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US: चीनी सप्लायर ने लगाया उत्पादन में जबरन श्रम के इस्तेमाल का आरोप, तो अमेरिका ने इन कारों का रोका आयात
Thu, 15 Feb 2024 07:50 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Thu, 15 Feb 2024 07:50 PM IST
सार
ऐसी रिपोर्टों के बाद कि एक चीनी-निर्मित कंपोनेंट ने श्रम कानूनों का उल्लंघन किया हो सकता है, जर्मन वाहन निर्माता फॉक्सवैगन ने बुधवार को एलान किया कि उसके कई मॉडलों को संयुक्त राज्य अमेरिका में एंट्री से रोक दिया गया है।
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Bentley Car
- फोटो : Bentley
विस्तार
ऐसी रिपोर्टों के बाद कि एक चीनी-निर्मित कंपोनेंट ने श्रम कानूनों का उल्लंघन किया हो सकता है, जर्मन वाहन निर्माता फॉक्सवैगन ने बुधवार को एलान किया कि उसके कई मॉडलों को संयुक्त राज्य अमेरिका में एंट्री से रोक दिया गया है।
फॉक्सवैगन के एक बयान में कहा गया है, "हम कस्टम की समस्या के कारण कुछ फॉक्सवैगन समूह के वाहनों को बंदरगाहों से डीलरों तक पहुंचाने में देरी को ठीक करने के लिए काम कर रहे हैं।"
फॉक्सवैगन के अनुसार, समस्या एक "छोटे इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट" के साथ थी, जिसे "बदला जा रहा था।"
फाइनेंशियल टाइम्स ने सबसे पहले यह रिपोर्ट जारी की और कहा कि यह कंपोनेंट, जो कथित तौर पर "पश्चिमी चीन" में बना था, अमेरिकी जबरन श्रम विरोधी कानूनों का उल्लंघन करता पाया गया था। फाइनेंशियल टाइम्स के अनुसार, पोर्श, बेंटले और ऑडी के मॉडल प्रभावित हुए थे।
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रिपोर्ट के अनुसार, फॉक्सवैगन को सप्लायर से मिलने के कारण, पार्टस की उत्पत्ति के बारे में पता नहीं था।
रिपोर्ट के अनुसार, जर्मन ऑटो समूह को एक सप्लायर ने इस मुद्दे की जानकारी दी और अमेरिकी अधिकारियों को सूचित किया।
फॉक्सवैगन ने कहा कि "वह कंपनी और सप्लाई चेन दोनों में मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोपों को बहुत गंभीरता से लेता है।"
समूह ने कहा, "जैसे ही हमें अपने सब-सप्लायर में से एक के बारे में आरोपों की जानकारी मिली, हम मामले की जांच कर रहे हैं।"
संयुक्त राज्य अमेरिका ने झिंजियांग, पश्चिमी चीन से ज्यादातर आयातों पर प्रतिबंध लगा दिया है। जब तक कि कंपनियां इस बात का सत्यापन योग्य प्रमाण नहीं देती हैं कि उत्पादन में जबरन श्रम शामिल नहीं था।
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने वर्षों से बीजिंग पर उइगरों और झिंजियांग में अन्य मुस्लिम अल्पसंख्यकों के खिलाफ क्रूर कार्रवाई का आरोप लगाया है। जिसमें जबरन श्रम और निरोध शिविर शामिल हैं। बीजिंग दुर्व्यवहार के आरोपों से इनकार करता है।
जबरन श्रम का मुद्दा फॉक्सवैगन के लिए बेहद संवेदनशील है, जो लंबे समय से अपने स्थानीय साझेदार SAIC द्वारा संचालित क्षेत्र में अपने कारखाने को लेकर सवालों से ग्रस्त रहा है।
इससे पहले बुधवार को, फॉक्सवैगन ने चीन के अशांत झिंजियांग प्रांत में अपनी गतिविधियों के भविष्य पर चर्चा कर रहा था। दैनिक समाचारपत्र हेंडलस्ब्लाट के मुताबिक टर्पन, झिंजियांग में एक टेस्ट ट्रैक बनाने के लिए जबरन श्रम का इस्तेमाल किया जा सकता है।
फॉक्सवैगन ने कहा कि उसने परियोजना के संबंध में मानवाधिकारों के उल्लंघन का कोई सबूत नहीं देखा है। लेकिन अगर कोई नई जानकारी सामने आई तो वह इसी तरह इसकी जांच करेगा।
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फॉक्सवैगन के एक बयान में कहा गया है, "हम कस्टम की समस्या के कारण कुछ फॉक्सवैगन समूह के वाहनों को बंदरगाहों से डीलरों तक पहुंचाने में देरी को ठीक करने के लिए काम कर रहे हैं।"
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फॉक्सवैगन के अनुसार, समस्या एक "छोटे इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट" के साथ थी, जिसे "बदला जा रहा था।"
फाइनेंशियल टाइम्स ने सबसे पहले यह रिपोर्ट जारी की और कहा कि यह कंपोनेंट, जो कथित तौर पर "पश्चिमी चीन" में बना था, अमेरिकी जबरन श्रम विरोधी कानूनों का उल्लंघन करता पाया गया था। फाइनेंशियल टाइम्स के अनुसार, पोर्श, बेंटले और ऑडी के मॉडल प्रभावित हुए थे।
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रिपोर्ट के अनुसार, फॉक्सवैगन को सप्लायर से मिलने के कारण, पार्टस की उत्पत्ति के बारे में पता नहीं था।
रिपोर्ट के अनुसार, जर्मन ऑटो समूह को एक सप्लायर ने इस मुद्दे की जानकारी दी और अमेरिकी अधिकारियों को सूचित किया।
फॉक्सवैगन ने कहा कि "वह कंपनी और सप्लाई चेन दोनों में मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोपों को बहुत गंभीरता से लेता है।"
समूह ने कहा, "जैसे ही हमें अपने सब-सप्लायर में से एक के बारे में आरोपों की जानकारी मिली, हम मामले की जांच कर रहे हैं।"
संयुक्त राज्य अमेरिका ने झिंजियांग, पश्चिमी चीन से ज्यादातर आयातों पर प्रतिबंध लगा दिया है। जब तक कि कंपनियां इस बात का सत्यापन योग्य प्रमाण नहीं देती हैं कि उत्पादन में जबरन श्रम शामिल नहीं था।
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने वर्षों से बीजिंग पर उइगरों और झिंजियांग में अन्य मुस्लिम अल्पसंख्यकों के खिलाफ क्रूर कार्रवाई का आरोप लगाया है। जिसमें जबरन श्रम और निरोध शिविर शामिल हैं। बीजिंग दुर्व्यवहार के आरोपों से इनकार करता है।
जबरन श्रम का मुद्दा फॉक्सवैगन के लिए बेहद संवेदनशील है, जो लंबे समय से अपने स्थानीय साझेदार SAIC द्वारा संचालित क्षेत्र में अपने कारखाने को लेकर सवालों से ग्रस्त रहा है।
इससे पहले बुधवार को, फॉक्सवैगन ने चीन के अशांत झिंजियांग प्रांत में अपनी गतिविधियों के भविष्य पर चर्चा कर रहा था। दैनिक समाचारपत्र हेंडलस्ब्लाट के मुताबिक टर्पन, झिंजियांग में एक टेस्ट ट्रैक बनाने के लिए जबरन श्रम का इस्तेमाल किया जा सकता है।
फॉक्सवैगन ने कहा कि उसने परियोजना के संबंध में मानवाधिकारों के उल्लंघन का कोई सबूत नहीं देखा है। लेकिन अगर कोई नई जानकारी सामने आई तो वह इसी तरह इसकी जांच करेगा।