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Nitin Gadkari: क्या सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा मुफ्त कैशलेस उपचार? केंद्रीय परिवहन मंत्री ने दी जानकारी
Thu, 01 Aug 2024 06:09 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Thu, 01 Aug 2024 06:09 PM IST
सार
भारत में सड़क दुर्घटनाओं में घायल हुए लोग जल्द ही केंद्र द्वारा दी जाने वाली कैशलेस उपचार सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
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Nitin Gadkari
- फोटो : ANI
विस्तार
भारत में सड़क दुर्घटनाओं में घायल हुए लोग जल्द ही केंद्र द्वारा दी जाने वाली कैशलेस उपचार सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने की योजना चंडीगढ़ और असम में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू की गई है। मंत्री ने संसद को बताया कि इस योजना में सड़क दुर्घटना के पीड़ितों के उपचार को शामिल किया जाएगा। चाहे वह किसी भी तरह की सड़क पर हुई हो।
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केंद्र ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) के सहयोग से भारत में सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस उपचार परियोजना शुरू की है। इस परियोजना की घोषणा इस साल मार्च में की गई थी। इसका मकसद हर साल सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वालों की ज्यादा से ज्यादा जान बचाना है। भारत इस समय सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक मौतों वाले देशों में शीर्ष पर है। भारत में 2022 में सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 1.68 लाख लोगों की मौत हुई।
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गुरुवार को राज्यसभा में एक लिखित जवाब में, नितिन गडकरी ने कहा, "इस योजना के तहत, पात्र पीड़ितों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री-जन आरोग्य योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज किया जाता है। इसमें दुर्घटना की तारीख से अधिकतम 7 दिनों की अवधि के लिए अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक के ट्रॉमा और पॉलीट्रॉमा देखभाल से संबंधित स्वास्थ्य लाभ पैकेज दिए जाते हैं।" भारत में सड़क दुर्घटनाओं के शिकार अक्सर दुर्घटना के बाद शुरुआती चरण के दौरान अनदेखी से या अस्पताल में भर्ती नहीं होने के कारण मर जाते हैं। पीड़ित के लिए दुर्घटना के बाद के शुरुआती समय को गोल्डन ऑवर भी कहा जाता है।
मोटर वाहन अधिनियम की धारा 164बी के तहत कैशलेस उपचार की लागत मोटर वाहन दुर्घटना कोष द्वारा प्रदान की जाएगी। एनएचए पूरे भारत में इस योजना को लागू करने के लिए जिम्मेदार होगा। यह स्थानीय पुलिस, अस्पतालों, स्वास्थ्य एजेंसियों और सामान्य बीमा परिषद सहित विभिन्न हितधारकों के साथ समन्वय करेगा। एनएचए डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करेगा। जिसमें योजना के लिए आवेदन करने के लिए दुर्घटना पर एक विस्तृत रिपोर्ट होगी।
2022 में भारत में 4.61 लाख से ज़्यादा सड़क दुर्घटनाएं हुईं। जिनमें 1.68 लाख से ज्यादा लोगों की जान चली गई और 4.43 लाख लोग घायल हुए। केंद्र ने हाल ही में कहा है कि उसका लक्ष्य 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं की संख्या को आधा करना है।