NCAP Crash Test: अब भारत में ही मिलेगी कारों को सुरक्षा रेटिंग, जानें कब से होगी शुरुआत
अब जल्द ही भारत में भी कारों की सुरक्षा के लिए टेस्ट की शुरुआत होगी। भारत एनसीएपी की शुरुआत कब से होगी और इससे क्या फायदा मिलेगा। आइए जानते हैं।
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कारों की सुरक्षा के लिए अब तक कारों को विदेशी संस्थाओं की ओर से टेस्ट किया जाता था। लेकिन अब भारत में जल्द ही टेस्टिंग शुरू हो जाएगी। हम इस खबर में आपको बता रहे हैं कि भारत एनसीएपी की शुरुआत कब से हो रही है और इससे ग्राहकों को किस तरह से फायदा होगा।
कब होगी शुरुआत
केंद्र सरकार की ओर से इसकी शुरुआत 22 अगस्त 2023 से होगी। केंद्रीय सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी इसकी शुरुआत करेंगे। इस प्रोग्राम में 3.5 टन तक के मोटर वाहनों के टेस्ट होंगे, जिससे इनकी सुरक्षा की जानकारी मिल पाएगी।
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ऐसे मिलेगी रेटिंग
भारत एनसीएपी की शुरुआत होने के बाद वाहन निर्माता अपनी मर्जी से एआईएस 197 के अनुसार टेस्ट के लिए अपने वाहन भेज सकते हैं। टेस्ट के दौरान जिस कार का जैसा प्रदर्शन रहेगा, उसके मुताबिक ही उसे रेटिंग मिलेगी। भारत एनसीएपी व्यस्क और छोटे बच्चों की सुरक्षा के मुताबिक रेटिंग देगा।
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ग्राहकों को होगा फायदा
अभी तक सिर्फ कुछ कंपनियों के ही सीमित वाहनों की ही टेस्टिंग हो पाती थी। जिसके कारण ग्राहकों को इस बात की जानकारी नहीं मिल पाती थी कि जिस कार को वह खरीद रहे हैं वह कितनी सुरक्षित है। लेकिन अब भारत एनसीएपी की शुरुआत के बाद देश में ही सभी कंपनियों के सभी मॉडल्स की टेस्टिंग हो पाएगी और ग्राहकों को अपनी पसंद की कार की सुरक्षा की जानकारी भी मिल पाएगी।
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भारतीयों को पसंद हैं सुरक्षित कारें
विदेशों में होने वाले क्रैश टेस्ट की जानकारी मिलने के बाद अब कई भारतीय अपने लिए कार खरीदना पसंद करते हैं। कई बार कार खरीदने से पहले ग्राहक इस बात को भी वरीयता देते हैं कि क्रैश टेस्ट में कौन सी कार की क्या रेटिंग है। ऐसे में कई कंपनियों की कुछ कारों की बिक्री भारत में काफी बढ़ी है।
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