, जिसके कारण यह इंजन में ज्यादा देर तक जलता है। ऐसा होने के कारण कार को कम ईंधन की जरूरत पड़ती है और इसी कारण डीजल इंजन का एवरेज ज्यादा होता है।
यह भी पढ़ें - Traffic Fine In India: भारत में इन पांच कारणों पर पुलिस नहीं काट सकती किसी का भी चालान, आप भी जानें
नुकसान भी करता है डीजल इंजन
5 of 5
Toyota Fortuner Leader
- फोटो : Toyota
पेट्रोल के मुकाबले डीजल इंजन ज्यादा क्षमता का होता है। इसकी लाइफ भी पेट्रोल इंजन के मुकाबले ज्यादा होती है। लेकिन इसकी यही खासियतें इसे काफी खर्चीला बना देती हैं। पेट्रोल इंजन काफी शांत होते हैं और कम प्रदूषण करते हैं। इनकी मेंटिनेंस भी कम होती है लेकिन डीजल इंजन में ज्यादा पार्ट्स होते हैं, इनका आकार बड़ा होता है और इनकी क्षमता भी ज्यादा होती है इसलिए यह प्रदूषण भी ज्यादा करते हैं। ज्यादा पार्ट्स होने के कारण इनका रखरखाव भी महंगा हो जाता है।
यह भी पढ़ें- Scorpio Classic:स्कॉर्पियो क्लासिक की ये खासियत नहीं जानते होंगे आप, जानें कैसे है पुरानी स्कॉर्पियो से अलग