India's First Hydrogen Bus: देश की पहली ग्रीन हाइड्रोजन फ्यूल सेल बस लॉन्च, हरदीप सिंह पुरी ने दिखाई हरी झंडी
केंद्रीय पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने देश में हरित हाइड्रोजन उत्पादन और इस्तेमाल को बढ़ावा देने की मंत्रालय की पहल के तहत सोमवार को दिल्ली में पहली ग्रीन हाइड्रोजन ईंधन सेल बस लॉन्च की।
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केंद्रीय मंत्री ने दिल्ली के कर्तव्य पथ पर देश की पहली ग्रीन हाइड्रोजन फ्यूल सेल बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने बताया कि सरकार जल्द ही दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में 15 और फ्यूल सेल बसें चलाने की योजना बना रही है। उन्होंने बताया कि हाइड्रोजन को फ्यूचर का फ्यूल माना जाता है, जिसमें भारत को डीकार्बोनाइजेशन टार्गेट को पूरा करने में मदद करने की आपार क्षमता है और 2050 तक हाइड्रोजन की ग्लोबल मांग चार से सात गुना बढ़कर 500-800 मिलियन टन होने की उम्मीद है।
भारत का भविष्य
भविष्य का ईंधन
The future of India celebrates the fuel of the future!
Joined by enthusiastic school children at the flag-off of First Green Hydrogen Fuel Cell Bus!@narendramodi @PMOIndia @IndianOilcl @PetroleumMin @nitin_gadkari @ianuragthakur @Rameswar_Teli pic.twitter.com/RPqn2fJ8TAविज्ञापन विज्ञापन— Hardeep Singh Puri (@HardeepSPuri) September 25, 2023
पुरी ने कहा, "ग्रीन हाइड्रोजन से चलने वाली यह बस देश में शहरी परिवहन का चेहरा बदलने जा रही है। मैं इस परियोजना की बारीकी से निगरानी करूंगा और राष्ट्रीय महत्व की इस परियोजना को सफलतापूर्वक निष्पादित करने के लिए आप सभी को शुभकामनाएं देता हूं।"
ग्रीन हाइड्रोजन बस एक शून्य-उत्सर्जन वाहन है जो बस को चलाने के लिए बिजली का उत्पादन करने के लिए हाइड्रोजन और वायु का इस्तेमाल करता है, जिसमें सिर्फ पानी का उत्सर्जन होता है। हाइड्रोजन का प्रयोग ईंधन सेल के लिए ईंधन के रूप में किया जा सकता है। इलेक्ट्रोकेमिकल प्रतिक्रिया एनोड पर फ्यूल (हाइड्रोजन) और कैथोड पर हवा से ऑक्सीजन को पानी में बदलती है और इलेक्ट्रॉनों के रूप में विद्युत ऊर्जा पैदा करती है। बैटरी वाहनों की तुलना में फ्यूल सेल वाहनों में लंबी दूरी और कम ईंधन भरने की जरूरत होती है।
इंडियन ऑयल ने दिल्ली हरियाणा और उत्तर प्रदेश में निर्धारित रास्तों पर ग्रीन हाइड्रोजन फ्यूल से चलने वाली 15 फ्यूल सेल बसों के परिचालन परीक्षण की शुरुआत करने की पहल की है। दिल्ली के इंडिया गेट से सबसे पहले दो फ्यूल सेल बसों का शुभारंभ किया जा रहा है। इंडियन ऑयल ने आरएंडडी फरीदाबाद परिसर में एक अत्याधुनिक वितरण सुविधा भी स्थापित की है जो सौर पीवी पैनलों का इस्तेमाल करते हुए इलेक्ट्रोलिसिस से प्रोड्यूस ग्रीन हाइड्रोजन को फ्यूल दे सकती है।