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Traffic Rules and Fine: अपनी गाड़ी या नेमप्लेट पर कुछ लिखने पर लग सकता है तगड़ा जुर्माना, जानें नियम
Tue, 15 Oct 2024 07:56 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Tue, 15 Oct 2024 07:56 PM IST
सार
नए ट्रैफिक नियमों को सख्ती से लागू किया जा रहा है, और इनमें वाहनों पर अनुचित शब्द, नारे लिखने या प्रतीक प्रदर्शित करने के लिए जुर्माना शामिल है।
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ट्रैफिक पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नए ट्रैफिक नियमों को सख्ती से लागू किया जा रहा है, और इनमें वाहनों पर अनुचित शब्द, नारे लिखने या प्रतीक प्रदर्शित करने के लिए जुर्माना शामिल है। चाहे वह कोई कोट (उद्धरण) हो, जाति-संबंधी वाक्यांश हों या सजावटी नेमप्लेट (नामपट्टिकाएं) हों। आपको ये ट्रेंडी और बिना कोई नुकसान वाला लग सकता हैं। लेकिन अब इनके नतीजे के रूप में आप दंड के भागी बन सकते हैं। यहां आपको भारत में इन ट्रैफिक नियमों के बारे में बता रहे हैं।
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वाहनों पर लिखना: एक ऐसा चलन जो आपको महंगा पड़ सकता है
वाहनों के पीछे व्यक्तिगत उद्धरण, कविताएं, नारे या यहां तक कि जाति-संबंधी वाक्यांश लिखना एक आम बात हो गई है। कुछ वाहन मालिक अपनी नंबर प्लेट को कस्टमाइज कराते हैं, इतना ही नहीं वे इसमें नाम या प्रतीक तक जोड़ देते हैं। हालांकि, मोटर वाहन अधिनियम के तहत, इसे अवैध माना जाता है। इन कानूनों से अनजान होने की बात कह कर बच नहीं सकते हैं। और आपको इन तथाकथित हानिरहित कस्टमाइजेशन के लिए भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।
वाहनों के पीछे व्यक्तिगत उद्धरण, कविताएं, नारे या यहां तक कि जाति-संबंधी वाक्यांश लिखना एक आम बात हो गई है। कुछ वाहन मालिक अपनी नंबर प्लेट को कस्टमाइज कराते हैं, इतना ही नहीं वे इसमें नाम या प्रतीक तक जोड़ देते हैं। हालांकि, मोटर वाहन अधिनियम के तहत, इसे अवैध माना जाता है। इन कानूनों से अनजान होने की बात कह कर बच नहीं सकते हैं। और आपको इन तथाकथित हानिरहित कस्टमाइजेशन के लिए भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।
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अनुचित लेखन पर सख्त नियम
मोटर वाहन अधिनियम 1988 के अनुसार, अपनी कार, बाइक या यहां तक कि व्यावसायिक वाहनों पर कुछ भी अनुचित लिखना कानून का सीधा उल्लंघन है। उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में ट्रैफिक पुलिस ने कविता, जाति के नाम या भड़काऊ नारे लगाने वाले वाहनों पर जुर्माना लगाना शुरू कर दिया है। जुर्माने सख्ती से लगाए जा रहे हैं। वाहनों को पर्सनलाइज करने का यह चलन आपको जल्दी ही मुसीबत में डाल सकता है।
मोटर वाहन अधिनियम 1988 के अनुसार, अपनी कार, बाइक या यहां तक कि व्यावसायिक वाहनों पर कुछ भी अनुचित लिखना कानून का सीधा उल्लंघन है। उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में ट्रैफिक पुलिस ने कविता, जाति के नाम या भड़काऊ नारे लगाने वाले वाहनों पर जुर्माना लगाना शुरू कर दिया है। जुर्माने सख्ती से लगाए जा रहे हैं। वाहनों को पर्सनलाइज करने का यह चलन आपको जल्दी ही मुसीबत में डाल सकता है।
नियम और जुर्माना क्या हैं?
मोटर वाहन अधिनियम, 1988, व्यक्तिगत या व्यावसायिक वाहनों पर आपत्तिजनक या अनुचित शब्दों को प्रदर्शित करने पर साफ तौर पर प्रतिबंध लगाता है।
मोटर वाहन अधिनियम, 1988, व्यक्तिगत या व्यावसायिक वाहनों पर आपत्तिजनक या अनुचित शब्दों को प्रदर्शित करने पर साफ तौर पर प्रतिबंध लगाता है।
क्या है कानून
- जाति या धर्म से संबंधित नारे लिखना, स्टिकर लगाना या चित्र प्रदर्शित करना अवैध माना जाता है।
- उल्लंघन करने वालों को ऐसी हरकतों के लिए 1,000 रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है।
- 2023 में हाल ही में किए गए संशोधनों के बाद, दंड और भी सख्त हो गए हैं। नंबर प्लेट या वाहनों पर जाति या धार्मिक शब्द लिखने पर अब 5,000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। जिसका मकसद सड़क पर जाति और धार्मिक भेदभाव को रोकना है।
अपने वाहन पर कोई रचनात्मक नारा या कस्टमाइज्ड नेमप्लेट लगाने से पहले दो बार सोचें। भारत में नए ट्रैफिक नियम एकता को बढ़ावा देने और भेदभाव को रोकने के लिए बनाए गए हैं। जिनका पालन न करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। इन सरल नियमों का पालन करने से न सिर्फ आपका बटुआ सुरक्षित रहेगा। बल्कि सुरक्षित, अधिक विनियमित सड़कें बनाने में भी मदद मिलेगी।